भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला वनडे आज वडोदरा में खेला जाएगा। रोहित शर्मा और विराट कोहली की फॉर्म चर्चा में है। नए स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले में टीम संयोजन पर भी सबकी नजर रहेगी।
IND vs NZ 1st ODI: भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला आज वडोदरा में खेला जाएगा। भले ही अगले महीने होने वाले टी-20 विश्व कप (T20 World Cup) के कारण इस वनडे सीरीज की अहमियत थोड़ी कम मानी जा रही हो, लेकिन भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह सीरीज कई मायनों में खास है। खासतौर पर विराट कोहली और रोहित शर्मा की मौजूदगी इस मुकाबले को अतिरिक्त आकर्षण देती है।
भारतीय टीम इस सीरीज को आगामी बड़े टूर्नामेंट्स की तैयारी और टीम संयोजन को परखने के मौके के तौर पर देख रही है। वहीं न्यूजीलैंड की टीम युवा खिलाड़ियों के साथ नई शुरुआत करना चाहती है।
रोहित–कोहली की फॉर्म बनी चर्चा का केंद्र
इस वनडे सीरीज में सबसे ज्यादा चर्चा विराट कोहली और रोहित शर्मा की फॉर्म को लेकर है। दोनों अनुभवी बल्लेबाजों ने हाल ही में विजय हजारे ट्रॉफी (Vijay Hazare Trophy) के लीग चरण में हिस्सा लिया था। इस घरेलू टूर्नामेंट में दोनों ने बड़े स्कोर बनाकर यह साफ कर दिया कि उनका अनुभव और क्लास अभी भी भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद अहम है।
विजय हजारे ट्रॉफी में मिले इस मैच अभ्यास ने कोहली और रोहित को वनडे सीरीज से पहले आत्मविश्वास से भर दिया है। टीम मैनेजमेंट को उम्मीद है कि दोनों सीनियर खिलाड़ी न्यूजीलैंड के खिलाफ इसी लय को आगे बढ़ाएंगे और युवा खिलाड़ियों के लिए मजबूत आधार तैयार करेंगे।
वनडे सीरीज का बदला हुआ महत्व
अगले महीने होने वाले टी-20 विश्व कप के चलते यह साफ है कि टीम इंडिया की प्राथमिकता सीमित ओवरों के छोटे प्रारूप पर ज्यादा है। इसके बावजूद वनडे क्रिकेट को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अगले सात दिनों में खेले जाने वाले तीन वनडे मुकाबले चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को यह समझने का मौका देंगे कि कौन से खिलाड़ी इस प्रारूप में भरोसेमंद विकल्प बन सकते हैं।

रोहित और कोहली जैसे खिलाड़ी भले ही टी-20 पर ज्यादा फोकस में न हों, लेकिन वनडे क्रिकेट में उनका अनुभव भारत के लिए अब भी गेम चेंजर साबित हो सकता है।
शुभमन गिल की फॉर्म बनी चिंता
भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल की बल्लेबाजी फॉर्म पिछले कुछ समय से चिंता का विषय रही है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज में वह चोट के कारण बाहर रहे थे। अब उनकी वापसी ने टीम संयोजन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
गिल के लौटने से यशस्वी जायसवाल को शीर्ष क्रम से बाहर बैठना पड़ सकता है। जायसवाल ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने पिछले वनडे मैच में शानदार शतक जड़ा था। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के सामने यह चुनौती होगी कि वह फॉर्म और भविष्य की योजना के बीच संतुलन कैसे बनाए।
श्रेयस अय्यर की वापसी से स्थिरता की उम्मीद
श्रेयस अय्यर की टीम में वापसी से बल्लेबाजी क्रम में चल रहे प्रयोगों पर विराम लगने की उम्मीद है। 31 वर्षीय अय्यर का चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करना लगभग तय माना जा रहा है। इस स्थान पर उनकी मौजूदगी से मध्यक्रम को मजबूती मिलेगी, जो हाल के मैचों में भारत की कमजोरी रही है।
