India's Got Latent में छाया ‘माया’ रोबोट, ₹50 लाख की मशीन ने Samay Raina से किया रैप बैटल

India's Got Latent में ₹50 लाख की ह्यूमनॉइड रोबोट ‘माया’ ने डांस और रैप बैटल से दर्शकों का ध्यान खींचा। इसका हार्डवेयर Unitree G1 पर आधारित है।

समय रैना के शो India's Got Latent में ‘माया’ नाम की ह्यूमनॉइड रोबोट ने डांस, रैप और कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का ध्यान खींचा। करीब ₹50 लाख की इस मशीन का हार्डवेयर Unitree G1 पर आधारित है।

Tech: India's Got Latent Robot समय रैना के पॉपुलर शो India's Got Latent में इंसानों के बीच एक ह्यूमनॉइड रोबोट की एंट्री ने दर्शकों को चौंका दिया। ‘माया’ नाम की इस रोबोट ने डांस, रैप बैटल और कॉमिक टाइमिंग से मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। करीब ₹50 लाख की इस मशीन का हार्डवेयर चीन की कंपनी Unitree G1 से जुड़ा है, जबकि इसके सॉफ्टवेयर और परफॉर्मेंस पर भारतीय इंजीनियर्स ने काम किया है।

India's Got Latent में ‘माया’ की एंट्री ने चौंकाया

रोबोट टेक्नोलॉजी अब सिर्फ लैब और इंडस्ट्रियल सेटअप तक सीमित नहीं रह गई है। इसका एक उदाहरण समय रैना के शो India's Got Latent के लेटेस्ट एपिसोड में देखने को मिला, जहां ‘माया’ नाम की ह्यूमनॉइड रोबोट ने स्टेज पर परफॉर्म किया।

India's Got Latent में छाया ‘माया’ रोबोट, ₹50 लाख की मशीन ने Samay Raina से किया रैप बैटल

माया ने इंसानों के बीच डांस किया और रैप बैटल में हिस्सा लिया। इसके अलावा उसकी कॉमिक टाइमिंग ने भी शो के जजों और दर्शकों का ध्यान खींचा। स्टेज पर रोबोट की इस तरह की परफॉर्मेंस ने टेक्नोलॉजी और एंटरटेनमेंट को एक साथ जोड़ दिया।

करीब ₹50 लाख की है ह्यूमनॉइड रोबोट

माया को तैयार करने में करीब ₹50 लाख की लागत बताई गई है। इसे Masters' Union की टीम ने तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट में इस्तेमाल किया गया हार्डवेयर चीन की रोबोटिक्स कंपनी Unitree के G1 ह्यूमनॉइड रोबोट पर आधारित है।

Unitree G1 को ह्यूमनॉइड रोबोट के तौर पर जाना जाता है, जिसे इंसानों जैसी बॉडी मूवमेंट और अलग-अलग तरह के कार्यों के लिए डिजाइन किया गया है। इसी प्लेटफॉर्म को आधार बनाकर माया को India's Got Latent के लिए तैयार किया गया।

हार्डवेयर चीन का, सॉफ्टवेयर और परफॉर्मेंस पर भारतीय काम

माया की खासियत सिर्फ उसका हार्डवेयर नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसके लिए Unitree G1 का हार्डवेयर इस्तेमाल किया गया है, जबकि सॉफ्टवेयर, वॉयस, डांस और मूवमेंट से जुड़े काम भारतीय इंजीनियर्स ने तैयार किए हैं।

यानी रोबोट का बेस हार्डवेयर विदेशी प्लेटफॉर्म पर आधारित है, लेकिन उसे शो में परफॉर्म करने लायक बनाने के लिए भारतीय टीम ने टेक्नोलॉजी और क्रिएटिविटी का इस्तेमाल किया। यही वजह है कि माया की परफॉर्मेंस को लेकर टेक्नोलॉजी के साथ-साथ भारतीय इंजीनियरिंग क्षमता की भी चर्चा हो रही है।

रोबोटिक्स का बढ़ता इस्तेमाल

ह्यूमनॉइड रोबोट्स को लेकर दुनियाभर में तेजी से काम हो रहा है। पहले इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से रिसर्च, मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल कामों में देखा जाता था। अब रोबोट्स को ऐसे प्लेटफॉर्म पर भी लाया जा रहा है, जहां वे लोगों के साथ सीधे इंटरैक्ट कर सकें और मनोरंजन से जुड़े काम कर सकें।

India's Got Latent में माया की मौजूदगी इसी बदलाव की एक झलक है। डांस, रैप और कॉमेडी जैसे परफॉर्मेंस में रोबोट का इस्तेमाल यह दिखाता है कि ह्यूमनॉइड टेक्नोलॉजी किस तरह धीरे-धीरे आम दर्शकों के बीच भी पहुंच रही है।

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