पंजाब के गढ़दीवाला क्षेत्र के डफर गांव में वॉलीबॉल खेलकर घर लौट रहे युवकों पर गोली चलाने का मामला सामने आया है। सरपंच के बेटे जग्गी पर फायरिंग का आरोप है। पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
गढ़दीवाला: पंजाब के होशियारपुर जिले में वॉलीबॉल खेलकर लौट रहे युवकों पर फायरिंग का मामला सामने आया है। डफर गांव में सरपंच के बेटे पर युवकों की कार रोककर पिस्तौल से गोली चलाने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पहले हवा में फायर किया गया और जब युवक भागने लगे तो उनके पीछे भी गोली चलाई गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
वॉलीबॉल खेलने से रोकने पर शुरू हुआ था विवाद
गढ़दीवाला थाना क्षेत्र के डफर गांव में वॉलीबॉल खेलने को लेकर शुरू हुआ विवाद शाम होते-होते फायरिंग के आरोप तक पहुंच गया। गांव के रहने वाले जसनूर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मंगलवार दोपहर वह अपने दोस्त मिक्की और अन्य साथियों के साथ गांव के खेल मैदान में गया था।
सभी युवक वहां वॉलीबॉल खेल रहे थे। इसी दौरान गांव के सरपंच महेंद्र पाल सिंह का बेटा जग्गी अपने कुछ साथियों के साथ मैदान में पहुंचा। शिकायत के मुताबिक, उसके साथ लव जोगा, बलकार और मनदीप सिंह भी मौजूद थे।
जसनूर का आरोप है कि जग्गी और उसके साथ आए युवकों ने उन्हें वॉलीबॉल खेलने से रोक दिया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। इसके बाद जग्गी वहां से अपने घर चला गया।
जसनूर और उसके साथियों ने पुलिस को बताया कि वे बाद में खेल मैदान से निकलकर अपने घर लौट रहे थे। उन्हें अंदाजा नहीं था कि रास्ते में दोबारा उनका सामना जग्गी से होगा।
सरपंच के घर के पास कार रोकी, फिर गोली चलाने का आरोप
शिकायतकर्ता जसनूर सिंह के अनुसार, मंगलवार शाम करीब सात बजे वह अपने दोस्तों के साथ कार से घर लौट रहा था। जब उनकी कार गांव के सरपंच महेंद्र पाल सिंह के घर के पास पहुंची, तो जग्गी पहले से वहां मौजूद था।
आरोप है कि जग्गी कार के सामने खड़ा हो गया और युवकों का रास्ता रोक लिया। कार रुकने के बाद जसनूर बाहर निकला। इसी दौरान जग्गी ने कथित तौर पर अपनी पिस्तौल निकालकर हवा में फायर कर दिया।
अचानक गोली चलने से युवक घबरा गए। जसनूर के मुताबिक, सभी अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागने लगे। आरोप है कि इसके बाद भी जग्गी नहीं रुका और भाग रहे युवकों की तरफ गोली चला दी।
युवकों ने किसी तरह मौके से निकलकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद जसनूर ने पुलिस से शिकायत की और पूरे मामले की जानकारी दी।
पुलिस को दिए बयान में उन्होंने खेल मैदान पर हुए विवाद और बाद में रास्ता रोककर फायरिंग किए जाने का आरोप लगाया है। फिलहाल यह जानकारी सामने नहीं आई है कि घटना में किसी युवक को गोली लगी हो।
पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया मामला
जसनूर सिंह की शिकायत मिलने के बाद थाना गढ़दीवाला पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। सरपंच महेंद्र पाल सिंह के बेटे जग्गी सहित कुल छह आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, शिकायत में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनकी तलाश की जा रही है। खबर लिखे जाने तक सभी आरोपी फरार बताए गए थे।
पुलिस अब घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है। शिकायतकर्ता ने जिन लोगों पर आरोप लगाए हैं, उनकी भूमिका और फायरिंग से जुड़ी जानकारी की पुष्टि जांच के दौरान की जाएगी।
इस मामले में शिकायतकर्ता जसनूर सिंह का बयान दर्ज किया गया है। पुलिस की ओर से अभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी गई है।
यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि जिस पिस्तौल से गोली चलाने का आरोप है, वह लाइसेंसी थी या अवैध। हथियार से जुड़ी जानकारी जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
खेल मैदान से शुरू हुए विवाद की जांच में जुटी पुलिस
इस घटना में सबसे अहम सवाल यह है कि वॉलीबॉल खेलने को लेकर शुरू हुई कहासुनी फायरिंग के आरोप तक कैसे पहुंची। शिकायतकर्ता के मुताबिक, पहले युवकों को खेल मैदान में खेलने से रोका गया और बाद में घर लौटते समय उनका रास्ता रोक लिया गया।
पुलिस के सामने अब दोनों घटनाओं के बीच की कड़ी स्पष्ट करने की चुनौती है। खेल मैदान पर मौजूद लोगों और घटना के समय आसपास रहे व्यक्तियों के बयानों से मामले की जानकारी मिल सकती है।
फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि घटना में किसकी क्या भूमिका रही।
सरपंच के बेटे का नाम सामने आने के कारण यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा में है। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि उस पर लगाए गए आरोप साबित हो गए हैं। इसका फैसला पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।
गढ़दीवाला पुलिस की अगली कार्रवाई पर अब नजर रहेगी। शिकायतकर्ता ने फायरिंग कर जान को खतरे में डालने का आरोप लगाया है, जबकि आरोपियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है।







