इंडिगो एयरलाइन का उड़ान संकट छठे दिन भी जारी रहा, जिससे दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर यात्रियों की भारी भीड़ व परेशानी देखी गई। स्टाफिंग की कमी, नेटवर्क अव्यवस्था और उड़ानों की रद्दीकरण श्रृंखला के बीच सरकार ने किराया नियंत्रण आदेश भी जारी किया।
IndiGo Flights Crisis: इंडिगो एयरलाइन का उड़ान संकट अब लगातार छठे दिन भी जारी है। रविवार, 7 दिसंबर को पूरे देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर इंडिगो की उड़ानें प्रभावित रहीं। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों की लंबी कतारें देखी गईं और लोग घंटों इंतजार करते नजर आए। ANI की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली एयरपोर्ट की फ्लाइट जानकारी स्क्रीन पर कई इंडिगो उड़ानों के रद्द होने की खबर दिखाई गई। यात्रियों को उड़ानों के रद्द होने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों की परेशानी
दिल्ली एयरपोर्ट पर इंडिगो की उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों की परेशानियां बढ़ गई हैं। कई यात्री अपने गंतव्य पर समय पर नहीं पहुँच पाए। लंबी कतारों और घंटों इंतजार के बीच एयरलाइन के काउंटर पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती रही। यात्रियों ने बताया कि फ्लाइट रद्द होने की जानकारी अचानक मिली और उन्हें नई व्यवस्था के लिए काफी समय इंतजार करना पड़ा। एयरलाइन की नेटवर्क में लगातार अफरा-तफरी और पायलट स्टाफिंग की समस्याओं के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
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मुंबई हवाई अड्डे पर भी हालात मुश्किल
इंडिगो के उड़ान संकट का असर सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं रहा। मुंबई हवाई अड्डे पर भी हजारों यात्री फंसे रहे। उड़ानों के रद्द होने और देरी के कारण यात्री परेशान थे। एयरलाइन के काउंटर पर लंबी कतारें लगीं और यात्रियों को सलाह दी गई कि वे अपने फ्लाइट की स्थिति की नियमित जानकारी स्क्रीन और एयरलाइन एप के माध्यम से लें।
शनिवार को 800 उड़ानें रद्द
इंडिगो ने शनिवार को बताया कि उसने 800 से अधिक उड़ानें रद्द कीं। यह संख्या शुक्रवार की तुलना में थोड़ी कम थी, जब 1000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई थीं। लगातार बढ़ती अफरा-तफरी और स्टाफिंग की कमी के कारण एयरलाइन नेटवर्क प्रभावित हो रहा है और यात्रियों की स्थिति और भी खराब हो गई है। एयरलाइन ने यात्रियों से धैर्य रखने और फ्लाइट स्थिति की जांच करने का अनुरोध किया है।
सरकार ने हवाई किराए पर लगाया नियंत्रण
इंडिगो की उड़ानों में समस्या के बीच सरकार ने हवाई किराए को कंट्रोल करने का आदेश जारी किया है। सिविल एविएशन मंत्रालय के अनुसार, 500 किलोमीटर तक की उड़ानों के लिए किराया अधिकतम 7500 रुपये, 500 से 1000 किलोमीटर तक की उड़ानों के लिए 12,000 रुपये, 1000 से 1500 किलोमीटर तक के लिए 15,000 रुपये और 1500 किलोमीटर से अधिक दूरी की उड़ानों के लिए 18,000 रुपये तय किए गए हैं। यह नियम बिजनेस क्लास और उदान योजना की उड़ानों पर लागू नहीं होंगे।








