हरियाणा में सफाईकर्मियों की हड़ताल 9 सितंबर तक बढ़ी, जॉब सिक्योरिटी प्रस्ताव ठुकराया, 30 पर कार्रवाई की तैयारी

हरियाणा में सफाई और दमकल कर्मचारियों ने सेवा सुरक्षा प्रस्ताव ठुकराकर हड़ताल 9 सितंबर तक बढ़ाई। सरकार 30 कर्मचारियों की सेवाएं खत्म करने की तैयारी में है।

हरियाणा में सफाई और दमकल कर्मचारियों ने सरकार का सेवा सुरक्षा प्रस्ताव ठुकराकर हड़ताल 9 सितंबर तक बढ़ा दी है। सरकार ने 30 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर के बाद उनकी सेवाएं समाप्त करने की तैयारी शुरू कर दी है।

चंडीगढ़: हरियाणा में सफाई एवं दमकल कर्मचारियों की हड़ताल सरकार के सेवा सुरक्षा और भत्ते के प्रस्ताव के बावजूद जारी है। कर्मचारियों ने नियमितीकरण, ठेका प्रथा खत्म करने और 13 मई के समझौते को लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन 9 सितंबर तक बढ़ा दिया है। इसी बीच सरकार 30 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने की तैयारी में है।

हरियाणा में सफाईकर्मियों की हड़ताल पर सरकार का कड़ा रुख

हरियाणा में सफाई एवं दमकल कर्मचारियों की हड़ताल खत्म करने के लिए सरकार की ओर से सेवा सुरक्षा और आर्थिक लाभ का प्रस्ताव दिया गया था। कर्मचारियों को 5 सितंबर तक ड्यूटी पर लौटने की मियाद दी गई थी, लेकिन यह समयसीमा खत्म होने के बाद भी कर्मचारी काम पर नहीं लौटे।

हरियाणा में सफाईकर्मियों की हड़ताल 9 सितंबर तक बढ़ी, जॉब सिक्योरिटी प्रस्ताव ठुकराया, 30 पर कार्रवाई की तैयारी

कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल 9 सितंबर तक बढ़ा दी है। उनका कहना है कि जब तक नियमितीकरण, ठेका प्रथा खत्म करने और 13 मई को हुए समझौते को लागू करने की मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

30 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर, सेवाएं समाप्त करने की तैयारी

हड़ताल के दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों के कचरा उठाने के काम में बाधा डालने के आरोप में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अब तक 30 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें 11 नियमित और 10 अनुबंध कर्मचारी बताए गए हैं।

स्थानीय निकाय विभाग की ओर से सोमवार को इन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए जाने की संभावना है। कई निकायों में कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने के नोटिस भी दिए गए हैं। चरखी दादरी में 152, फतेहाबाद में करीब 350 और पानीपत में 36 सफाई सुपरवाइजरों को नोटिस जारी किए गए हैं।

सरकार ने 60 साल तक सेवा सुरक्षा का दिया प्रस्ताव

सरकार ने पालिका रोल पर कार्यरत 13,093 सफाई कर्मचारियों को हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लाइज (सर्विस की सुनिश्चितता) एक्ट, 2024 के दायरे में लाने का सैद्धांतिक निर्णय लिया है।

प्रस्ताव के तहत कर्मचारियों को 60 वर्ष की उम्र तक सेवा सुरक्षा देने की बात कही गई है। इसके साथ 2,000 रुपये मासिक जोखिम भत्ता, वार्षिक महंगाई भत्ता, डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी, मातृत्व अवकाश और एक्स-ग्रेशिया वित्तीय सहायता जैसे लाभ देने का प्रस्ताव है।

10 साल से अधिक सेवा वालों को 25,560 रुपये मासिक देय राशि

सरकार के प्रस्ताव के अनुसार 10 वर्ष से अधिक समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों की मासिक देय राशि 25,560 रुपये होगी। इसमें 21,970 रुपये वेतन, 2,000 रुपये जोखिम भत्ता और 1,590 रुपये अन्य भत्ते शामिल हैं।

इसके बावजूद कर्मचारी सरकार के प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं और नियमितीकरण समेत अपनी प्रमुख मांगों पर कायम हैं।

13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय पंचायत

कर्मचारी नेताओं ने हड़ताल को 9 सितंबर तक जारी रखने के साथ आगे के आंदोलन का कार्यक्रम भी तय किया है। 10, 11 और 12 सितंबर को अलग-अलग जिलों में जन न्याय पंचायतें आयोजित करने की तैयारी है।

इन पंचायतों में कर्मचारी, मजदूर, किसान, सामाजिक-धार्मिक और व्यापारिक संगठनों को शामिल किया जाएगा। इसके बाद 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय जन न्याय पंचायत आयोजित होगी, जिसमें आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति तय की जाएगी।

सरकार की ओर से कहा गया है कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं और सेवा सुरक्षा तथा आर्थिक हितों को लेकर सकारात्मक पहल की गई है। साथ ही सरकार ने कर्मचारियों की जायज चिंताओं का व्यावहारिक समाधान निकालने और शहरों की सफाई व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाने की बात कही है।

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