भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एसीसी अंडर-19 एशिया कप 2025 में मलेशिया के खिलाफ एक बार फिर धमाकेदार प्रदर्शन किया। उन्होंने मात्र 25 गेंदों में फिफ्टी जड़ते हुए भारतीय टीम की मुश्किल घड़ी में बैटिंग की कमान संभाली।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारत के युवा बैटिंग सेंसेशन वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर बल्ले से तहलका मचाया। 16 दिसंबर को दुबई में खेले गए एसीसी अंडर-19 एशिया कप में मलेशिया के खिलाफ वैभव ने 3 छक्के और 5 चौकों की मदद से 25 गेंदों में तूफानी फिफ्टी ठोककर मलेशियाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। हालांकि, वह अपनी इस पारी को बड़ा नहीं कर पाए और अगली ही गेंद पर आउट हो गए।
इस धमाकेदार प्रदर्शन की बदौलत वैभव भारतीय दिग्गज विराट कोहली के एक रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए हैं। अब उनकी नजरें यूथ वनडे में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम करने पर टिकी हैं, जिससे वह किंग कोहली को पछाड़ सकते हैं।
वैभव की शानदार पारी

मलेशिया के खिलाफ भारतीय टीम को शुरुआत में ही झटका लगा, जब कप्तान आयुष म्हात्रे (14) और वियान मल्होत्रा (7) जल्दी आउट हो गए। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने पारी को संभाला और वेदांत त्रिवेदी के साथ मिलकर 40 रन की साझेदारी कर भारत को संकट से बाहर निकाला। वैभव ने अपनी तूफानी पारी में 3 छक्के और 5 चौके लगाकर सिर्फ 25 गेंदों में फिफ्टी पूरी की। हालांकि वह अगली ही गेंद पर मलेशियाई गेंदबाज मुहम्मद आलिफ को कैच दे बैठे, जिससे भारत का स्कोर 87/3 हो गया।
वैभव सूर्यवंशी ने अब तक 14 अंडर-19 मैचों में 782 रन बनाए हैं, जबकि विराट कोहली ने 2006-2008 के बीच 28 मैचों में 978 रन बनाए थे। इस हिसाब से वैभव और कोहली के बीच सिर्फ 196 रन का अंतर बचा है। अगर वैभव अपने शानदार फॉर्म को बनाए रखते हैं, तो वे आने वाले मैचों में कोहली का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं।
यूथ वनडे में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड फिलहाल विजय जोल के नाम है, जिन्होंने 2012-2014 के बीच 1404 रन बनाए थे। वैभव के पास इस रिकॉर्ड को चुनौती देने का पूरा अवसर है।
मौजूदा फॉर्म
इस मैच से पहले पाकिस्तान के खिलाफ वैभव फ्लॉप रहे थे और सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए थे। लेकिन यूएई अंडर-19 टूर्नामेंट में उन्होंने 95 गेंदों में 171 रन की पारी खेली थी, जिसमें 9 चौके और 14 छक्के शामिल थे। उनकी इस धमाकेदार पारी की मदद से भारत ने पहले मैच में 433 रन बनाए और यूएई को केवल 199 रन ही बनाने दिए थे।











