दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने BPL और पात्र अंत्योदय परिवारों के पुराने बिजली बिलों में राहत देने के लिए योजना शुरू की है। निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले परिवारों को अधिकतम 3,600 रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि शेष पात्र बकाया माफ किया जाएगा।
नारनौल: हरियाणा में कम आय वाले परिवारों को पुराने बिजली बिलों के बकाया से राहत देने के लिए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने नई योजना शुरू की है। इसके तहत पात्र अंत्योदय परिवार निर्धारित राशि जमा करके पुराने बिजली बिलों में छूट प्राप्त कर सकते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए परिवार पहचान पत्र में सत्यापित वार्षिक आय एक लाख रुपये तक होनी चाहिए। इसके अलावा, घरेलू उपभोक्ताओं की पिछले 12 महीनों की औसत मासिक बिजली खपत 150 यूनिट तक निर्धारित की गई है।
BPL परिवारों को पुराने बिजली बिलों में मिलेगी राहत
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की बकाया बिजली बिल राहत योजना का उद्देश्य पात्र कम आय वाले परिवारों को आर्थिक राहत देना है। नारनौल के विधायक एवं पूर्व मंत्री ओम प्रकाश यादव ने गुरुवार को जारी बयान में योजना की जानकारी दी। इसके तहत निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले परिवारों को पुराने बिजली बिलों की बकाया राशि में छूट मिल सकेगी।
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योजना के अनुसार, परिवार पहचान पत्र के डेटाबेस में सत्यापित वार्षिक आय एक लाख रुपये तक दर्ज होने वाले अंत्योदय परिवार लाभ के पात्र होंगे। इसके साथ घरेलू बिजली उपभोक्ताओं की पिछले 12 महीनों की औसत मासिक खपत 150 यूनिट तक होनी चाहिए।
बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाने वाले उपभोक्ताओं और विवादित बिलों से जुड़े मामलों को भी निर्धारित नियमों के तहत शामिल किया जा सकता है। बिजली चोरी से संबंधित मामलों में भी योजना की शर्तों के अनुसार पात्रता तय होगी। इसलिए आवेदन करने से पहले उपभोक्ताओं को अपने मामले की स्थिति और निगम के नियमों की जानकारी लेनी चाहिए।
बिजली खपत के अनुसार तय होगी भुगतान की दर
योजना में उपभोक्ताओं की औसत मासिक बिजली खपत के आधार पर भुगतान की दरें निर्धारित की गई हैं। 50 यूनिट तक खपत करने वाले पात्र उपभोक्ताओं के लिए दो रुपये प्रति यूनिट की दर तय की गई है। वहीं, 51 से 100 यूनिट तक औसत खपत होने पर 2.50 रुपये प्रति यूनिट और 100 यूनिट से अधिक लेकिन 150 यूनिट तक खपत के लिए 2.75 रुपये प्रति यूनिट की दर निर्धारित की गई है।
इन दरों के आधार पर पात्र उपभोक्ताओं की देय राशि का निर्धारण किया जाएगा। योजना में पिछले 12 महीनों की मूल बकाया राशि को ध्यान में रखा जाएगा और निर्धारित भुगतान के बाद शेष पात्र बकाया माफ किया जा सकेगा।
अधिकतम 3,600 रुपये देने होंगे, खराब मीटर पर भी प्रावधान
विधायक ओम प्रकाश यादव के अनुसार, योजना के तहत पात्र परिवारों के लिए अधिकतम देय राशि 3,600 रुपये निर्धारित की गई है। यानी निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले उपभोक्ताओं को पुराने बिजली बिलों की पात्र बकाया राशि के निपटारे के लिए इससे अधिक भुगतान नहीं करना होगा। हालांकि, वास्तविक लाभ उपभोक्ता की पात्रता और संबंधित बकाया राशि पर निर्भर करेगा।
खराब मीटर वाले पात्र उपभोक्ताओं के लिए भी अलग प्रावधान किए गए हैं। ऐसे मामलों में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 40 यूनिट और शहरी क्षेत्रों के लिए 50 यूनिट प्रतिमाह खपत मानकर बिल की गणना करने का प्रावधान है। इसके लिए न्यूनतम स्वीकृत लोड एक किलोवाट माना जाएगा। योजना में मीटर बदलने की व्यवस्था भी शामिल है।
योजना का लाभ लेने से पहले पात्रता जांचें
पात्र परिवारों को सलाह दी जाती है कि वे परिवार पहचान पत्र में दर्ज वार्षिक आय, पिछले 12 महीनों की बिजली खपत और बकाया बिल की स्थिति की जांच करें। इसके बाद दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम से योजना की लागू शर्तों और भुगतान की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करें।
विधायक ने पात्र परिवारों से योजना का लाभ उठाने की अपील की है। उपभोक्ताओं को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका मामला योजना के दायरे में आता है और भुगतान करने से पहले निगम द्वारा निर्धारित राशि तथा बकाया माफी की पुष्टि कर ली गई है।









