उत्तराखंड के SIM से देशभर में साइबर ठगी का खुलासा, ऐसे जांचें अपने नाम पर जारी नंबर

त्तराखंड में जारी सिम से साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। संचार साथी पोर्टल पर अपने नाम के सभी SIM चेक करें और अनजान नंबर की शिकायत दर्ज करना सीखें।

उत्तराखंड में जारी मोबाइल सिम का देश के अलग-अलग हिस्सों में साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल होने की जानकारी सामने आई है। ऊधम सिंह नगर में 35 से ज्यादा सिम विक्रेता जांच के दायरे में आए हैं। नागरिक संचार साथी पोर्टल से अपने नाम पर जारी नंबरों की जांच कर सकते हैं।

रुद्रपुर: आपके नाम पर कितने मोबाइल सिम चल रहे हैं, इसकी जानकारी होना जरूरी है। उत्तराखंड में साइबर अपराध से जुड़ी जांच के दौरान ऐसे मोबाइल कनेक्शन सामने आए हैं, जिनका इस्तेमाल दूसरे राज्यों में ठगी के लिए किया गया। ऊधम सिंह नगर में 35 से अधिक सिम विक्रेताओं की जानकारी भी जांच एजेंसियों को मिली है। पुलिस ने लोगों से संचार साथी पोर्टल पर अपने मोबाइल कनेक्शन की जांच करने की अपील की है।

ऊधम सिंह नगर के सिम कनेक्शन से दूसरे राज्यों में साइबर ठगी

उत्तराखंड में साइबर ठगी से जुड़े मामलों की जांच के दौरान मोबाइल सिम के गलत इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियों को पता चला कि राज्य में जारी हुए कुछ मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल देश के दूसरे हिस्सों में साइबर अपराध के लिए किया गया।

उत्तराखंड के SIM से देशभर में साइबर ठगी का खुलासा, ऐसे जांचें अपने नाम पर जारी नंबर

ऊधम सिंह नगर जिले में समन्वय पोर्टल के जरिए 35 से अधिक ऐसे सिम विक्रेताओं की जानकारी मिली, जिनके यहां से जारी मोबाइल कनेक्शन साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल हुए थे। हालांकि, किसी विक्रेता से जारी सिम का अपराध में इस्तेमाल होना अपने आप में उस विक्रेता के दोषी होने का प्रमाण नहीं है। इसमें उसकी भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।

साइबर अपराधी कई बार दूसरे लोगों के पहचान पत्र का गलत इस्तेमाल करके मोबाइल सिम हासिल कर लेते हैं। जिस व्यक्ति के नाम पर सिम जारी हुआ है, उसे इसकी जानकारी तक नहीं होती। बाद में उसी नंबर से ठगी के लिए कॉल या मैसेज किए जा सकते हैं।

ऐसे मामलों में परेशानी उस व्यक्ति की भी बढ़ सकती है, जिसके दस्तावेजों से मोबाइल कनेक्शन लिया गया था। इसलिए पुलिस लोगों को समय-समय पर अपने नाम पर चल रहे मोबाइल नंबरों की जानकारी जांचने की सलाह दे रही है।

संचार साथी पोर्टल पर ऐसे देखें अपने नाम पर कितने सिम हैं

दूरसंचार विभाग ने मोबाइल कनेक्शन की जानकारी जांचने के लिए संचार साथी पोर्टल की सुविधा दी है। इस पर कोई भी मोबाइल उपभोक्ता अपने नाम पर जारी सिम की जानकारी देख सकता है।

इसके लिए सबसे पहले मोबाइल या कंप्यूटर पर www.sancharsaathi.gov.in वेबसाइट खोलनी होगी। होमपेज पर 'Know Mobile Connections in Your Name' का विकल्प मिलेगा। इसे चुनने के बाद अपना सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज करें।

इसके बाद मोबाइल पर एक OTP आएगा। उसे भरकर सत्यापन करना होगा। लॉगिन होने के बाद आपके नाम पर दर्ज मोबाइल कनेक्शन की जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी।

