भारत अमेरिका और 24 अन्य देशों के साथ मिलकर 6G तकनीक के विकास और वैश्विक नेटवर्क ढांचे पर काम करेगा। अगले 12 महीनों में साइबर सुरक्षा, इंटरऑपरेबिलिटी और सुरक्षित AI के इस्तेमाल पर फोकस रहेगा।
नई दिल्ली: भारत 6G तकनीक के विकास और इसके वैश्विक नियम तय करने की दिशा में अहम भूमिका निभाने जा रहा है। अमेरिका के कॉमर्स विभाग के अनुसार, भारत अमेरिका समेत 24 अन्य देशों के साथ मिलकर सुरक्षित और भरोसेमंद 6G नेटवर्क ढांचा तैयार करेगा। इस पहल में साइबर सुरक्षा, नेटवर्क इंटरऑपरेबिलिटी और सुरक्षित AI के इस्तेमाल को प्राथमिकता दी जाएगी।
अमेरिका समेत 24 देशों के साथ 6G पर काम करेगा भारत
अमेरिका के वाणिज्य विभाग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि भारत अब अमेरिका और 24 अन्य देशों के साथ 6G के विकास में शामिल हो गया है। इस साझेदारी का उद्देश्य ऐसी 6G तकनीक विकसित करना है, जो सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के साथ कारोबार, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा दे।
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यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका के मियामी शहर में G20 शिखर सम्मेलन आयोजित हो रहा है। इसी दौरान वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक से मुलाकात की। दोनों के बीच 6G तकनीक के भविष्य को लेकर अहम चर्चा हुई।
अगले 12 महीनों में तैयार होगा सुरक्षित 6G ढांचा
भारत इसी साल जुलाई में अमेरिका की टेलीकॉम एजेंसी NTIA की ओर से शुरू की गई ‘6G लीडरशिप और सिक्योरिटी’ पहल में शामिल हुआ था। इस समझौते के तहत भारत और अन्य 25 देश अगले 12 महीनों तक मिलकर 6G नेटवर्क के लिए सुरक्षित, मजबूत और भरोसेमंद ढांचा तैयार करेंगे।
इस साझेदारी का एक प्रमुख उद्देश्य 6G नेटवर्क की साइबर सुरक्षा को मजबूत करना है। इसके साथ अलग-अलग कंपनियों के नेटवर्क उपकरणों को आपस में आसानी से जोड़ने योग्य बनाने पर भी काम होगा। नेटवर्क के संचालन और प्रबंधन में सुरक्षित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के इस्तेमाल को लेकर भी सहयोग किया जाएगा।
6G नेटवर्क को लेकर वैश्विक स्तर पर अभी से मानक और सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने की कोशिश इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि भविष्य की मोबाइल कनेक्टिविटी में तेज डेटा ट्रांसफर, कम लेटेंसी और अधिक कनेक्टेड डिवाइस की भूमिका बढ़ने की उम्मीद है।
‘भारत 6G मिशन’ से ग्लोबल हब बनने की तैयारी
भारत समानांतर रूप से अपने ‘भारत 6G मिशन’ के जरिए इस क्षेत्र में अपनी क्षमता विकसित कर रहा है। देश का लक्ष्य केवल 6G तकनीक को अपनाना नहीं, बल्कि इसके विकास और निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है।
भारत नए 6G पेटेंट, नेटवर्क उपकरण और किफायती टेलीकॉम प्रोडक्ट्स विकसित करने पर जोर दे रहा है। इन तकनीकों को भविष्य में वैश्विक बाजार में निर्यात करने की भी योजना है। ऐसे में अमेरिका समेत 25 अन्य देशों के साथ 6G सहयोग भारत के लिए तकनीकी मानकों, सुरक्षा और वैश्विक टेलीकॉम इकोसिस्टम में अपनी भूमिका मजबूत करने का अवसर माना जा रहा है।









