जापान में होटल कर्मचारी से दुर्व्यवहार के आरोप में भारतीय पैरा तैराक शम्स आलम वापस भेजे गए, लाइफटाइम बैन पर विचार

पैरा एशियन गेम्स 2026 के दौरान भारतीय तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख पर जापान में होटल कर्मचारी से दुर्व्यवहार के आरोप लगे। उन्हें भारत वापस भेजा गया है।

जापान में पैरा एशियन गेम्स के दौरान भारतीय पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख पर नागोया के एक होटल में महिला कर्मचारी से यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगे। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें भारत वापस भेज दिया गया है।

नागोया: जापान में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 के दौरान भारतीय पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख पर एक होटल की महिला कर्मचारी के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। घटना के बाद जापानी पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और बाद में भारतीय दल की व्यवस्था के तहत उन्हें वापस भारत भेज दिया गया। मामले के सामने आने के बाद पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार कर रही है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इसमें आजीवन प्रतिबंध लगाने का विकल्प भी शामिल है। हालांकि, आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष और PCI के अंतिम फैसले की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। 

यह घटना सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को जापान के नागोया शहर में हुई बताई गई है। अगले दिन, 20 अक्टूबर को शेख को भारत लौटने के लिए रवाना किया गया। घटना की जानकारी 22 अक्टूबर को सार्वजनिक हुई। इस मामले ने भारतीय खेल दल की अनुशासन व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के आचरण को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

होटल की महिला कर्मचारी ने लगाए गंभीर आरोप

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय आयोजन समिति ने भारतीय दल के शेफ-डी-मिशन को होटल में हुई घटना के बारे में जानकारी दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि शेख ने होटल की हाउसकीपिंग टीम की एक महिला कर्मचारी को अनुचित तरीके से छुआ, अश्लील इशारे किए और उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की।

शिकायत मिलने के बाद जापानी पुलिस ने 40 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुंचाया। रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस मामले को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाने और उन्हें अदालत के सामने पेश करने की मांग कर रही थी।

इसके बाद स्थानीय आयोजन समिति और भारतीय दल के अधिकारियों ने मामले को संभालने के लिए हस्तक्षेप किया। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय प्रतिनिधिमंडल से महिला कर्मचारी और होटल प्रबंधन के समक्ष लिखित माफी देने तथा खिलाड़ी को जापान से वापस भेजने की व्यवस्था करने को कहा गया।

यहां स्पष्ट करना जरूरी है कि ये आरोप हैं। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि किसी अदालत ने शेख को दोषी ठहराया है। किसी शिकायत, हिरासत या देश वापस भेजे जाने को दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।

भारतीय दल ने लिखित माफी दी, खिलाड़ी को वापस भेजा गया

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना के बाद शेख को रात बिताने के लिए दूसरे होटल में स्थानांतरित किया गया। इसके बाद उनके भारत लौटने की व्यवस्था की गई और वह 20 अक्टूबर को नागोया से रवाना हुए।

रिपोर्ट में भारतीय दल की ओर से संबंधित महिला कर्मचारी को लिखित माफी देने का भी उल्लेख है। हालांकि, किसी लिखित माफी की मौजूदगी अपने आप में सभी आरोपों की न्यायिक पुष्टि नहीं होती। मामले में जापानी पुलिस की जांच और किसी संभावित न्यायिक कार्रवाई की अंतिम स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।

यह भी महत्वपूर्ण है कि जापान से वापस भेजे जाने की खबर को औपचारिक निर्वासन आदेश के रूप में तभी प्रस्तुत किया जाना चाहिए, जब संबंधित अधिकारियों के दस्तावेज इसकी पुष्टि करें। उपलब्ध रिपोर्टों से इतना स्पष्ट है कि शेख को प्रतियोगिता से हटाकर भारत वापस भेजा गया।

PCI आजीवन प्रतिबंध लगाने पर कर रही है विचार

इस मामले के सामने आने के बाद पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के संभावित कदमों पर चर्चा शुरू हो गई है। द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, PCI शेख पर आजीवन प्रतिबंध लगाने के विकल्प पर विचार कर रही है।

यदि ऐसा प्रतिबंध लगाया जाता है, तो उसका असर खिलाड़ी के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पैरा खेल करियर पर पड़ सकता है। हालांकि, किसी भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए संबंधित संस्था के नियमों, उपलब्ध साक्ष्यों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन जरूरी है।

फिलहाल, आजीवन प्रतिबंध को अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। PCI की ओर से औपचारिक आदेश, कार्रवाई की समयसीमा और प्रतिबंध के दायरे को लेकर स्पष्ट सार्वजनिक घोषणा उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं दिखती।

अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में खिलाड़ियों से अपेक्षा की जाती है कि वे आयोजकों, अधिकारियों, सहकर्मियों, होटल कर्मचारियों और अन्य लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें। किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न या अनुचित शारीरिक संपर्क की शिकायत को गंभीरता से लेना और निष्पक्ष तरीके से उसकी जांच करना महत्वपूर्ण है।

कौन हैं मोहम्मद शम्स आलम शेख?

मोहम्मद शम्स आलम शेख भारत के पैरा तैराक हैं। वह बिहार के मधुबनी जिले से ताल्लुक रखते हैं और मुंबई के धारावी इलाके में अपने परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैरा स्विमिंग प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

रिपोर्टों के अनुसार, शेख पुरुषों की 100 मीटर बटरफ्लाई S5 और 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक SB4 स्पर्धाओं में दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल रह चुके हैं। पैरा स्विमिंग में S और SB श्रेणियां खिलाड़ियों की शारीरिक कार्यक्षमता के आधार पर निर्धारित की जाती हैं। इन वर्गों के तहत तैराकों को उनकी क्षमता के अनुरूप प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर दिया जाता है।

शेख ने 2018 में जकार्ता में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में भी हिस्सा लिया था। इसके अलावा, उन्होंने आइसलैंड की राजधानी रेक्याविक में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में ब्रेस्टस्ट्रोक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि हासिल की थी। उनके खेल करियर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण प्रदर्शन शामिल रहे हैं।

इन उपलब्धियों के बावजूद, नागोया में सामने आया विवाद उनके खेल करियर के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। यदि संबंधित खेल संस्था उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करती है, तो उसका असर भविष्य में प्रतियोगिताओं में भाग लेने की पात्रता पर पड़ सकता है।

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