हथिनी कुंड बैराज पर स्पेशल फोर्स की ट्रेनिंग में हादसा, यमुना में बहे 5 जवान; 3 रेस्क्यू, 2 लापता

हथिनी कुंड बैराज पर स्पेशल फोर्स ट्रेनिंग के दौरान मोटर बोट बंद होने से 5 जवान यमुना में बह गए। 3 रेस्क्यू हुए, जबकि 2 जवानों की तलाश जारी है।

हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज पर स्पेशल फोर्स की ट्रेनिंग के दौरान मोटर बोट बंद होने से बड़ा हादसा हो गया। तेज बहाव में पांच जवान यमुना में गिर गए। तीन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि दो की तलाश जारी है।

यमुनानगर: हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज पर मंगलवार शाम स्पेशल फोर्स के जवानों की ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा हो गया। हेलिकॉप्टर से यमुना में उतरकर मोटर बोट पर पहुंचने के बाद बोट अचानक स्टार्ट नहीं हुई और तेज बहाव में बहने लगी। इस दौरान पांच जवान पानी में गिर गए। तीन जवान करीब 600 मीटर तक तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि दो जवान अभी लापता हैं।

मोटर बोट बंद होने के बाद तेज बहाव में बहे जवान

स्पेशल फोर्स की ट्रेनिंग 30 अगस्त से चल रही थी और मंगलवार को इसका अंतिम दिन था। मंगलवार शाम करीब 5 बजे यमुना की अपस्ट्रीम में अभ्यास कराया जा रहा था। इस दौरान जवान हेलिकॉप्टर से एक-एक करके यमुना में खड़ी मोटर बोट पर उतर रहे थे।

जवानों के बोट में पहुंचने के बाद मोटर बोट अचानक स्टार्ट नहीं हो सकी। इसी दौरान यमुना के तेज बहाव के कारण बोट बहने लगी और जवान पानी में गिर गए। हादसे के बाद मौके पर मौजूद टीमों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया।

उस समय पश्चिमी यमुना नहर में करीब 14,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। तेज बहाव के बीच तीन जवानों ने नहर की दिशा में तैरकर बाहर निकलने की कोशिश की।

600 मीटर तैरकर बाहर निकले 3 जवान

हादसे के बाद तीन जवान करीब 600 मीटर तक तैरने में कामयाब रहे। वे नहर के खुले गेट से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान तक पहुंच गए। इसके बाद उन्हें रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया।

वहीं, दो जवानों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। तेज बहाव और नदी-नहर के जटिल क्षेत्र के कारण लापता जवानों की तलाश में बचाव दलों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

सेना ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

दो जवानों के लापता होने की जानकारी मिलने के बाद सेना ने तत्काल सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कर्नल योगेंद्र के नेतृत्व में सेना की टीम नदी और नहर के संभावित हिस्सों में तलाश कर रही है।

रेस्क्यू टीम रस्सियों और अन्य जरूरी उपकरणों की मदद से लापता जवानों को खोज रही है। फिलहाल अभियान का मुख्य फोकस दोनों जवानों का जल्द से जल्द पता लगाने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने पर है।

पुलिस और SDRF की टीमें भी मौके पर

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। हरियाणा पुलिस के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस, SDRF और UP SDRF की टीमें भी रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग कर रही हैं।

एडीसी नवीन आहूजा ने फोन पर हादसे की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि DSP रजत गुलिया, SDM और स्थानीय प्रशासन के अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। प्रशासन की ओर से सेना के रेस्क्यू अभियान में हर संभव सहयोग दिया जा रहा है।

पानी का बहाव नियंत्रित करने के लिए सिंचाई विभाग से संपर्क

रेस्क्यू ऑपरेशन को सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए पश्चिमी यमुना नहर में पानी के बहाव को नियंत्रित करने के संबंध में सिंचाई विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया है।

हादसे की जगह कलेसर से नीचे और हथिनी कुंड बैराज से कुछ पहले बताई जा रही है। तेज पानी के बहाव और क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

हादसे से एक दिन पहले हथिनी कुंड बैराज पर यमुना में करीब 26 हजार क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था। फिलहाल सेना और बचाव दल लापता दोनों जवानों की तलाश में जुटे हैं। सेना की ओर से घटना को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

Leave a comment