झारखंड के हजारीबाग में पुलिस ने कुख्यात राहुल दुबे गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से अवैध पिस्टल, जिंदा कारतूस और एक स्कॉर्पियो बरामद हुई है। पुलिस का कहना है कि दोनों रंगदारी और फायरिंग जैसी वारदातों में शामिल रहे हैं।
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात राहुल दुबे गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक सफेद स्कॉर्पियो वाहन, अवैध लोडेड देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, दो मैगजीन और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई और इससे क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क पर महत्वपूर्ण चोट पहुंची है।
गुप्त सूचना के बाद शुरू हुआ विशेष अभियान
पुलिस के अनुसार 6 जुलाई की रात हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमन कुमार को सूचना मिली थी कि कुछ हथियारबंद अपराधी एक सफेद स्कॉर्पियो से गिद्दी और मांडू होते हुए हजारीबाग की ओर आ रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए बड़कागांव अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम ने संभावित मार्गों की निगरानी शुरू की और गिद्दी से मांडू जाने वाले मार्ग पर कनकी मोड़ के पास सघन वाहन जांच अभियान चलाया। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए सभी संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली जाने लगी ताकि अपराधियों को जिले में प्रवेश करने से पहले ही रोका जा सके।
चेकिंग के दौरान भागने की कोशिश, पुलिस ने दबोचा
वाहन जांच के दौरान पुलिस को एक सफेद स्कॉर्पियो संदिग्ध परिस्थितियों में आती दिखाई दी। पुलिस ने वाहन रोकने का संकेत दिया, जिस पर चालक ने गाड़ी रोक दी। इसके बाद वाहन में सवार लोग मौके से भागने लगे। पुलिसकर्मियों ने तुरंत पीछा किया और दो संदिग्धों को घटनास्थल के पास ही पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान उनके पास से एक लोडेड देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, दो मैगजीन और अन्य सामान बरामद किया गया। पुलिस ने बरामद हथियारों और वाहन को जब्त कर लिया और आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
गिरफ्तार आरोपियों ने गैंग से जुड़े होने की बात स्वीकार की
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 19 वर्षीय मोहित सिंह उर्फ कुणाल और 34 वर्षीय भोला उर्फ ओम प्रकाश पाल के रूप में की है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर राहुल दुबे गिरोह के सक्रिय सदस्य होने की बात स्वीकार की।
जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने बताया कि गिरोह क्षेत्र में रंगदारी वसूली, लूट, फिरौती और दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग जैसी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह के अन्य सदस्य कहां सक्रिय हैं और उनके पास अन्य हथियार या आपराधिक नेटवर्क मौजूद हैं या नहीं।
मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद
हजारीबाग पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी मोहित सिंह का आपराधिक इतिहास पहले से दर्ज है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वह दिसंबर 2025 में उरीमारी क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना में आरोपी रह चुका है। इसके अलावा जनवरी 2026 में उसे अवैध हथियार रखने के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
पुलिस का यह भी कहना है कि जेल से रिहा होने के बाद जून 2026 में गिद्दी सीओ चेकपोस्ट पर हुई फायरिंग की घटना में भी उसका नाम सामने आया था। इन मामलों की जांच पहले से चल रही है और नई गिरफ्तारी के बाद पुराने मामलों में भी पूछताछ की जाएगी।
पुलिस अब गैंग के पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी
दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब राहुल दुबे गिरोह के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि गिरोह के अन्य सदस्य भी क्षेत्र में सक्रिय हो सकते हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरफ्तार आरोपी किसी नई आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे या नहीं।
बरामद मोबाइल फोन की डिजिटल जांच भी की जाएगी ताकि गिरोह के संपर्कों, गतिविधियों और संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी मिल सके। इसके अलावा जब्त स्कॉर्पियो के स्वामित्व और उसके उपयोग की भी जांच की जा रही है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभियान जारी
हजारीबाग पुलिस का कहना है कि जिले में संगठित अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। संवेदनशील इलाकों में वाहन जांच, गश्त और खुफिया निगरानी बढ़ाई गई है ताकि किसी भी आपराधिक गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध गतिविधि या अपराध से संबंधित जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। आम नागरिकों के सहयोग से अपराध नियंत्रण और सार्वजनिक सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सकता है।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए दोनों आरोपी
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आगे की जांच के आधार पर अन्य गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।










