H-1B वीजा अपॉइंटमेंट रद, भारतीय IT प्रोफेशनल्स की बढ़ी परेशानी

H-1B Visa News: भारत में H-1B वीजा अपॉइंटमेंट बड़े पैमाने पर रद किए गए हैं। लंबी देरी से भारतीय IT प्रोफेशनल्स की यात्रा, करियर और निजी योजनाएं प्रभावित

भारत में H-1B वीजा अपॉइंटमेंट रद होने से हजारों भारतीय IT प्रोफेशनल्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लंबी देरी के कारण अमेरिका यात्रा, जॉब जॉइनिंग और वीजा रिन्यूअल से जुड़ी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।

America: भारत में H-1B वीजा अपॉइंटमेंट बड़े पैमाने पर रद किए जाने से हजारों आवेदकों की परेशानी बढ़ गई है। खासकर भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स इस स्थिति से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। लंबे समय से अमेरिका में काम कर रहे या वहां जाने की तैयारी कर रहे लोगों की योजनाएं अचानक अधर में लटक गई हैं। वीजा अपॉइंटमेंट कैंसिल होने से न सिर्फ यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई हैं, बल्कि करियर और पर्सनल लाइफ से जुड़े फैसलों पर भी असर पड़ा है।

लंबा इंतजार और बढ़ती अनिश्चितता

H-1B वीजा अपॉइंटमेंट रद होने के बाद आवेदकों को अब लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। कई लोगों को उम्मीद थी कि वे तय समय पर वीजा स्टैम्पिंग कराकर अमेरिका लौट जाएंगे या नई जॉब जॉइन करेंगे, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दूतावासों में वीजा स्टैम्पिंग अपॉइंटमेंट के लिए 12 महीने तक की देरी देखने को मिल रही है। इससे आवेदकों में निराशा और मानसिक तनाव बढ़ गया है।

भारत आने की योजनाएं स्थगित कर रहे H-1B धारक

इस समस्या का असर सिर्फ नए आवेदकों तक सीमित नहीं है। अमेरिका में पहले से रह रहे भारतीय H-1B वीजा धारक भी अब भारत आने की अपनी योजनाओं को टाल रहे हैं। कई लोग अपने परिवार से मिलने या निजी कामों के लिए भारत आने वाले थे, लेकिन वीजा रिन्यूअल में हो रही देरी को देखते हुए उन्होंने यात्रा स्थगित कर दी है। उन्हें डर है कि अगर वे भारत आए और समय पर अपॉइंटमेंट नहीं मिला, तो अमेरिका वापस लौटना मुश्किल हो सकता है।

टेक कंपनियों की कर्मचारियों को खास सलाह

इस बीच अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को लेकर अहम कदम उठाया है। बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल और गूगल का प्रतिनिधित्व करने वाली आव्रजन फर्मों ने कर्मचारियों को ज्ञापन भेजकर सलाह दी है कि वे वीजा से जुड़ी नियुक्तियों के लिए फिलहाल अपने देश न जाएं। कंपनियों का मानना है कि भारत या अन्य देशों की यात्रा करने से कर्मचारियों को लंबी देरी का सामना करना पड़ सकता है।

अंतरराष्ट्रीय यात्रा से बचने की हिदायत

कई टेक कंपनियों ने साफ तौर पर कहा है कि जो कर्मचारी पहले से अमेरिका में हैं, वे अंतरराष्ट्रीय यात्रा से बचें। कंपनियों को डर है कि अगर कर्मचारी देश से बाहर गए और उनकी वीजा अपॉइंटमेंट आगे बढ़ गई, तो उनका काम और प्रोजेक्ट्स प्रभावित हो सकते हैं। एक आईटी प्रोफेशनल ने बताया कि वह भारत आया था, लेकिन यहां पहुंचते ही उसे पता चला कि उसकी वीजा अपॉइंटमेंट दिसंबर से बढ़ाकर अप्रैल कर दी गई है। इस तरह के अनुभव अब आम होते जा रहे हैं।

कर्मचारियों से धैर्य रखने की अपील

टेक कंपनियों ने अपने कर्मचारियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। कंपनियों का कहना है कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही हैं और इमिग्रेशन फर्मों तथा अमेरिकी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। कर्मचारियों को यह समझने के लिए कहा गया है कि वीजा प्रक्रिया में हो रही देरी उनके नियंत्रण से बाहर है। हालांकि, इस सलाह से कर्मचारियों की चिंता पूरी तरह कम नहीं हो पा रही है।

नियम सख्त होने से बढ़ी परेशानी

H-1B और H-4 वीजा अपॉइंटमेंट में हो रही देरी का एक बड़ा कारण हाल ही में लागू की गई सोशल मीडिया जांच नीति भी मानी जा रही है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह नई policy अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों से बचाने के लिए जरूरी थी। इस नीति के तहत वीजा आवेदकों के सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहन जांच की जा रही है, जिससे प्रक्रिया और लंबी हो गई है।

2026 और 2027 तक की अपॉइंटमेंट डेट

कई आवेदकों को अब 2026 के मध्य या अंत तक की संशोधित अपॉइंटमेंट तिथियां मिल रही हैं। कुछ मामलों में तो 2027 तक की डेट दी गई है। इससे यह साफ हो गया है कि वीजा प्रक्रिया में जल्द सुधार की उम्मीद फिलहाल कम है। इस देरी ने छात्रों, प्रोफेशनल्स और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़े फैसलों को मुश्किल बना दिया है।

भारतीय आईटी सेक्टर पर असर

H-1B वीजा भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स के लिए अमेरिका में काम करने का एक अहम जरिया है। अपॉइंटमेंट रद होने और लंबी देरी से भारतीय आईटी सेक्टर पर भी अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है। कई कंपनियों की प्रोजेक्ट प्लानिंग और ऑनसाइट डिप्लॉयमेंट रणनीति प्रभावित हो रही है। इससे भारत और अमेरिका के बीच टेक टैलेंट मूवमेंट में भी रुकावट आ सकती है।

आवेदकों के सामने बढ़ती चुनौतियां

वीजा में देरी के कारण आवेदकों को न सिर्फ आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि करियर ग्रोथ भी प्रभावित हो रही है। कई लोग नई नौकरी जॉइन नहीं कर पा रहे हैं, तो कुछ प्रमोशन या रोल चेंज के मौके गंवा रहे हैं। परिवार के साथ रहने की योजनाएं भी अधर में लटक गई हैं, जिससे मानसिक दबाव और बढ़ गया है।

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