रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेक्सास, ब्राउन्सविल में प्रस्तावित रिफाइनरी परियोजना कंपनी के लिए रणनीतिक कदम है। अमेरिकी और वेनेजुएला के कच्चे तेल तक पहुंच मिलेगी। शेयर पर BUY रेटिंग, टारगेट प्राइस 1,730 रुपये रखा गया है।
RIL Share: रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) की टेक्सास, ब्राउन्सविल में प्रस्तावित रिफाइनरी परियोजना कंपनी के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस रिफाइनरी के जरिए रिलायंस को न केवल अमेरिकी कच्चे तेल तक पहुंच मिलेगी, बल्कि भविष्य में वेनेजुएला के कच्चे तेल तक पहुंच का रास्ता भी खुल सकता है। यह परियोजना कंपनी के अंतरराष्ट्रीय विस्तार और कच्चे तेल के वैश्विक सप्लाई चैन में हिस्सेदारी बढ़ाने का अवसर प्रदान करती है।
विश्लेषकों ने यह भी कहा कि इस सौदे का पूरा लाभ कंपनी के फाइनेंशियल रिजल्ट्स में तुरंत नहीं दिखाई देगा। इसे लंबी अवधि के निवेश और रणनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।
रणनीतिक महत्व और तकनीकी क्षमता
मार्केट विशेषज्ञ अंबरीश बालिगा के अनुसार, यह परियोजना रिलायंस के लिए रणनीतिक रूप से फायदेमंद है। उनके मुताबिक, कंपनी के पास भारी और जटिल कच्चे तेल को प्रोसेस करने की तकनीकी क्षमता मौजूद है। टेक्सास में रिफाइनरी होने से रिलायंस अमेरिकी कच्चे तेल के साथ-साथ संभावित रूप से वेनेजुएला के तेल तक भी पहुंच बना सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत से बाहर रिलायंस के कारोबार को मजबूत करने में मदद करेगा। हालांकि, उन्होंने निवेशकों को चेतावनी दी कि परियोजना के वित्तीय असर का पूरा लाभ कुछ समय के बाद ही दिखाई देगा।
जियो-पॉलिटिकल प्रभाव
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट क्रांति बाथिनी ने बताया कि मौजूदा जियो-पॉलिटिकल परिस्थितियों में अमेरिका के साथ यह संभावित समझौता रिलायंस और भारत-अमेरिका संबंधों दोनों के लिए सकारात्मक हो सकता है।
उन्होंने कहा कि सौदे की पूरी जानकारी का इंतजार करना जरूरी है, क्योंकि कंपनी ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से रिलायंस को वैश्विक स्तर पर नई संभावनाओं का लाभ मिलेगा।
RIL का शेयर प्रदर्शन

इस साल अब तक रिलायंस का शेयर प्रदर्शन कमजोर रहा है। वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक कंपनी का शेयर लगभग 11 प्रतिशत गिर चुका है। इसी अवधि में निफ्टी 50 सूचकांक लगभग 8 प्रतिशत नीचे आया है।
बुधवार को सुबह के कारोबार में रिलायंस का शेयर लगभग 1,400 रुपये के स्तर पर स्थिर ट्रेड कर रहा था। सेंसेक्स इसी दौरान करीब 0.8 प्रतिशत गिरकर 77,611 के स्तर पर था।
अमेरिकी रिफाइनरी परियोजना की घोषणा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टेक्सास के ब्राउन्सविल में नई तेल रिफाइनरी परियोजना की घोषणा की थी। ट्रंप ने इसे अमेरिका में पिछले लगभग 50 वर्षों में बनने वाली पहली नई रिफाइनरी बताया और 300 अरब डॉलर के समझौते का हिस्सा बताया।
हालांकि, परियोजना की वित्तीय संरचना और रिलायंस के हिस्सेदारी संबंधी विवरण अभी स्पष्ट नहीं किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि परियोजना पूरी तरह लागू होने पर ही कंपनी को वित्तीय लाभ मिलेगा।
कच्चे तेल की कीमत में उतार-चढ़ाव
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ईरान से जुड़े तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तेल आपूर्ति पर असर की आशंका के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 1.6 प्रतिशत गिरकर 86.4 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 1.1 प्रतिशत गिरकर 82.82 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।
रिलायंस पर BUY रेटिंग
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड गौरांग शाह ने कहा कि रिलायंस के शेयर पर सकारात्मक नजरिया है। हालांकि, टेक्सास प्रोजेक्ट से जुड़ी अधिक स्पष्ट जानकारी आने तक इंतजार करना बेहतर है। उनके मुताबिक, रिलायंस की एडवांस तकनीक कंपनी को हाई डेंसिटी और भारी कच्चे तेल को प्रोसेस करने में सक्षम बनाती है।
जेएम फाइनेंशियल के अनुसार, हाल की गिरावट के बाद रिलायंस का शेयर लगभग 1,275 रुपये पर कारोबार कर रहा था। विशेषज्ञों ने कहा कि यह कीमत आकर्षक स्तर पर है। उन्होंने शेयर पर ‘खरीद’ की सलाह दी है और 1,730 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 2–3 वर्षों में डिजिटल कारोबार में 15–16 प्रतिशत की एबिटडा ग्रोथ की संभावना है। इसके साथ ही अगले 3–5 वर्षों में प्रति शेयर आय में 14–16 प्रतिशत सालाना ग्रोथ आ सकती है।










