पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आम आदमी पार्टी में गिल सीट को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को यहां से उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल पार्टी ने इस सीट पर किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।
लुधियाना: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए आम आदमी पार्टी ने उम्मीदवारों के नाम घोषित करने शुरू कर दिए हैं। इसी बीच लुधियाना की गिल विधानसभा सीट से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के चुनाव लड़ने की चर्चा सामने आई है। यहां से अभी जीवन सिंह संगोवाल विधायक हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी इस सीट पर उम्मीदवार बदलने की संभावना देख रही है। हालांकि, चीमा के नाम पर अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है।
गिल सीट से हरपाल चीमा के नाम की चर्चा क्यों?
पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। आम आदमी पार्टी भी अलग-अलग सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय कर रही है। लुधियाना जिले की गिल विधानसभा सीट को लेकर इस समय सबसे ज्यादा चर्चा वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के नाम की हो रही है।
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चीमा अभी संगरूर जिले की दिड़बा विधानसभा सीट से विधायक हैं। वर्ष 2022 में उन्होंने इसी सीट से चुनाव जीता था। इसके बाद भगवंत मान सरकार में उन्हें वित्त विभाग की जिम्मेदारी मिली।
अब राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पार्टी उन्हें इस बार दिड़बा के बजाय लुधियाना की गिल सीट से चुनाव मैदान में उतार सकती है। हालांकि, यह अभी केवल संभावना है। आम आदमी पार्टी या हरपाल सिंह चीमा की ओर से सीट बदलने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि गिल विधानसभा क्षेत्र से पार्टी को मिलने वाली रिपोर्ट और स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए उम्मीदवार बदलने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, ऐसी किसी रिपोर्ट का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं हुआ है।
लुधियाना पंजाब का बड़ा औद्योगिक और कारोबारी जिला है। यहां शहरी क्षेत्रों के साथ बड़ी ग्रामीण आबादी भी रहती है। जिले में कुल 14 विधानसभा सीटें हैं। ऐसे में चुनाव से पहले यहां उम्मीदवारों के नाम तय करने को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ रही हैं।
मौजूदा विधायक जीवन सिंह संगोवाल को टिकट मिलेगा या नहीं?
गिल विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इस सीट से आम आदमी पार्टी के जीवन सिंह संगोवाल मौजूदा विधायक हैं। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी।
पिछले चुनाव में जीवन सिंह संगोवाल को 92,696 वोट मिले थे। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के दर्शन सिंह शिवालिक को 57,644 वोटों के अंतर से हराया था।
हालांकि, इस बार गिल सीट पर पार्टी का टिकट किसे मिलेगा, इसे लेकर स्थिति साफ नहीं है। आम आदमी पार्टी ने 31 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। इसमें गिल सीट से किसी उम्मीदवार का नाम शामिल नहीं था।
पहली सूची में जीवन सिंह संगोवाल के साथ वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का नाम भी नहीं था। इसके बाद दोनों नेताओं की अगली चुनावी भूमिका को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं।
गिल सीट पर उम्मीदवार बदलने की संभावना को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग बातें कही जा रही हैं। लेकिन पार्टी ने अब तक न तो मौजूदा विधायक का टिकट काटने की घोषणा की है और न ही चीमा को यहां से उतारने की पुष्टि की है।
ऐसे में जीवन सिंह संगोवाल को दोबारा मौका मिलेगा या पार्टी किसी नए चेहरे पर भरोसा करेगी, इसका जवाब अगली उम्मीदवार सूची आने के बाद ही मिलेगा।
लुधियाना की सात सीटों पर उम्मीदवार घोषित, बाकी पर इंतजार
आम आदमी पार्टी ने पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा शुरू कर दी है। पहली सूची में लुधियाना जिले की सात सीटों पर मौजूदा विधायकों को दोबारा उम्मीदवार बनाया गया है।
इनमें लुधियाना पूर्वी, लुधियाना पश्चिमी, लुधियाना उत्तरी, लुधियाना सेंट्रल, आत्मनगर, समराला और पायल सीटें शामिल हैं।
लुधियाना पश्चिम से संजीव अरोड़ा, लुधियाना सेंट्रल से अशोक पराशर पप्पी और लुधियाना उत्तरी से मदन लाल बग्गा को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, आत्मनगर से कुलवंत सिंह सिद्धू और लुधियाना पूर्वी से दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल को मौका मिला है।
गिल के अलावा साहनेवाल, जगरांव, रायकोट, खन्ना, लुधियाना दक्षिण और दाखा सीटों पर अभी उम्मीदवारों के नाम घोषित होने बाकी हैं।
पार्टी की अगली सूची को लेकर स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजर बनी हुई है। खासकर उन सीटों पर चर्चा ज्यादा है, जहां वर्तमान विधायकों के नाम पहली सूची में नहीं आए हैं।
हरपाल चीमा के अगले चुनावी कदम पर नजर
हरपाल सिंह चीमा पंजाब सरकार के वित्त मंत्री हैं और आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। इसलिए उनके अगले विधानसभा क्षेत्र को लेकर राजनीतिक चर्चा हो रही है।
अगर पार्टी उन्हें गिल से उम्मीदवार बनाती है, तो उन्हें दिड़बा छोड़कर लुधियाना जिले की राजनीति में उतरना होगा। हालांकि, ऐसा होगा या नहीं, इस बारे में अभी कुछ तय नहीं है।
पंजाब की 117 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 में समाप्त होना है। इसी को देखते हुए राजनीतिक दल उम्मीदवारों के चयन और चुनावी तैयारियों में जुटे हैं।








