हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन से 129 सड़कें प्रभावित हैं। सिरमौर के नाहन-श्री रेणुकाजी मार्ग पर चिकनी मिट्टी के कारण सामान से लदा ट्रक अनियंत्रित होकर खाई की ओर पलट गया, हालांकि चालक और परिचालक सुरक्षित रहे।
नाहन: हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के बीच भूस्खलन ने सड़क यातायात को प्रभावित किया है। सिरमौर जिले के नाहन-श्री रेणुकाजी मार्ग पर बाबा बड़ोलिया के पास भूस्खलन से सड़क पर चिकनी मिट्टी जमा हो गई थी। इसी दौरान सामान से लदा एक ट्रक फिसलकर सड़क से खाई की ओर पलट गया। हादसे में ट्रक को नुकसान हुआ, लेकिन चालक और परिचालक समय रहते सुरक्षित निकल गए।
नाहन-श्री रेणुकाजी मार्ग पर हादसा
हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर लगातार जारी है और पहाड़ी क्षेत्रों में इसका असर सड़क यातायात पर भी पड़ रहा है। सिरमौर जिले में भारी बारिश के बाद कई स्थानों पर भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। इसी दौरान नाहन-श्री रेणुकाजी मार्ग पर बाबा बड़ोलिया के पास एक सामान से लदा ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
जानकारी के अनुसार, ट्रक चढ़ाई वाले रास्ते से होकर आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान भूस्खलन के कारण सड़क पर जमा हुई चिकनी मिट्टी के संपर्क में आते ही ट्रक के टायर फिसलने लगे। चालक ने वाहन को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन सड़क की खराब स्थिति के कारण ट्रक पीछे की तरफ खिसकने लगा।
कुछ ही देर में ट्रक सड़क से बाहर निकलकर खाई की ओर पलट गया। दुर्घटना में वाहन को काफी नुकसान पहुंचा है। ट्रक में सामान लदा हुआ था, इसलिए हादसे के बाद सामान और वाहन दोनों को नुकसान होने की जानकारी सामने आई है।
चालक और परिचालक ने समय रहते बचाई जान
हादसे के दौरान ट्रक में चालक और परिचालक मौजूद थे। जैसे ही दोनों को महसूस हुआ कि वाहन पर नियंत्रण रखना मुश्किल हो रहा है और ट्रक खाई की तरफ जा रहा है, उन्होंने तत्काल वाहन से बाहर निकलने का फैसला किया।
दोनों ने समय रहते ट्रक से छलांग लगा दी। इस वजह से उनकी जान बच गई और किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क पर मौजूद चिकनी मिट्टी और मलबा हादसे की मुख्य वजह बना।
बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर इस तरह की स्थिति काफी खतरनाक हो जाती है। खासकर उन स्थानों पर जहां पहाड़ों से मलबा लगातार सड़क पर आ रहा है, वहां वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ जाता है।
हिमाचल में 129 सड़कें यातायात के लिए बाधित
भारी बारिश और भूस्खलन का असर सिर्फ सिरमौर तक सीमित नहीं है। प्रदेश के कई जिलों में सड़कें बंद होने और यातायात प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। प्रदेशभर में कुल 129 सड़कें बाधित बताई जा रही हैं।
मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 60 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा कुल्लू में 42 और शिमला में 10 सड़कें प्रभावित हैं। कई ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में लोगों को आवाजाही के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें कमजोर होने के साथ-साथ भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। कई मार्गों पर मलबा आने से यातायात रोकना पड़ रहा है। प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से प्रभावित सड़कों को खोलने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
पहाड़ी मार्गों पर बढ़ा हादसों का खतरा
लगातार बारिश के बीच हिमाचल के पहाड़ी इलाकों में सड़क यात्रा जोखिम भरी बनी हुई है। पहले भी बारिश और भूस्खलन के कारण कई गंभीर हादसे सामने आ चुके हैं। लाहुल से पांगी की ओर जा रहे एक वाहन पर पहाड़ दरकने की घटना में 13 लोगों की जान चली गई थी।
ऐसे हालात में नाहन-श्री रेणुकाजी जैसे पहाड़ी मार्गों पर वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। सड़क पर मलबा, चिकनी मिट्टी या पानी जमा होने की स्थिति में वाहन का नियंत्रण बिगड़ने का खतरा रहता है।
सिरमौर में हुआ ट्रक हादसा एक बार फिर दिखाता है कि बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर किस तरह अचानक खतरा पैदा हो सकता है। हालांकि इस दुर्घटना में चालक और परिचालक सुरक्षित बच गए, लेकिन ट्रक को भारी नुकसान हुआ है। आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने के कारण प्रशासन के सामने प्रभावित सड़कों को सुरक्षित रखना और यातायात बहाल करना बड़ी चुनौती बनी रहेगी।