केएल राहुल की भूमिका निचले क्रम के बल्लेबाज और विकेटकीपर के रूप में जारी रहने की संभावना है। इससे ऋषभ पंत के लिए अंतिम एकादश में जगह बनाना मुश्किल माना जा रहा था। हालांकि पंत चोट के कारण पहले ही इस सीरीज से बाहर हो चुके हैं।
तैयारी में उतार-चढ़ाव
श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत और मोहम्मद सिराज विजय हजारे ट्रॉफी में व्यस्तता के कारण शुक्रवार तक वनडे टीम की तैयारियों का हिस्सा नहीं बन पाए थे। इसके बावजूद रवींद्र जडेजा ने पूरे जोश के साथ अभ्यास किया, जिससे यह संकेत मिले कि वह पहले मैच के लिए पूरी तरह फिट और उपलब्ध हैं।
बुमराह–हार्दिक को आराम का फैसला
टी-20 प्रतिबद्धताओं को ध्यान में रखते हुए जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या को इस वनडे सीरीज से आराम दिया गया है। उनके न होने से तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा पर होगी।
स्पिन विभाग में कुलदीप यादव, वॉशिंगटन सुंदर और रवींद्र जडेजा मुख्य भूमिका निभाएंगे। शाम के समय पड़ने वाली ओस और वडोदरा की सपाट पिच को देखते हुए गेंदबाजों का फोकस आक्रामक विकेट लेने से ज्यादा रन रोकने पर रहेगा।
वडोदरा स्टेडियम का ऐतिहासिक दिन

कोटाम्बी स्थित बड़ौदा क्रिकेट संघ का नया स्टेडियम आज इतिहास रचने जा रहा है। यह पहला मौका होगा जब इस मैदान पर पुरुषों का कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला जाएगा। इससे पहले यह स्टेडियम भारत और वेस्टइंडीज के बीच महिला वनडे सीरीज की मेजबानी कर चुका है।
नए मैदान पर खेलने का अनुभव दोनों टीमों के लिए अलग होगा और पिच का मिजाज मैच के दौरान अहम भूमिका निभा सकता है।
न्यूजीलैंड की युवा टीम का इरादा
न्यूजीलैंड की टीम इस सीरीज को अपने युवा और दूसरे दर्जे के खिलाड़ियों को परखने के मौके के तौर पर देख रही है। पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत से मिली हार का इस सीरीज पर कोई खास असर नहीं माना जा रहा है। 2024-25 में भारत दौरे पर टेस्ट सीरीज में 3-0 की ऐतिहासिक जीत हासिल करने वाली न्यूजीलैंड टीम वनडे में भी कुछ अलग करने की कोशिश करेगी। इस बार टीम की कमान माइकल ब्रेसवेल के हाथों में होगी।
कीवी टीम में बड़े नामों की कमी
नियमित कप्तान मिशेल सैंटनर ग्रोइन इंजरी के कारण वनडे सीरीज से बाहर हैं। टॉम लाथम अपने पहले बच्चे के जन्म के चलते स्वदेश लौट गए हैं। पूर्व कप्तान केन विलियमसन दक्षिण अफ्रीका में SA20 League में अपनी टी-20 प्रतिबद्धताओं में व्यस्त हैं।
रचिन रवींद्र और तेज गेंदबाज जैकब डफी को भी आराम दिया गया है। मैट हेनरी पिंडली की चोट से वापसी कर रहे हैं, लेकिन उनका फोकस टी-20 सीरीज पर है। ऐसे में काइल जैमीसन और युवा लेग स्पिनर आदित्य अशोक पर सबकी नजरें रहेंगी।
भारत में वनडे इतिहास की चुनौती
एक दिलचस्प तथ्य यह है कि न्यूजीलैंड ने भले ही 2024 में टेस्ट क्रिकेट में भारत के घरेलू दबदबे को तोड़ा हो, लेकिन वह अब तक भारत में कोई भी वनडे सीरीज या टूर्नामेंट नहीं जीत पाई है। यह आंकड़ा भारतीय टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त देता है।
वहीं भारत ने पिछले महीने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ निर्णायक मैच में दो साल से अधिक समय बाद वनडे में टॉस जीता था। इससे पहले टीम लगातार 20 मैचों में टॉस हार चुकी थी।










