भारत सरकार का संचार साथी पोर्टल खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन की रिकवरी में देश का सबसे भरोसेमंद डिजिटल सिस्टम बनता जा रहा है। अक्टूबर में 30 दिनों के भीतर 50,000 से ज्यादा मोबाइल बरामद हुए। जून से अक्टूबर के बीच रिकवरी दर में 47 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
Mobile Recovery Portal: भारत सरकार के संचार साथी पोर्टल ने खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन की रिकवरी को नई रफ्तार दी है। अक्टूबर महीने में इस प्लेटफॉर्म से हर मिनट औसतन एक से ज्यादा मोबाइल रिकवर किए गए। 30 दिनों में 50,000 से अधिक फोन उनके मालिकों तक पहुंचे। यह सेवा पूरे देश में लागू है और पुलिस व सरकारी एजेंसियों के सहयोग से संचालित होती है। जून से अक्टूबर 2024 के बीच मोबाइल बरामदगी में 47 प्रतिशत की बढ़ोतरी इसी डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम की प्रभावशीलता को दर्शाती है।
मोबाइल रिकवरी में कर्नाटक और तेलंगाना सबसे आगे
आंकड़ों के मुताबिक कर्नाटक और तेलंगाना मोबाइल बरामदगी के मामले में देश में सबसे आगे हैं। इन दोनों राज्यों में अब तक 1 लाख से अधिक खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन रिकवर किए जा चुके हैं, जो अन्य राज्यों के मुकाबले काफी ज्यादा है।
महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर है, जहां 80 हजार से ज्यादा मोबाइल फोन ट्रेस कर वापस दिलाए गए हैं। इन राज्यों की पुलिस टीमें संचार साथी पोर्टल का लगातार और प्रभावी उपयोग कर रही हैं, जिससे रिकवरी की रफ्तार बनी हुई है।

कैसे होता है खोए मोबाइल का डिजिटल ट्रैक
रिपोर्ट के अनुसार जैसे ही चोरी या खोया हुआ मोबाइल दोबारा चालू होता है और उसमें नया SIM डाला जाता है, सिस्टम तुरंत नेटवर्क स्तर पर एक्टिव हो जाता है। इसके बाद संबंधित पुलिस और एजेंसियों को ऑटोमैटिक अलर्ट भेजा जाता है।
लोकेशन और नेटवर्क डेटा के आधार पर कई मामलों में कुछ ही घंटों के भीतर फोन की रिकवरी संभव हो जाती है। कई बार मोबाइल के साथ-साथ संगठित चोरी गैंग भी पकड़ में आए हैं, जिससे अपराध पर भी सीधा असर पड़ा है।











