हरियाणा में विभागों को सार्वजनिक करनी होगी जरूरी जानकारी, RTI आवेदन की जरूरत होगी कम

हरियाणा सरकार ने RTI Act की धारा 4 के तहत विभागों को जरूरी सूचनाएं वेबसाइट पर सार्वजनिक करने के निर्देश दिए। इससे सामान्य RTI आवेदनों की जरूरत घटेगी।

हरियाणा सरकार ने सभी विभागों को RTI अधिनियम की धारा 4 के तहत जरूरी सूचनाएं अपनी वेबसाइट पर स्वतः सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों को सामान्य जानकारी के लिए RTI आवेदन करने की जरूरत कम होगी।

चंडीगढ़: हरियाणा में सरकारी विभागों को अब आमजन से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं स्वतः सार्वजनिक करनी होंगी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को RTI अधिनियम की धारा 4 का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभागों को निर्धारित जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर आसानी से उपलब्ध कराने और उसे नियमित रूप से अपडेट करने को कहा गया है।

धारा 4 के तहत जानकारी सार्वजनिक करना अनिवार्य

हरियाणा सरकार के निर्देश राज्य सूचना आयोग के 22 जून 2026 के आदेश के बाद जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से 27 अगस्त को विभागों को निर्देश दिए गए, जिन्हें 1 सितंबर को सार्वजनिक किया गया। इसके तहत सभी लोक प्राधिकरणों को RTI अधिनियम की धारा 4 में निर्धारित सूचनाओं का स्वतः प्रकटीकरण सुनिश्चित करना होगा।

हरियाणा में विभागों को सार्वजनिक करनी होगी जरूरी जानकारी, RTI आवेदन की जरूरत होगी कम

धारा 4 के तहत विभागों को अपने संगठन, कार्य और अधिकारियों के अधिकार एवं दायित्वों की जानकारी सार्वजनिक करनी होती है। इसके साथ ही निर्णय लेने की प्रक्रिया, निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था, कार्य निष्पादन के मानक, नियम-कायदे, निर्देश, मैनुअल और रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी भी लोगों के लिए उपलब्ध करानी होगी। हरियाणा सरकार की वेबसाइट पर भी धारा 4 के तहत ऐसी सूचनाओं की श्रेणियां उपलब्ध हैं।

बजट से लेकर योजनाओं के लाभार्थियों तक की जानकारी

सरकारी विभागों को दस्तावेजों की श्रेणियां, जनता से परामर्श की व्यवस्था और बोर्ड, परिषदों तथा समितियों से संबंधित विवरण भी सार्वजनिक करना होगा। अधिकारियों और कर्मचारियों की निर्देशिका, उनके मासिक वेतन, बजट, प्रस्तावित खर्च और खर्च से संबंधित रिपोर्ट भी निर्धारित प्रकटीकरण के दायरे में आती हैं।

इसके अलावा सब्सिडी योजनाओं और उनके लाभार्थियों का विवरण, रियायतों, परमिट और मंजूरियों से लाभ पाने वालों की जानकारी तथा इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध सूचनाएं भी जनता के लिए उपलब्ध कराई जानी हैं। इससे नागरिकों को कई सामान्य जानकारियां सीधे विभागीय वेबसाइटों से मिल सकेंगी।

जनता को प्रभावित करने वाले फैसलों की जानकारी भी होगी सार्वजनिक

राज्य सूचना आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसी महत्वपूर्ण नीतियों और फैसलों से जुड़े प्रासंगिक तथ्य सार्वजनिक किए जाने चाहिए, जिनका सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है। प्रशासनिक या अर्ध-न्यायिक फैसलों से प्रभावित लोगों को फैसले के कारणों की जानकारी भी दी जानी है।

यदि किसी RTI आवेदन में मांगी गई सूचना विभाग की कई शाखाओं या विंग से संबंधित है, तो नामित लोक सूचना अधिकारी केवल इस आधार पर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। सरकार ने विभागों को वेबसाइटों पर अपलोड की गई सूचनाओं की समय-समय पर समीक्षा करने और जरूरत के अनुसार उन्हें अपडेट करने के निर्देश भी दिए हैं।

इस व्यवस्था का उद्देश्य RTI प्रक्रिया को खत्म करना नहीं, बल्कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और स्वतः सूचना उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करना है। हरियाणा का RTI पोर्टल अभी भी नागरिकों को विभागों और लोक प्राधिकरणों के लिए ऑनलाइन RTI आवेदन और प्रथम अपील दाखिल करने की सुविधा देता है।

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