हैदराबाद में HMDA चीफ इंजीनियर पर भ्रष्टाचार का आरोप, ACB रेड में 9 करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा

हैदराबाद में HMDA चीफ इंजीनियर बी. रविंदर के खिलाफ ACB ने आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया। छापेमारी में करोड़ों की प्रॉपर्टी, गाड़ियां और गहने मिले।

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में ACB ने HMDA चीफ इंजीनियर बी. रविंदर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में केस दर्ज किया है। जांच में 9.24 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति, लग्जरी कारें, सोना-चांदी और नकदी मिलने का दावा किया गया है।

हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (HMDA) के चीफ इंजीनियर बी. रविंदर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि अधिकारी ने कथित भ्रष्टाचार के जरिए करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की।

ACB की कार्रवाई के दौरान बी. रविंदर से जुड़ी संपत्तियों, बैंक खातों, आभूषणों और महंगी गाड़ियों की जानकारी सामने आई है। एजेंसी के अनुसार, बरामद और चिन्हित संपत्तियों का पंजीकृत मूल्य 9.24 करोड़ रुपये से अधिक है, जबकि उनकी वास्तविक बाजार कीमत इससे काफी ज्यादा होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

ACB ने कई ठिकानों पर की छापेमारी

तेलंगाना एंटी करप्शन ब्यूरो की सिटी रेंज टीम ने 1 जुलाई से 14 जुलाई के बीच बी. रविंदर के आवास, कार्यालय और उनसे जुड़े अन्य स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। जांच एजेंसी ने आरोपी अधिकारी के रिश्तेदारों, सहयोगियों और कथित बेनामी संपत्ति से जुड़े लोगों के ठिकानों पर भी छापेमारी की। ACB अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड मिले, जिनके आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 संशोधन) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पांच खाली प्लॉट और चार फ्लैट मिले

जांच के दौरान ACB को कई अचल संपत्तियों का पता चला। इनमें किस्तापुर, पसमाला और कोंडाकल क्षेत्रों में पांच खाली प्लॉट शामिल हैं, जिनकी सरकारी कीमत लगभग 38.89 लाख रुपये आंकी गई है।

इसके अलावा नरसिंगी और नानकरामगुडा क्षेत्रों में चार फ्लैट मिले हैं, जिनकी कीमत करीब 2.07 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच एजेंसी ने इन संपत्तियों के स्वामित्व और खरीद के स्रोतों की जांच शुरू कर दी है। ACB का कहना है कि इन संपत्तियों की खरीद के लिए इस्तेमाल किए गए धन के स्रोतों की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इनमें अवैध आय का इस्तेमाल हुआ है।

हैदराबाद में HMDA चीफ इंजीनियर पर भ्रष्टाचार का आरोप, ACB रेड में 9 करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा

कृषि भूमि और अधूरे विला का भी खुलासा

जांच में कोथुर और शमशाबाद क्षेत्रों में करीब चार एकड़ कृषि भूमि का भी पता चला है। इसके अलावा मोकिला गांव में एक अधूरा रिहायशी विला मिला, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1.33 करोड़ रुपये बताई गई है। ACB को कोंडापुर के मस्जिद बांदा क्षेत्र में एक बड़ी G+4 बिल्डिंग भी मिली है, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपये आंकी गई है। एजेंसी अब इन सभी संपत्तियों के दस्तावेजों और निर्माण लागत की जांच कर रही है।

सोना, चांदी और नकदी भी बरामद

तलाशी अभियान के दौरान ACB ने चल संपत्ति भी बरामद की है। एजेंसी के अनुसार, छापेमारी में लगभग 3.82 लाख रुपये नकद मिले हैं। इसके अलावा बैंक खातों में करीब 45.05 लाख रुपये की राशि का पता चला है। जांच टीम को लगभग 1.44 किलोग्राम सोने के आभूषण मिले हैं, जिनकी कीमत करीब 36.70 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा करीब 12.5 किलोग्राम चांदी के आभूषण भी बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपये है। ACB अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये कीमती सामान अधिकारी की घोषित आय और संपत्ति विवरण से मेल खाते हैं या नहीं।

करोड़ों की लग्जरी गाड़ियां भी जब्त

ACB की कार्रवाई में बी. रविंदर के पास मौजूद कई महंगी गाड़ियों का भी खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी ने लगभग 1.16 करोड़ रुपये मूल्य की लग्जरी कारें जब्त की हैं।

इनमें टाटा सफारी, टोयोटा इनोवा क्रिस्टा, टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस और महिंद्रा XUV जैसी एसयूवी शामिल हैं। इसके अलावा कई महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए गए हैं। ACB के अनुसार, करीब 9.32 लाख रुपये मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स मिले हैं, जिनमें सात सैमसंग मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क और आईपैड शामिल हैं। एजेंसी इन उपकरणों की जांच कर डिजिटल रिकॉर्ड जुटा रही है।

HMDA अधिकारी पर आगे की जांच जारी

ACB ने कहा है कि यह कार्रवाई शुरुआती जांच के आधार पर की गई है और आगे की जांच में संपत्तियों का मूल्य तथा अन्य संभावित निवेश सामने आ सकते हैं। एजेंसी यह भी जांच करेगी कि क्या अधिकारी ने अपने पद का इस्तेमाल करके अवैध लाभ हासिल किया। आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच एजेंसियां आमतौर पर अधिकारी की घोषित आय, खर्च और अर्जित संपत्ति के बीच अंतर का मूल्यांकन करती हैं। यदि संपत्ति का स्रोत वैध साबित नहीं होता है तो कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाती है।

तेलंगाना में भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई तेज

तेलंगाना में हाल के समय में ACB ने कई सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इससे पहले भी राज्य में कुछ अधिकारियों के पास आय से अधिक संपत्ति मिलने के मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी कार्रवाई सरकारी विभागों में पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

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