वैश्विक तनाव के बीच शेयर बाजार में गिरावट का असर PSU बैंक शेयरों पर भी पड़ा है। ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार हालिया गिरावट के बाद सरकारी बैंक शेयरों में निवेश का मौका बन सकता है और आने वाले महीनों में तेजी संभव है।
PSU Stocks: हाल के दिनों में वैश्विक तनाव और शेयर बाजार में आई गिरावट का असर बैंकिंग सेक्टर पर भी पड़ा है। खासकर सरकारी बैंक यानी PSU Banks के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली है। हालांकि बाजार के जानकारों का मानना है कि यह गिरावट लंबे समय तक नहीं रह सकती। एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज (Antique Stock Broking) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा गिरावट के बाद सरकारी बैंक शेयरों में आगे मजबूत तेजी देखने को मिल सकती है।
ब्रोकरेज का कहना है कि फिलहाल वैश्विक संकट और बाजार की अनिश्चितता के कारण इन शेयरों पर दबाव बना रह सकता है। लेकिन जैसे ही स्थिति सामान्य होगी, PSU बैंक शेयरों में तेजी की संभावना मजबूत दिखाई देती है।
हालिया गिरावट ने बढ़ाई चिंता
रिपोर्ट के अनुसार 28 फरवरी 2026 से अब तक सरकारी बैंक शेयरों में करीब 11 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। इसके मुकाबले प्राइवेट बैंक शेयरों में गिरावट अपेक्षाकृत कम रही है और यह लगभग 7 प्रतिशत के आसपास रही है।
यह अंतर इसलिए भी देखने को मिलता है क्योंकि बाजार में अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक आमतौर पर कम जोखिम वाले विकल्पों की ओर रुख करते हैं। ऐसे समय में सरकारी बैंक शेयरों पर दबाव ज्यादा देखने को मिलता है।
हालांकि इतिहास बताता है कि बड़े वैश्विक या भू-राजनीतिक संकट के दौरान PSU बैंक शेयर पहले ज्यादा गिरते हैं, लेकिन बाद में इनकी रिकवरी भी अक्सर तेज होती है।
संकट के समय PSU बैंक ज्यादा क्यों गिरते हैं
एंटीक ब्रोकरेज के अनुसार सरकारी बैंकों की आय का बड़ा हिस्सा ट्रेजरी आय से आता है। ट्रेजरी आय का मतलब सरकारी बॉन्ड यानी G-Sec (Government Securities) में निवेश से होने वाली कमाई से है।
जब बाजार में अस्थिरता बढ़ती है तो सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़ जाती है। यील्ड बढ़ने से इन बॉन्ड की कीमतों पर दबाव पड़ता है और इससे बैंकों की ट्रेडिंग कमाई प्रभावित होती है।
यही वजह है कि ऐसे समय में PSU बैंक शेयरों पर ज्यादा दबाव देखने को मिलता है। लेकिन रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यही गिरावट भविष्य में निवेश के अच्छे अवसर भी पैदा करती है।
गिरावट के बाद तेज रिकवरी का इतिहास
एंटीक की रिपोर्ट के अनुसार पिछले कई वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि PSU बैंक शेयर गिरावट के 3 से 6 महीनों के भीतर अच्छी रिकवरी करते हैं। कई मामलों में इन शेयरों ने प्राइवेट बैंकों से भी ज्यादा तेजी दिखाई है।
ऐसे में मौजूदा गिरावट को कई निवेशक संभावित निवेश अवसर के रूप में देख रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि निवेश करते समय बाजार की स्थिति और बैंक के फंडामेंटल पर ध्यान देना जरूरी है।
PNB और केनरा बैंक में निवेश का मौका
हाल की गिरावट के बाद एंटीक ब्रोकरेज ने दो बड़े सरकारी बैंकों के शेयरों पर अपना नजरिया सकारात्मक किया है। ब्रोकरेज ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और केनरा बैंक (Canara Bank) के शेयरों की रेटिंग बढ़ाकर BUY कर दी है।

रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा कीमतों पर इन दोनों शेयरों में अच्छा वैल्यूएशन अपसाइड दिखाई दे रहा है। यानी आने वाले समय में इन शेयरों में तेजी की संभावना बन सकती है।
हालांकि ब्रोकरेज ने यह भी कहा है कि निकट अवधि में सरकारी बैंकों की मार्जिन और ट्रेजरी कमाई पर दबाव बना रह सकता है। इसकी वजह सरकारी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी है, जो बैंकिंग सेक्टर के लिए चुनौती बन सकती है।
बैंकिंग सेक्टर की नई चुनौती
एंटीक ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले समय में बैंकिंग सेक्टर की सबसे बड़ी चुनौती कम लागत पर ज्यादा डिपॉजिट जुटाना होगी। पिछले कुछ समय में क्रेडिट ग्रोथ काफी मजबूत रही है। यानी बैंक तेजी से लोन दे रहे हैं। ऐसे में बैंकों को अपने लोन पोर्टफोलियो को संतुलित रखने के लिए ज्यादा डिपॉजिट की जरूरत पड़ रही है। यही कारण है कि बैंकों के बीच जमा जुटाने की प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।
डिपॉजिट रेट में बढ़ोतरी का असर
जनवरी 2026 में कई सरकारी बैंकों ने टर्म डिपॉजिट (Term Deposit) की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित करना है ताकि बैंक अपनी जमा राशि बढ़ा सकें।
प्राइवेट बैंक भी इस प्रतिस्पर्धा में पीछे नहीं हैं। कई निजी बैंकों ने भी लंबी अवधि के डिपॉजिट पर ब्याज दरों में वृद्धि की है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रतिस्पर्धा आगे और बढ़ सकती है, क्योंकि बैंकों को अपनी फंडिंग जरूरतों को पूरा करना होगा।
मार्जिन पर पड़ सकता है दबाव
ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2027 में बैंकिंग सेक्टर की मार्जिन थोड़ी नरम रह सकती है। इसका कारण बढ़ती फंडिंग लागत है।
जब बैंक डिपॉजिट पर ज्यादा ब्याज देते हैं तो उनकी लागत बढ़ जाती है। इससे लोन और डिपॉजिट के बीच का अंतर यानी नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) प्रभावित हो सकता है। हालांकि मजबूत क्रेडिट ग्रोथ और आर्थिक गतिविधियों में सुधार से बैंकिंग सेक्टर को सहारा मिल सकता है।
किन बैंक शेयरों पर नजर रखें
एंटीक ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कुछ बैंक शेयरों को निवेश के लिए पसंदीदा बताया है। प्राइवेट बैंक श्रेणी में एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक को मजबूत विकल्प माना गया है।
छोटे प्राइवेट बैंकों में सिटी यूनियन बैंक और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक को हाल की गिरावट के बाद आकर्षक अवसर बताया गया है।
वहीं सरकारी बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को सबसे मजबूत विकल्प माना गया है। इसके अलावा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को भी बेहतर प्रदर्शन की संभावना वाला बैंक बताया गया है।









