महिला क्रिकेट में अनुशासन को लेकर International Cricket Council (ICC) ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है। बांग्लादेश की स्पिनर नाहिदा अख्तर और बल्लेबाज शर्मिन सुल्ताना पर आचार संहिता के उल्लंघन के लिए जुर्माना लगाया गया है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अनुशासन को लेकर International Cricket Council (ICC) ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। बांग्लादेश महिला टीम की दो प्रमुख खिलाड़ियों—नाहिदा अख्तर और शर्मिन सुल्ताना—पर श्रीलंका के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे मैच के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए जुर्माना लगाया गया है।
यह कार्रवाई ICC वूमेन्स चैंपियनशिप के तहत खेले जा रहे मुकाबले में हुई घटनाओं के आधार पर की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि महिला क्रिकेट में भी अनुशासन और खेल भावना को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही।
क्या था पूरा मामला?
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यह मुकाबला बांग्लादेश के राजशाही में खेला गया, जहां दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। हालांकि मैच के दौरान कुछ ऐसे घटनाक्रम सामने आए, जिन्होंने ICC को हस्तक्षेप करने पर मजबूर कर दिया। स्पिनर नाहिदा अख्तर को ICC कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.5 के तहत दोषी पाया गया। यह नियम बल्लेबाज के आउट होने के बाद उकसाने वाले व्यवहार या इशारों से संबंधित है। नाहिदा ने श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू को आउट करने के बाद पवेलियन की ओर इशारा करते हुए “सेंड-ऑफ” दिया, जिसे खेल भावना के खिलाफ माना गया।
वहीं, बल्लेबाज शर्मिन सुल्ताना को आर्टिकल 2.8 के तहत दोषी ठहराया गया, जो अंपायर के फैसले पर असहमति जताने से जुड़ा है। 16वें ओवर में LBW आउट दिए जाने के बाद उन्होंने न केवल असंतोष जताया बल्कि क्रीज छोड़ने में भी देरी की और अपने बल्ले की ओर इशारा करते हुए फैसले पर सवाल उठाए।
ICC का फैसला और सजा
दोनों खिलाड़ियों के इन व्यवहारों को लेवल-1 का उल्लंघन माना गया, जिसके तहत उनकी मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा, दोनों के खाते में एक-एक डिमेरिट अंक भी जोड़ दिया गया है। यह कार्रवाई ऑन-फील्ड अंपायर एलोइस शेरिडन और रोकेया सुल्ताना, थर्ड अंपायर डॉली रानी सरकार और फोर्थ अंपायर शाथिरा जाकिर जेसी की रिपोर्ट के आधार पर की गई। मैच रेफरी सुप्रिया रानी दास द्वारा प्रस्तावित सजा को दोनों खिलाड़ियों ने स्वीकार कर लिया, जिसके चलते किसी औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।
ICC के नियमों के अनुसार, लेवल-1 उल्लंघन अपेक्षाकृत कम गंभीर होते हैं, लेकिन बार-बार ऐसे मामलों में शामिल होने पर खिलाड़ियों को कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है।










