हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के बाद कोटरोपी के पास मंडी-पठानकोट हाईवे का आधा हिस्सा धंस गया। करीब 200 मीटर क्षेत्र में मलबा फैला, जिसके बाद बड़े वाहनों और बसों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है।
मंडी: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण कोटरोपी के पास चमड़ा मोड़ पर मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग का करीब आधा हिस्सा धंस गया। रात करीब ढाई बजे सुरक्षा दीवार गिरने के बाद यातायात बाधित हुआ। सुबह छोटे वाहनों के लिए सीमित आवाजाही बहाल की गई, जबकि बसों और बड़े वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से डायवर्ट किया गया। मलबे से आसपास के क्षेत्र में भी नुकसान हुआ है।
हिमाचल में भारी बारिश से मंडी-पठानकोट हाईवे धंसा
हिमाचल प्रदेश में लगातार भारी बारिश के बीच मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोटरोपी के पास सड़क धंसने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। कोटरोपी से करीब एक किलोमीटर आगे चमड़ा मोड़ पर रात करीब ढाई बजे सुरक्षा दीवार ढह गई। इसके बाद सड़क का लगभग आधा हिस्सा नीचे धंस गया और मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई।

बारिश के बाद भारी मात्रा में मलबा और पानी नीचे की तरफ आने से करीब 200 मीटर क्षेत्र प्रभावित हुआ। मलबे की चपेट में आने से कई चीड़ के पेड़ भी गिर गए। सड़क की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
छोटे वाहनों के लिए सीमित रास्ता खोला गया
सुबह सड़क के पीछे की तरफ कुछ हिस्से की कटिंग कर छोटे वाहनों के लिए आवाजाही बहाल करने का प्रयास किया गया। हालांकि, क्षतिग्रस्त हिस्से से गुजरना अभी भी जोखिमभरा माना जा रहा है। प्रशासन ने बड़े वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम पद्धर सुरजीत सिंह ठाकुर ने एनएचएआई की टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सड़क की स्थिति और हुए नुकसान का जायजा लिया। बड़े वाहनों और बसों को दूसरे रास्तों से भेजने की व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा दीवार गिरने से आसपास भी नुकसान
बताया गया है कि जिस सुरक्षा दीवार के ढहने से सड़क का हिस्सा प्रभावित हुआ, उसे एनएचएआई की ओर से हाल ही में बनाया गया था। दीवार गिरने के बाद सड़क का बड़ा हिस्सा नीचे चला गया।
इससे सड़क के नीचे स्थित पुश्तैनी घराट, धान की मशीन और उसके पीछे बनाया गया पानी का बांध भी क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन की ओर से नुकसान का विस्तृत आकलन कराया जा रहा है।
पंचायत प्रधान भूप सिंह धरवाल और उपप्रधान चिंत राम ने भी एसडीएम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसडीएम ने हल्का पटवारी को मौके पर हुए नुकसान का आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
बड़े वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट तय
मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़े वाहनों और बसों को फिलहाल वैकल्पिक मार्गों से निकाला जा रहा है। वाहनों को घटासनी-झटिंगरी-डायनापार्क तथा पद्धर-जोगेंद्रनगर वाया नौहली मार्ग से भेजा जा रहा है।
कुछ निजी बसें कोटरोपी और उरला से होकर अपने गंतव्य की ओर जा रही हैं। प्रशासन ने यात्रियों और वाहन चालकों से प्रभावित हिस्से पर सावधानी बरतने और निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने को कहा है।
नौ मील और मैगल में भी भूस्खलन
भारी बारिश का असर क्षेत्र के अन्य मार्गों पर भी देखने को मिला। नारला-बिजणी सुपर हाईवे पर नौ मील और मैगल के पास पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ।
हालांकि, संबंधित मार्ग से मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है। प्रशासन और संबंधित विभाग बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों तथा संभावित भूस्खलन वाले क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं।











