OpenAI अब ChatGPT को एक बड़े कमाई के प्लेटफॉर्म में बदलने की तैयारी कर रही है। कंपनी का लक्ष्य है कि 2030 तक करीब 22 करोड़ यूजर्स इसके पेड सब्सक्रिप्शन से जुड़ें। इसके लिए सब्सक्रिप्शन के साथ शॉपिंग और विज्ञापन जैसे नए रेवेन्यू मॉडल पर भी काम हो रहा है।
ChatGPT Monetization Plan: OpenAI ने 2030 तक ChatGPT को एक बड़े कमाई के प्लेटफॉर्म में बदलने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। कंपनी का लक्ष्य है कि उसके करीब 8.5 प्रतिशत वीकली यूजर्स पेड सब्सक्रिप्शन से जुड़ें। यह योजना वैश्विक स्तर पर लागू की जा रही है और इसका असर भारत समेत कई बड़े बाजारों में दिखेगा। बढ़ती कंप्यूटिंग लागत, रिसर्च खर्च और एआई की बढ़ती मांग के चलते OpenAI लगातार नए रेवेन्यू मॉडल विकसित कर रही है।
2030 तक 22 करोड़ पेड यूजर्स बनाने की तैयारी
OpenAI अब ChatGPT को सिर्फ एक स्मार्ट चैटबॉट नहीं, बल्कि एक मजबूत कमाई का प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी का लक्ष्य है कि 2030 तक उसके करीब 8.5 प्रतिशत यूजर्स पेड सब्सक्रिप्शन से जुड़ जाएं। मौजूदा आंकड़ों के हिसाब से यह संख्या करीब 22 करोड़ यूजर्स तक पहुंच सकती है।
अगर यह लक्ष्य हासिल होता है तो ChatGPT दुनिया की सबसे बड़ी सब्सक्रिप्शन आधारित डिजिटल सर्विस बन सकता है। फिलहाल कंपनी का फोकस फ्री यूजर्स को धीरे-धीरे प्रीमियम सेवाओं की ओर शिफ्ट करने पर है।

अभी कितने लोग कर रहे हैं ChatGPT का प्रीमियम इस्तेमाल
वर्तमान में ChatGPT के लगभग 5 प्रतिशत वीकली एक्टिव यूजर्स इसके प्लस और प्रो प्लान का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह संख्या करीब 3.5 करोड़ के आसपास बताई जा रही है, जो कंपनी की शुरुआती सफलता मानी जा रही है।
भारत में ChatGPT Plus की कीमत 1,999 रुपये प्रति माह और Pro प्लान की कीमत 19,900 रुपये प्रति माह है। OpenAI का मानना है कि आने वाले समय में एआई टूल्स की बढ़ती जरूरत के साथ पेड यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ेगी।
बढ़ती लोकप्रियता के साथ बढ़ता खर्च भी चुनौती
ChatGPT की लोकप्रियता भले ही तेजी से बढ़ रही हो, लेकिन OpenAI की आर्थिक स्थिति अभी संतुलन की स्थिति में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल के अंत तक कंपनी का सालाना रेवेन्यू रन रेट 20 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
हालांकि, उन्नत एआई सिस्टम, सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर और रिसर्च पर होने वाला भारी खर्च कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। इस साल की पहली छमाही में OpenAI ने 4.3 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू कमाया, जबकि खर्च 2.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
सब्सक्रिप्शन के अलावा भी कमाई के नए रास्ते
OpenAI अब सिर्फ सब्सक्रिप्शन पर निर्भर नहीं रहना चाहती। कंपनी ChatGPT में शॉपिंग और एडवरटाइजमेंट फीचर्स जोड़ने की तैयारी में भी है।
अनुमान है कि भविष्य में कंपनी की करीब 20 प्रतिशत आमदनी इन नए रेवेन्यू मॉडल से आ सकती है। इससे ChatGPT एक मल्टी-रेवेन्यू डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में उभर सकता है।












