हमीरपुर में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने पर विवाद, महिला ने JE को जड़ा थप्पड़; कर्मचारियों से बहसबाजी

हमीरपुर के उझाण गांव में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने को लेकर विवाद हो गया। महिला ने बिजली बोर्ड के JE को थप्पड़ जड़ दिया और कर्मचारियों से बहसबाजी की।
हमीरपुर में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने पर विवाद, महिला ने JE को जड़ा थप्पड़; कर्मचारियों से बहसबाजी
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हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि एक महिला ने बिजली बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता (JE) को थप्पड़ जड़ दिया। घटना के बाद मौके पर मौजूद बिजली कर्मचारियों और महिला के बीच काफी देर तक बहसबाजी होती रही। मामला जिले के उझाण गांव का बताया जा रहा है, जहां बिजली बोर्ड की टीम स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची थी।

जानकारी के अनुसार, बिजली बोर्ड के कर्मचारी गांव में घरों पर स्मार्ट मीटर लगाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान एक महिला ने मीटर लगाने का विरोध शुरू कर दिया। महिला और बिजली कर्मचारियों के बीच बातचीत धीरे-धीरे बहस में बदल गई। विवाद बढ़ने पर महिला ने कथित तौर पर JE को थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने इसका विरोध किया और दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक कहासुनी हुई।

स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर हिमाचल के हमीरपुर में पहले से ही विरोध के मामले सामने आते रहे हैं। कुछ उपभोक्ताओं की ओर से स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया, बिजली बिल और पुराने मीटरों को बदलने को लेकर आपत्ति जताई गई है। हाल में हमीरपुर शहर के गौड़ा क्षेत्र में भी स्मार्ट मीटर लगाने से इनकार करने वाले उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटे जाने का मामला सामने आया था। इसके बाद उपभोक्ता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और बिजली बोर्ड तथा मीटर लगाने वाली कंपनी के कर्मचारियों पर दबाव बनाने के आरोप लगाए थे।

गौड़ा के मामले में उपभोक्ताओं का आरोप था कि स्मार्ट मीटर लगाने से इनकार करने पर उन्हें पहले नोटिस दिए गए और बाद में बिजली कनेक्शन काट दिए गए। उपभोक्ताओं ने इसे लेकर पुलिस से शिकायत की थी। वहीं बिजली विभाग की ओर से स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर अपनी प्रक्रिया के तहत काम किए जाने की बात सामने आई थी।

स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों की नाराजगी सिर्फ हमीरपुर तक सीमित नहीं है। देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रीपेड और स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की अलग-अलग आशंकाएं सामने आती रही हैं। कुछ लोग बिजली बिल बढ़ने, रिचार्ज व्यवस्था और बिजली आपूर्ति कटने को लेकर सवाल उठाते हैं, जबकि बिजली वितरण कंपनियां स्मार्ट मीटर को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बिलिंग व्यवस्था की दिशा में कदम बताती हैं।

हमीरपुर में सामने आई ताजा घटना ने इस विवाद को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। ग्रामीण क्षेत्र में मीटर बदलने पहुंची टीम और उपभोक्ता के बीच विवाद के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं। सरकारी काम के दौरान किसी कर्मचारी के साथ मारपीट या दुर्व्यवहार की स्थिति बनने पर विभागीय स्तर पर शिकायत और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

दूसरी ओर, उपभोक्ताओं की आपत्तियों को भी सुनना जरूरी है। स्मार्ट मीटर लगाने से पहले लोगों को मीटर की कार्यप्रणाली, बिलिंग व्यवस्था, रिचार्ज प्रक्रिया और शिकायत दर्ज कराने के तरीके की स्पष्ट जानकारी देना महत्वपूर्ण है। इससे गलतफहमियों को दूर किया जा सकता है और उपभोक्ताओं तथा बिजली विभाग के कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति को टाला जा सकता है।

हमीरपुर में स्मार्ट मीटर को लेकर इससे पहले भी विरोध प्रदर्शन सामने आए हैं। कुछ स्थानों पर उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध करते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों के सामने अपनी शिकायतें रखीं। इससे पता चलता है कि स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों के बीच जागरूकता और भरोसे की जरूरत अभी भी बनी हुई है।

ताजा घटना में महिला द्वारा JE को थप्पड़ मारने के बाद मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। कर्मचारियों के साथ महिला की बहसबाजी का वीडियो या अन्य जानकारी सामने आने पर घटना को लेकर और तथ्य स्पष्ट हो सकते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार विवाद की शुरुआत स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर हुई थी।

इस घटना के बाद बिजली विभाग के सामने दोहरी चुनौती है। एक तरफ निर्धारित योजना के तहत स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरा करना है, वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ताओं की आपत्तियों और शिकायतों का समाधान भी करना है। अगर मीटर लगाने को लेकर लोगों के मन में किसी तरह की शंका है तो विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में उनकी शिकायतों का समाधान किया जाना जरूरी होगा।

फिलहाल उझाण गांव में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने को लेकर हुआ विवाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। महिला द्वारा JE को थप्पड़ मारने और इसके बाद कर्मचारियों के साथ हुई बहसबाजी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। आगे विभाग या पुलिस की ओर से कोई शिकायत अथवा कार्रवाई की जाती है या नहीं, इस पर नजर बनी हुई है।

 

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