इस सूची को ध्यान से देखें। यदि कोई ऐसा नंबर नजर आता है, जिसे आपने कभी नहीं लिया या जिसका इस्तेमाल आप नहीं कर रहे हैं, तो पोर्टल पर उसकी रिपोर्ट की जा सकती है।

अनजान कनेक्शन के लिए 'Not My Number' और जरूरत न होने वाले कनेक्शन के लिए 'Not Required' जैसे विकल्प दिए जाते हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित टेलीकॉम कंपनी उस नंबर की जांच और दोबारा सत्यापन की प्रक्रिया शुरू करती है। जांच में गलत पाए जाने वाले कनेक्शन बंद किए जा सकते हैं।

इस पूरी प्रक्रिया के लिए किसी अनजान व्यक्ति को अपना OTP या पहचान संबंधी जानकारी देने की जरूरत नहीं है।

खोया मोबाइल और फर्जी कॉल की शिकायत भी कर सकेंगे

संचार साथी पोर्टल केवल सिम की जानकारी देखने के काम नहीं आता। यहां खोए या चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक कराने की सुविधा भी उपलब्ध है।

अगर किसी का फोन चोरी हो जाता है, तो जरूरी दस्तावेजों और जानकारी के साथ पोर्टल पर अनुरोध किया जा सकता है। सत्यापन के बाद मोबाइल को भारतीय नेटवर्क पर इस्तेमाल होने से रोकने की प्रक्रिया शुरू की जाती है।

पोर्टल पर मोबाइल के IMEI नंबर की मदद से हैंडसेट की वास्तविकता जांचने की सुविधा भी है। यह सुविधा पुराने या इस्तेमाल किए हुए मोबाइल खरीदने वालों के लिए उपयोगी हो सकती है।

इसके अलावा 'चक्षु' सुविधा के जरिए संदिग्ध कॉल और मैसेज की रिपोर्ट की जा सकती है। यदि किसी अनजान नंबर से बैंक अधिकारी, टेलीकॉम कर्मचारी या सरकारी अधिकारी बनकर कॉल आती है, तो उसकी शिकायत यहां की जा सकती है।

व्हाट्सऐप पर आने वाले संदिग्ध संदेशों और भारतीय मोबाइल नंबर दिखाकर आने वाली फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल की जानकारी देने की सुविधा भी उपलब्ध है।

STF ने लोगों को दी साइबर ठगी से बचने की सलाह

उत्तराखंड एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने लोगों से अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन की नियमित जांच करने को कहा है। उन्होंने सलाह दी कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ मोबाइल पर आने वाला OTP साझा न करें।

कई बार ठग मोबाइल नंबर बंद होने या ग्राहक सत्यापन अधूरा होने की बात कहकर लोगों को फोन करते हैं। इसके बाद वे OTP मांगते हैं या किसी लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं। ऐसे कॉल से सावधान रहने की जरूरत है।

अगर कोई खुद को टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताकर तुरंत सिम बंद होने की चेतावनी देता है, तो उसकी बात पर भरोसा करने से पहले कंपनी के आधिकारिक कस्टमर केयर से जानकारी लें।

अपना आधार कार्ड या दूसरा पहचान पत्र भी बिना जरूरत किसी अनजान व्यक्ति को न दें। नया सिम लेते समय अधिकृत विक्रेता से ही कनेक्शन लेना बेहतर है।

साइबर ठगी के कारण बैंक खाते से पैसे निकल जाएं तो तुरंत अपने बैंक को सूचना दें। इसके साथ राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं। ऑनलाइन शिकायत के लिए www.cybercrime.gov.in वेबसाइट का इस्तेमाल किया जा सकता है।

मोबाइल नंबर से जुड़ी छोटी-सी लापरवाही आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती है। इसलिए अपने नाम पर जारी सिम की जानकारी जांचना जरूरी है। अगर कोई अनजान नंबर दिखाई दे, तो उसकी रिपोर्ट जरूर करें।

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