Himachal Pradesh की राजनीति में साल 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज होती दिख रही है। प्रदेश में Indian National Congress और Bharatiya Janata Party के अलावा एक तीसरे राजनीतिक विकल्प की संभावनाओं पर चर्चा शुरू हो गई है।
शिमला: भारत के उत्तरी राज्य Himachal Pradesh में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य की राजनीति में पारंपरिक रूप से मजबूत रही Bharatiya Janata Party (भाजपा) और Indian National Congress (कांग्रेस) के अलावा अब तीसरे राजनीतिक विकल्प की संभावनाओं पर चर्चा शुरू हो गई है। इस दिशा में पहल करते हुए पूर्व मंत्री Ramlal Markandeya राज्यभर में नेताओं और कार्यकर्ताओं से संपर्क अभियान चला रहे हैं।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए तीसरे मोर्चे के गठन की संभावनाओं को टटोलने के लिए विभिन्न जिलों में बैठकों और मुलाकातों का दौर चल रहा है।
प्रदेशभर में रायशुमारी अभियान
रामलाल मार्कंडेय इन दिनों राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और स्थानीय नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। हाल ही में Kullu में एक बैठक आयोजित करने के बाद वे दो दिवसीय प्रवास पर Hamirpur पहुंचे, जहां उन्होंने कई पूर्व विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। मार्कंडेय ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या मोर्चे की घोषणा करने से पहले लोगों और नेताओं की राय लेना जरूरी है। उनका कहना है कि यदि व्यापक समर्थन मिलता है, तभी तीसरे मोर्चे को औपचारिक रूप से घोषित किया जाएगा।
बैठकों में शामिल नेताओं ने सुझाव दिया है कि तीसरे मोर्चे को मजबूत बनाने के लिए पहले संगठनात्मक ढांचा तैयार किया जाए। इसके तहत ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर कार्यकर्ताओं का नेटवर्क तैयार करने की योजना बनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि इस पहल से जुड़े कई नेता अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभाव रखते हैं, जिससे नए राजनीतिक मंच को आधार मिल सकता है। चर्चा यह भी है कि संगठन मजबूत होने के बाद नेतृत्व, चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों के चयन पर फैसला लिया जाएगा।

कुल्लू बैठक में कई वरिष्ठ नेता शामिल
हाल ही में कुल्लू जिले में आयोजित बैठक में कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। जानकारी के अनुसार, इस बैठक में लगभग छह पूर्व मंत्री और करीब 40 से अधिक नेता शामिल हुए। इनमें ऐसे नेता भी थे जिन्हें 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रमुख दलों से टिकट नहीं मिला था। बैठक में शामिल नेताओं का मानना था कि राज्य की राजनीति में लोगों के सामने एक नया विकल्प होना चाहिए, ताकि मतदाताओं को दो दलों के बीच सीमित विकल्प पर निर्भर न रहना पड़े।
हमीरपुर में बातचीत के दौरान मार्कंडेय ने कहा कि तीसरे मोर्चे के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं से संपर्क किया जा रहा है। उनका दावा है कि कई नेता मौजूदा राजनीतिक स्थिति से असंतुष्ट हैं और नए मंच की तलाश में हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यदि तीसरा मोर्चा बनता है तो प्रदेश के विकास, रोजगार, पर्यटन और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर एक विस्तृत घोषणा पत्र तैयार किया जाएगा।
कई पूर्व विधायकों से मुलाकात
अपने दौरे के दौरान मार्कंडेय ने कई वरिष्ठ नेताओं से व्यक्तिगत मुलाकात भी की। उन्होंने दिवंगत नेता जगदेव चंद ठाकुर के परिवार से मुलाकात कर पूर्व विधायक Narender Thakur से चर्चा की। इसके बाद उन्होंने पूर्व शिक्षामंत्री Ishwar Dass Dhiman के परिवार से मुलाकात कर पूर्व विधायक Anil Dhiman से बातचीत की। इसके अलावा पूर्व विधायक Kamlesh Kumari और बड़सर के पूर्व विधायक Baldev Sharma से भी तीसरे विकल्प को लेकर राय ली गई।












