Weather Update: बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट, जानिए दिल्ली में अगले 2 दिन कैसा रहेगा मौसम

Weather Update: बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, दिल्ली में अगले दो दिनों के मौसम को लेकर भी अहम

देशभर में मानसून का असर अलग-अलग राज्यों में अलग तस्वीर पेश कर रहा है। गुजरात, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।

नई दिल्ली: भारत के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में फिलहाल बारिश की कमी के कारण उमस भरी गर्मी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के प्रभाव से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। इसके चलते कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक लगातार वर्षा हो सकती है।

पूर्वोत्तर भारत में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 से 20 जुलाई के बीच कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने का खतरा बना हुआ है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका भी व्यक्त की गई है।

बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के लिए विशेष चेतावनी

मौसम विभाग ने बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है। इन राज्यों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिम बंगाल के पर्वतीय क्षेत्रों, विशेषकर दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में विकसित कम दबाव का क्षेत्र मानसूनी गतिविधियों को और मजबूत कर रहा है। इसी कारण पूर्वी भारत के कई हिस्सों में वर्षा की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को 15 से 18 जुलाई के बीच समुद्र में न जाने की सलाह दी है। इस दौरान तटीय क्षेत्रों में 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना जताई गई है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी बारिश बढ़ने के संकेत

IMD के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17 से 19 जुलाई के बीच भारी बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 18 और 19 जुलाई को तेज वर्षा की संभावना है। वहीं, उत्तराखंड के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने का जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा, सप्ताह के अंत तक जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी मानसून की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है।

ओडिशा में कई दिनों तक सक्रिय रहेगा मानसून

ओडिशा में मौसम विभाग ने 14 से 18 जुलाई के बीच व्यापक वर्षा की संभावना जताई है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, जबकि तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने की आशंका है। मछुआरों को अगले कई दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि तटीय क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो कुछ स्थानों पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल नहीं मिलेगी राहत

जहां देश के कई हिस्सों में बारिश तेज होने की संभावना है, वहीं दिल्ली-एनसीआर के लोगों को फिलहाल उमस भरी गर्मी से तत्काल राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक राजधानी में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन व्यापक वर्षा की संभावना कम है। अधिकतम तापमान लगभग 36 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

उच्च आर्द्रता (Humidity) के कारण लोगों को गर्मी और उमस का अधिक अनुभव हो सकता है। मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव की स्थिति से बचने, मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

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