हुमायूं कबीर ने ममता को दिया खुला चैलेंज, कहा- 'बंगाल का ओवैसी बनूंगा'

तृणमूल कांग्रेस से निलंबित हुमायूं कबीर ने कहा कि वे बंगाल का ओवैसी बनेंगे और आगामी विधानसभा चुनाव में गेमचेंजर साबित होंगे। नई पार्टी लॉन्च से मुस्लिम वोट बैंक

हुमायूं कबीर, जो तृणमूल कांग्रेस से निलंबित हैं, ने बंगाल का ओवैसी बताते हुए अपनी नई पार्टी लॉन्च करने की घोषणा की। उनका दावा है कि वे मुस्लिम वोट बैंक को प्रभावित करेंगे और आगामी विधानसभा चुनाव में गेमचेंजर साबित होंगे।

West Bengal: पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने खुद को “बंगाल का ओवैसी” बताते हुए कहा है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में गेमचेंजर साबित होंगे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या उन्होंने मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को खुला चैलेंज दे दिया है।

नई पार्टी की घोषणा के बाद बढ़ा सियासी तनाव

कबीर, जिन्होंने हाल ही में मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति के निर्माण की आधारशिला रखी थी, अब इस महीने के अंत तक अपनी नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च करने की तैयारी में हैं। उन्होंने प्रेस वार्ता में बताया कि वे नई पार्टी बनाकर मुस्लिम समुदाय के मुद्दों पर काम करेंगे। इस घोषणा के बाद तृणमूल कांग्रेस के मुस्लिम वोट बैंक पर सीधा असर पड़ सकता है, क्योंकि राज्य में करीब 27 प्रतिशत मुस्लिम वोटर हैं जो अब तक तृणमूल के मजबूत समर्थन माने जाते थे।

ओवैसी से करीबी का दावा, क्या होगा गठबंधन

हुमायूं कबीर ने ममता को दिया खुला चैलेंज, कहा- 'बंगाल का ओवैसी बनूंगा'

कबीर ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि उनकी बातचीत AIMIM प्रमुख Asaduddin Owaisi से हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ओवैसी ने उन्हें “बंगाल का ओवैसी” कहकर समर्थन देने का संकेत दिया है। कबीर का दावा है कि वे 10 दिसंबर को कोलकाता में अपनी पार्टी की समिति का गठन करेंगे और 12 दिसंबर को लाखों समर्थकों के बीच पार्टी की औपचारिक लॉन्चिंग करेंगे।

हालांकि कबीर के इन बयानों पर न तो AIMIM और न ही ओवैसी की ओर से कोई प्रतिक्रिया आई है। इसके बावजूद उनके दावे ने अटकलों को हवा दे दी है कि क्या AIMIM और कबीर के बीच आने वाले दिनों में चुनावी गठबंधन संभव है।

“गेमचेंजर बनूंगा”, क्या है कबीर की रणनीति

कबीर ने कहा कि उनकी नई पार्टी मुसलमानों के हितों के लिए काम करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि वे राज्य की 135 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे। उनका दावा है कि वह चुनाव में बड़ा उलटफेर करेंगे और तृणमूल कांग्रेस के मुस्लिम वोट बैंक को प्रभावित करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य तृणमूल को कमजोर करना नहीं, बल्कि मुस्लिम समुदाय को नई राजनीतिक दिशा देना है।

बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति पर विवाद

हुमायूं कबीर को तृणमूल कांग्रेस ने हाल ही में पार्टी से निलंबित कर दिया था। इसका प्रमुख कारण मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति बनाने का उनका प्रस्ताव था। पार्टी ने इसे “विवाद को बढ़ावा देने वाला कदम” बताया था। निलंबन के बाद कबीर लगातार पार्टी नेतृत्व पर निशाना साध रहे हैं। उनका कहना है कि तृणमूल कांग्रेस मुस्लिम समुदाय की असली समस्याओं से मुंह मोड़ चुकी है।

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