IMD ने ओडिशा के 11 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की है। भुवनेश्वर और कटक सहित कई क्षेत्रों में अगले कुछ घंटों तक मौसम खराब रहने की संभावना है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
भुवनेश्वर: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ओडिशा के कई हिस्सों में मौसम को लेकर अहम चेतावनी जारी की है। भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य के 11 जिलों में अगले कुछ घंटों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश, गरज के साथ छींटे और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए येलो वॉर्निंग जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में सक्रिय निम्न दबाव प्रणाली (Low Pressure System) के प्रभाव से मौसम लगातार बदल रहा है। इसके चलते कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित हो सकता है।
इन 11 जिलों के लिए जारी हुई येलो वॉर्निंग
मौसम विभाग ने जिन जिलों में येलो वॉर्निंग जारी की है, उनमें शामिल हैं—
- कटक (कटक शहर सहित)
- खुर्दा (भुवनेश्वर शहर सहित)
- गंजाम
- क्योंझर
- भद्रक
- जाजपुर
- अंगुल
- केंद्रपाड़ा
- जगतसिंहपुर
- ढेंकानाल
- नयागढ़
इन जिलों में एक या दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
अगले तीन घंटे रहेंगे महत्वपूर्ण
भुवनेश्वर क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि चेतावनी विशेष रूप से अगले तीन घंटों के लिए जारी की गई है। इस दौरान कुछ इलाकों में अचानक मौसम बदल सकता है और तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान इस तरह की स्थानीय मौसम प्रणालियां तेजी से विकसित होती हैं, इसलिए लोगों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

सक्रिय निम्न दबाव प्रणाली से बढ़ा बारिश का असर
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र ओडिशा में व्यापक वर्षा का प्रमुख कारण है। इसी प्रणाली के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में लगातार बादल छाए हुए हैं और कई जिलों में पहले से ही बारिश दर्ज की जा चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह प्रणाली मानसूनी हवाओं को और मजबूत कर रही है, जिसके कारण आने वाले दिनों में भी कई स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
IMD ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। विशेष रूप से गरज-चमक और बिजली गिरने के समय खुले मैदानों में जाने से बचने को कहा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, आकाशीय बिजली प्राकृतिक आपदाओं में सबसे घातक घटनाओं में से एक है और थोड़ी सी सावधानी कई जानें बचा सकती है।
यातायात और दैनिक जीवन पर पड़ सकता है असर
बारिश और गरज-चमक के कारण कई इलाकों में सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है, जिससे कार्यालय जाने वाले लोगों और छात्रों को परेशानी हो सकती है। भुवनेश्वर और कटक जैसे प्रमुख शहरों में प्रशासन ने भी मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखी है और जरूरत पड़ने पर स्थानीय एजेंसियों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों के लिए मौसम पर नजर रखना जरूरी
बारिश खेती के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन तेज बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं किसानों के लिए जोखिम भी पैदा कर सकती हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम साफ होने तक खेतों में काम करने से बचें और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखें। पशुपालकों को भी अपने पशुओं को खुले मैदानों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।
पहले भी जारी किया गया था भारी बारिश का अलर्ट
मंगलवार को भी मौसम विभाग ने जानकारी दी थी कि सक्रिय निम्न दबाव प्रणाली के कारण ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने बताया था कि यह मौसम प्रणाली 15 जुलाई तक प्रभावी रह सकती है और इस दौरान कई हिस्सों में वर्षा का दौर जारी रहेगा। इसी चेतावनी के मद्देनजर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं।
मौसम विशेषज्ञों की सलाह
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के दौरान स्थानीय स्तर पर बनने वाले बादल अचानक तेज बारिश और बिजली का कारण बन सकते हैं। ऐसे में मौसम चेतावनियों को गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों ने लोगों से मोबाइल पर मौसम अपडेट देखने, यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।










