भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए जुलाई 2026 का महीना सकारात्मक खबर लेकर आया है। देश के औद्योगिक क्षेत्र ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए उत्पादन की रफ्तार बढ़ाई है। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2026 में भारत का औद्योगिक उत्पादन (IIP) सालाना आधार पर 6.7 फीसदी बढ़ा।
India Industrial Production July 2026: भारत के औद्योगिक क्षेत्र ने जुलाई 2026 में मजबूत प्रदर्शन किया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश के औद्योगिक उत्पादन में सालाना आधार पर 6.7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। मैन्युफैक्चरिंग और बिजली क्षेत्र की तेज रफ्तार ने इस ग्रोथ को सहारा दिया, जबकि माइनिंग सेक्टर का प्रदर्शन कमजोर रहा।
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए जुलाई के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े सकारात्मक संकेत लेकर आए हैं। मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन (MoSPI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) 124.8 पर पहुंच गया। एक साल पहले जुलाई 2025 में यह आंकड़ा 117.0 था।
हालांकि, जुलाई की 6.7 फीसदी औद्योगिक वृद्धि जून 2026 में दर्ज 7.3 फीसदी ग्रोथ से थोड़ी कम रही। इसके बावजूद औद्योगिक गतिविधियों में लगातार मजबूती भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर बना ग्रोथ का प्रमुख आधार
जुलाई में औद्योगिक उत्पादन बढ़ाने में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की सबसे बड़ी भूमिका रही। इस क्षेत्र में सालाना आधार पर 7.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।MoSPI के आंकड़ों के मुताबिक, 23 प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री ग्रुप्स में से 19 में जुलाई के दौरान पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले उत्पादन बढ़ा। इससे पता चलता है कि औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार कई क्षेत्रों में देखने को मिला।
ऑटोमोबाइल से जुड़े उत्पादन में भी अच्छी तेजी रही। मोटर व्हीकल, ट्रेलर और सेमी-ट्रेलर के उत्पादन में 22.2 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा इलेक्ट्रिकल उपकरणों का उत्पादन 28.3 फीसदी बढ़ा, जबकि मशीनरी और उपकरण निर्माण में 12.1 फीसदी की तेजी रही। ये आंकड़े पूंजीगत निवेश, औद्योगिक मांग और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में मजबूती की ओर संकेत करते हैं।
बिजली और यूटिलिटी सेक्टर का भी बेहतर प्रदर्शन
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जुलाई में बिजली क्षेत्र ने भी औद्योगिक उत्पादन को मजबूती दी। इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर का उत्पादन 8.7 फीसदी बढ़ा। बिजली की मांग और औद्योगिक गतिविधियों में बढ़ोतरी का असर इस क्षेत्र के प्रदर्शन में दिखाई दिया। वहीं, पानी की सप्लाई, सीवरेज और वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े सेक्टर में भी 7.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि इंडस्ट्रियल ग्रोथ का असर केवल फैक्ट्री उत्पादन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे जुड़ी यूटिलिटी गतिविधियों में भी तेजी देखने को मिली।
जहां मैन्युफैक्चरिंग और बिजली ने बेहतर प्रदर्शन किया, वहीं माइनिंग और क्वॉरिंग सेक्टर के आंकड़े कमजोर रहे। जुलाई 2026 में इस क्षेत्र के उत्पादन में सालाना आधार पर 0.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। माइनिंग सेक्टर में कमजोरी के बावजूद मैन्युफैक्चरिंग और बिजली क्षेत्र की बेहतर ग्रोथ ने कुल औद्योगिक उत्पादन को सकारात्मक क्षेत्र में बनाए रखा।
कैपिटल गुड्स में 16.1% की जोरदार वृद्धि
जुलाई के IIP आंकड़ों में सबसे अहम संकेतों में से एक कैपिटल गुड्स सेक्टर की तेज वृद्धि है। इस श्रेणी में उत्पादन 16.1 फीसदी बढ़ा। कैपिटल गुड्स में वृद्धि को उद्योगों की निवेश गतिविधियों और उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा सकता है। इंटरमीडिएट गुड्स में भी 10 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन गुड्स का उत्पादन 6.9 फीसदी बढ़ा। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के उत्पादन में 10.5 फीसदी की वृद्धि रही, जबकि कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स में 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
MoSPI ने स्पष्ट किया है कि जुलाई 2026 के IIP आंकड़े फिलहाल त्वरित अनुमान (Quick Estimates) हैं। विभिन्न स्रोतों से अतिरिक्त आंकड़े मिलने के बाद इनमें संशोधन किया जा सकता है। अब बाजार और अर्थव्यवस्था से जुड़े विशेषज्ञों की नजर अगस्त 2026 के औद्योगिक उत्पादन आंकड़ों पर रहेगी। MoSPI के अनुसार, अगस्त 2026 के IIP आंकड़े 28 सितंबर 2026 को जारी किए जाएंगे।








