हरमनप्रीत कौर के तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम को जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले नया कप्तान चुनना होगा।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय महिला क्रिकेट टीम में कप्तानी को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट में टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। इसके बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनकी जगह भारतीय टीम की कमान किस खिलाड़ी को सौंपी जाएगी। स्मृति मंधाना को इस दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है, लेकिन अगर भारतीय क्रिकेट बोर्ड अलग-अलग फॉर्मेट के लिए अलग कप्तान नियुक्त करने का विकल्प चुनता है, तो कई अन्य खिलाड़ियों के नाम भी चर्चा में आ सकते हैं।
भारत को आगामी जिम्बाब्वे टी20 सीरीज से पहले कप्तानी के नए विकल्प पर फैसला करना होगा। स्मृति मंधाना के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है और वह पहले भी कई मौकों पर भारतीय टीम की कप्तानी कर चुकी हैं। हालांकि, टीम के पास ऐसे कई खिलाड़ी मौजूद हैं, जिनके पास नेतृत्व का अनुभव और भविष्य में कप्तानी संभालने की क्षमता है।
स्मृति मंधाना सबसे मजबूत दावेदार

हरमनप्रीत कौर के बाद स्मृति मंधाना को भारतीय महिला क्रिकेट टीम का अगला कप्तान बनाए जाने की संभावना सबसे ज्यादा है। वह लंबे समय से टीम का अहम हिस्सा हैं और तीनों फॉर्मेट में खेल चुकी हैं। दबाव की परिस्थितियों में उनके प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए वह बोर्ड की पहली पसंद हो सकती हैं।
स्मृति को घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी नेतृत्व का अनुभव मिला है। इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने में मदद मिल सकती है। अगर भारत एक ही खिलाड़ी को तीनों फॉर्मेट की कमान देने का फैसला करता है, तो स्मृति सबसे स्वाभाविक विकल्प नजर आती हैं।
दीप्ति शर्मा का दावा भी मजबूत
ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा भारतीय टीम की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह तीनों फॉर्मेट में टीम का हिस्सा रही हैं और गेंद तथा बल्ले दोनों से महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। दीप्ति के पास घरेलू क्रिकेट के साथ-साथ फ्रेंचाइजी क्रिकेट में कप्तानी का अनुभव भी है। उन्होंने बंगाल और नॉर्थ जोन जैसी टीमों की अगुआई की है।
इसके अलावा वह महिला प्रीमियर लीग में यूपी वॉरियर्स की कप्तानी भी कर चुकी हैं। 2022 में उन्होंने महिला टी20 चैलेंज में वेलॉसिटी की कमान संभाली थी। ऐसे में यदि बोर्ड अलग-अलग फॉर्मेट के लिए अलग नेतृत्व विकल्प तलाशता है, तो दीप्ति मजबूत उम्मीदवार हो सकती हैं।
जेमिमा रोड्रिग्स भविष्य का बड़ा विकल्प

जेमिमा रोड्रिग्स को भारतीय महिला क्रिकेट में नेतृत्व की अगली पीढ़ी का अहम चेहरा माना जा सकता है। वह आक्रामक बल्लेबाजी के साथ मैदान पर अपने आत्मविश्वास और ऊर्जा के लिए भी जानी जाती हैं। फ्रेंचाइजी क्रिकेट में नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने से उन्हें कप्तानी का अनुभव भी मिला है। अगर स्मृति मंधाना को कप्तान बनाया जाता है, तो जेमिमा को उपकप्तान की भूमिका दिए जाने की संभावना पर विचार किया जा सकता है। इससे उन्हें भविष्य के लिए नेतृत्व तैयार करने का अवसर भी मिलेगा।
शेफाली वर्मा भी दौड़ में
शेफाली वर्मा ने कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने भारत की अंडर-19 महिला टीम को विश्व कप खिताब दिलाने में नेतृत्व की भूमिका निभाई थी। यह अनुभव उन्हें सीनियर टीम में भविष्य की कप्तानी के लिए मजबूत उम्मीदवार बनाता है। 2025 वनडे विश्व कप के दौरान टीम में वापसी के बाद शेफाली ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया। बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में योगदान देने की उनकी क्षमता टीम के लिए अतिरिक्त विकल्प भी तैयार करती है।












