सुबह खाली पेट लौकी का जूस पीने को कई लोग वजन घटाने और शुगर कम करने का आसान तरीका मानते हैं। लौकी में पानी और कुछ जरूरी पोषक तत्व होते हैं, लेकिन इसका जूस हर बीमारी में फायदा पहुंचाए, यह जरूरी नहीं। जानिए डॉक्टरों की सलाह और इससे जुड़ी सावधानियां।
Bottle Gourd Juice Benefits: सुबह-सुबह लौकी का जूस पीने वालों की कमी नहीं है। किसी को लगता है कि इससे पेट की चर्बी कम होगी, तो कोई डायबिटीज और बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल से राहत पाने के लिए इसे पीता है। कई घरों में तो बड़े-बुजुर्ग भी सुबह लौकी का रस पीने की सलाह देते हैं। लौकी सेहत के लिए अच्छी सब्जी मानी जाती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि रोज इसका कच्चा जूस पीने से हर परेशानी दूर हो जाएगी। खासकर वजन और शुगर को लेकर इसके बारे में कई बातें कही जाती हैं। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि लौकी के जूस से शरीर को क्या मिलता है और इसे पीते समय कहां सावधानी बरतनी चाहिए।
लौकी के जूस में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं?
लौकी की सब्जी घरों में अक्सर बनती रहती है। गर्मी के मौसम में तो इसे और भी ज्यादा खाया जाता है। लौकी में पानी भरपूर होता है और कैलोरी कम होती है। इसमें पोटैशियम और विटामिन सी भी मिलता है। यही वजह है कि हल्का खाना पसंद करने वाले लोग लौकी को अपनी थाली में जगह देते हैं।
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लेकिन लौकी की सब्जी खाने और उसका जूस पीने से शरीर को एक जैसे फायदे नहीं मिलते। जूस बनाने के बाद जब उसे छाना जाता है, तो लौकी का गूदा अलग हो जाता है। इसी गूदे के साथ कुछ फाइबर भी निकल जाता है। वहीं सब्जी खाने पर गूदा भी पेट में जाता है, जिससे शरीर को फाइबर मिल पाता है।
क्या लौकी का जूस पीने से पेट की चर्बी कम होती है?
वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोग अक्सर सुबह खाली पेट लौकी का जूस पीना शुरू कर देते हैं। उन्हें उम्मीद रहती है कि कुछ ही दिनों में वजन कम होने लगेगा। दरअसल, लौकी में कैलोरी कम होती है। अगर कोई व्यक्ति मीठे शरबत या ज्यादा चीनी वाले पेय की जगह बिना चीनी का लौकी का जूस लेता है, तो उसकी रोज की कैलोरी कुछ कम हो सकती है।
लेकिन इससे यह नहीं समझना चाहिए कि लौकी का जूस सीधे शरीर की चर्बी गलाने का काम करता है। वजन कम करने के लिए दिनभर में कितना और कैसा खाना खाया जा रहा है, यह ज्यादा मायने रखता है। इसके साथ रोज चलना-फिरना, कसरत करना और पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है।
कई लोग जल्दी वजन घटाने के लिए सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं और केवल एक गिलास जूस पीकर काम पर निकल जाते हैं। ऐसा करने से पेट कुछ देर भरा हुआ लग सकता है, लेकिन शरीर को नाश्ते से मिलने वाले प्रोटीन और दूसरे पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाते। इसलिए वजन कम करना है तो केवल जूस पर निर्भर रहने के बजाय पूरे खानपान पर ध्यान देना बेहतर होगा।
डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल में कितना फायदा मिलता है?
शुगर के मरीजों में भी लौकी का जूस पीने का चलन काफी है। कई लोग सुबह उठते ही एक गिलास जूस पी लेते हैं। उन्हें लगता है कि ऐसा करने से शुगर नहीं बढ़ेगी। लेकिन सिर्फ लौकी का जूस पीने से डायबिटीज ठीक हो सकती है, इसका कोई पक्का सबूत नहीं मिला है। इस पर अभी और रिसर्च की जरूरत है।
साल 2014 में लौकी के जूस को लेकर एक अध्ययन किया गया था। इसमें शामिल लोगों को तीन महीने तक हर सुबह 200 मिलीलीटर ताजा लौकी का जूस पिलाया गया। जूस ऐसी लौकी से तैयार किया गया था, जिसका स्वाद कड़वा नहीं था। अध्ययन पूरा होने पर कुछ लोगों की ब्लड शुगर में कमी देखी गई। साथ ही कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर में भी सुधार मिला। हालांकि, इतने भर से यह नहीं कहा जा सकता कि लौकी का जूस सभी डायबिटीज मरीजों को एक जैसा फायदा पहुंचाएगा।
पेट के लिए लौकी की सब्जी खाएं या जूस पिएं?
पेट खराब होने या कब्ज की परेशानी में घर के बड़े अक्सर हल्का खाना खाने को कहते हैं। ऐसे में लौकी की सब्जी भी बनाई जाती है। इसमें पानी काफी होता है और इसे कम तेल-मसाले में आसानी से पकाया जा सकता है।
लेकिन जब बात पाचन की आती है, तो केवल पानी ही काफी नहीं होता। खाने में फाइबर होना भी जरूरी है। फाइबर मल त्याग को सामान्य रखने में मदद करता है। लौकी का जूस निकालने के बाद जब उसे छाना जाता है, तो गूदे के साथ काफी फाइबर भी अलग हो जाता है।
वहीं लौकी की सब्जी खाने पर उसका गूदा भी पेट में जाता है। इसलिए कब्ज से परेशान लोगों के लिए सब्जी खाना बेहतर विकल्प हो सकता है। हालांकि, केवल लौकी खाने से हर तरह की पेट की परेशानी दूर नहीं होती।
अगर अक्सर कब्ज रहती है, तो खाने में दाल, हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज भी शामिल करने चाहिए। दिनभर में पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। लौकी का जूस शरीर को कुछ तरल जरूर देता है, लेकिन इसके लिए सादा पानी पीना सबसे आसान तरीका है।
जिन लोगों को किडनी, शुगर या पेट से जुड़ी कोई पुरानी बीमारी है, उन्हें रोज लौकी का जूस पीने की आदत शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए।
कड़वी लौकी का जूस पीने से बिगड़ सकती है तबीयत
लौकी का जूस बनाते समय उसकी कड़वाहट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार बाजार से लाई गई लौकी बाहर से बिल्कुल अच्छी दिखाई देती है, लेकिन काटने पर उसका स्वाद बहुत कड़वा निकलता है। ऐसी लौकी को खाने या उसका जूस पीने से बचना चाहिए।
दरअसल, लौकी में कभी-कभी कुकुर्बिटासिन नाम के प्राकृतिक जहरीले तत्व ज्यादा मात्रा में बन जाते हैं। इनके कारण लौकी का स्वाद सामान्य से कहीं अधिक कड़वा हो जाता है। ऐसी लौकी का जूस पीने से शरीर में गंभीर प्रतिक्रिया हो सकती है।
मेडिकल रिपोर्ट में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें कड़वी लौकी का रस पीने के बाद लोगों को तेज पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत हुई। कुछ मरीजों में खून की उल्टी और ब्लड प्रेशर गिरने जैसी गंभीर समस्याएं भी देखी गई हैं।
इससे बचने के लिए जूस बनाने से पहले लौकी का एक बहुत छोटा टुकड़ा चखकर उसकी कड़वाहट जांचनी चाहिए। स्वाद असामान्य रूप से कड़वा लगे, तो उसे तुरंत थूक दें और पूरी लौकी फेंक दें।











