ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली को ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया है। अपने खेल के प्रति अत्यधिक जुनून रखने वाले ली ने मात्र नौ साल की उम्र में 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया था।
स्पोर्ट्स न्यूज़: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली को ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के हॉल ऑफ फेम में शामिल कर दिया गया है। अपने दो दशक लंबे क्रिकेट करियर में ली ने तेज गेंदबाजी के क्षेत्र में कई रिकॉर्ड स्थापित किए और दुनिया भर के बल्लेबाजों के लिए भय पैदा किया। 49 वर्षीय ली ने हॉल ऑफ फेम में शामिल होने के बाद अपने करियर और जुनून को लेकर पहला रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि उनके लिए 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल करना किसी भी विकेट से ज्यादा महत्वपूर्ण था।
कम उम्र से ही तेज गेंदबाजी का जुनून
ब्रेट ली ने अपने करियर की शुरुआत से ही तेज गेंदबाजी के प्रति गहरा लगाव दिखाया। नौ साल की उम्र में उन्होंने अपने लक्ष्य को तय कर लिया था: 160 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति हासिल करना। ली ने कहा कि जब तक उन्होंने यह जादुई आंकड़ा नहीं छू लिया, तब तक उनके लिए कोई भी व्यक्तिगत उपलब्धि या बड़े बल्लेबाजों के विकेट लेना कोई मायने नहीं रखता था।
ली ने अपने करियर में दो बार 160 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार हासिल की। पहली बार यह उपलब्धि 2003 में साउथ अफ्रीका में विश्व कप के दौरान आई। सेमीफाइनल में उन्होंने श्रीलंका के बल्लेबाज मार्वन अटापट्टू को 160.1 किमी/घंटा की रफ्तार वाली गेंद से आउट किया। दूसरी बार यह आंकड़ा 2005 में न्यूजीलैंड के खिलाफ नेपियर में 160.8 किमी/घंटा की रफ्तार वाली गेंद फेंककर उन्होंने हासिल किया।

मां को दिया श्रेय
ब्रेट ली ने अपने तेज गेंदबाजी के करियर में मां हेलेन का विशेष योगदान बताया। उन्होंने कहा कि उनकी मां एक फर्राटा धाविका थीं, जिससे उन्हें रफ्तार और शारीरिक क्षमता के लिए आवश्यक आनुवंशिक गुण मिले। ली ने कहा कि उनका जीवन इस सपने को साकार करने के लिए समर्पित रहा। क्रिकेट डॉट कॉम एयू के अनुसार ली ने कहा,
'160 किमी/घंटा मेरे लिए किसी भी विकेट से कहीं अधिक मायने रखता है। निश्चित रूप से टीम सर्वोपरि होती है, और विश्व कप 2003 जीतना या लगातार 16 टेस्ट जीतना सर्वोच्च उपलब्धियां हैं। लेकिन व्यक्तिगत उपलब्धियों की बात करें तो मेरे लिए विकेट लेना उतना महत्वपूर्ण नहीं था। मैंने बहुत कम उम्र में 160 किमी/घंटा हासिल करने और उससे आगे बढ़ने का लक्ष्य रखा था।'
इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि ली के लिए व्यक्तिगत लक्ष्य और जुनून टीम की उपलब्धियों के साथ-साथ उनके खेल का अहम हिस्सा थे। ब्रेट ली ने अपने करियर का अंत 718 अंतरराष्ट्रीय विकेट लेकर किया। इसमें टेस्ट, वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच शामिल हैं। उन्हें दुनिया के सबसे डरावने और तेज गेंदबाजों में गिना जाता है। उनकी तेज रफ्तार, स्विंग और खतरनाक Yorkers ने उन्हें बल्लेबाजों के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण गेंदबाज बना दिया।











