HUL ने अपने Ice Cream बिजनेस को अलग कर Quality Walls को स्वतंत्र कंपनी बनाने का निर्णय अंतिम कर दिया है। डिमर्जर 1 दिसंबर 2025 से प्रभावी होगा, जबकि 5 दिसंबर की रिकॉर्ड डेट पर निवेशकों को KWIL के शेयर 1:1 अनुपात में मिलेंगे।
HUL Share: हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड ने अपने Ice Cream बिजनेस को मुख्य कंपनी से अलग करने का बड़ा फैसला लेकर बाजार में हलचल बढ़ा दी है। क्वालिटी वॉल्स (Quality Walls) को एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में स्थापित करके बाद में इसे स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट किया जाएगा। कंपनी के बोर्ड ने इस पूरी प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है, जिससे डिमर्जर की समयसीमा और शर्तें साफ हो चुकी हैं।
HUL का मानना है कि Ice Cream बिजनेस को अलग इकाई में बदलने से इसे स्वतंत्र रूप से बढ़ने का बेहतर मौका मिलेगा और HUL अपने Core Business पर ज्यादा ध्यान दे सकेगा, जिससे दीर्घकालिक विकास पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
डिमर्जर कब से लागू होगा
कंपनी ने आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया है कि डिमर्जर की Effective Date और Appointed Date दोनों 1 दिसंबर 2025 होंगी। इसका मतलब यह है कि सभी नियामक मंजूरियों और औपचारिक प्रक्रियाओं के पूरे होते ही डिमर्जर इसी तारीख से लागू माना जाएगा। यह निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कई महीनों से इस पर बाजार में अटकलें चल रही थीं और अब एक निश्चित समयरेखा तय होने से निवेशकों को स्पष्टता मिल गई है। 1 दिसंबर 2025 से Quality Walls (India) Limited यानी KWIL आधिकारिक रूप से HUL से अलग हो जाएगी और अपनी स्वतंत्र कॉर्पोरेट संरचना के साथ काम शुरू करेगी।
निवेशकों को कैसे मिलेंगे KWIL के शेयर
HUL ने नई कंपनी KWIL के शेयर वितरण के लिए 5 दिसंबर 2025 को Record Date घोषित किया है। इस तारीख तक जिन निवेशकों के पास HUL के शेयर दर्ज होंगे, उन्हें नई कंपनी के शेयर 1:1 Ratio में दिए जाएंगे। यानी यदि किसी निवेशक के पास HUL के दस शेयर हैं, तो उसे दस KWIL शेयर मिलेंगे। दोनों कंपनियों के शेयरों की Face Value Re 1 रखी गई है ताकि नए निवेशकों के लिए प्रक्रिया और भी पारदर्शी और सरल बनी रहे। रिकॉर्ड डेट तय होते ही यह भी स्पष्ट हो गया है कि KWIL का निर्माण और लिस्टिंग अब तय है, और निवेशकों को इसमें हिस्सेदारी अपने-आप मिलेगी, क्योंकि HUL किसी भी प्रकार का अलग से Fresh Issue नहीं कर रहा।
कंपनी ने की नए स्वतंत्र निदेशक की नियुक्ति
HUL ने अपनी मजबूती को बढ़ाते हुए बॉबी पारीख को कंपनी का Independent Director नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल 1 दिसंबर 2025 से शुरू होकर अगले पांच साल तक चलेगा। कंपनी ने उन्हें Risk Management Committee का चेयरमैन और Audit Committee का सदस्य भी बनाया है। बॉबी पारीख Infosys, Biocon और Indostar Capital जैसी बड़ी कंपनियों में Director रह चुके हैं। इसके अलावा वे EY India के CEO के रूप में भी काम कर चुके हैं और उन्हें Indian Corporate Governance, Compliance और Finance Structure की गहरी समझ है। उनके अनुभव का फायदा HUL को रणनीतिक फैसले, वित्तीय अनुशासन और बाजार की बदलती परिस्थितियों से निपटने में मिलेगा।
टॉप मैनेजमेंट की प्रतिक्रिया क्या रही
HUL के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नितिन परांजपे ने कहा कि बॉबी पारीख का अनुभव कंपनी के लिए बेहद अहम साबित होगा क्योंकि वे जटिल परिस्थितियों में भी उपयुक्त सुझाव देने और सही फैसले लेने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि HUL के आने वाले संक्रमण काल में, जब एक बड़ा Business Unit कंपनी से अलग हो रहा है, ऐसे में अनुभवी लीडरशिप की भूमिका और भी महत्वपूर्ण है। वहीं बॉबी पारीख ने अपनी नियुक्ति को सम्मान बताते हुए कहा कि वे HUL जैसी प्रतिष्ठित कंपनी के साथ मिलकर दीर्घकालिक विकास रणनीतियों पर काम करने के लिए उत्साहित हैं।
शेयर बाजार में HUL के शेयर की हलचल
डिमर्जर की खबरों का सकारात्मक असर शेयर बाजार में दिखाई दिया और HUL का शेयर आज ₹2452 के स्तर पर ट्रेड करता दिखाई दिया, जो पिछले कारोबारी सत्र से ₹11.25 ज्यादा था। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि बाजार इस निर्णय को सकारात्मक रूप से देख रहा है क्योंकि Core Business से Ice Cream Unit हटने के बाद मार्जिन में सुधार होने की संभावना मजबूत है। इससे HUL की Profitability और Operational Efficiency में बेहतर सुधार की उम्मीद की जा रही है।
ब्रोकरेज हाउस नुवामा की रिपोर्ट और Target Price
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने HUL पर ‘BUY’ (खरीदें) की सलाह जारी रखते हुए कहा है कि अगले 12 महीनों में HUL का शेयर ₹3200 तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान समय में HUL लगभग 9x EV/Sales के वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है, जो FMCG सेक्टर में स्थिर और मजबूत माना जाता है। आइसक्रीम बिजनेस इस समय HUL की कुल बिक्री का केवल 3 प्रतिशत ही योगदान देता है, लेकिन यह कम मार्जिन वाला बिजनेस है, क्योंकि मौसम और वितरण पर इसकी निर्भरता काफी अधिक रहती है।
रिपोर्ट के अनुसार KWIL के अलग हो जाने के बाद HUL के EBITDA Margin में लगभग 50–60 Basis Points का सुधार हो सकता है। KWIL की अनुमानित Market Value लगभग ₹12–15 अरब आंकी गई है। इससे यह साफ है कि HUL के Core FMCG Business की गुणवत्ता और भी मजबूत होगी और निवेशकों को दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना बढ़ेगी।








