इंडियन प्रीमियर लीग पर ललित मोदी का बड़ा आरोप: हर सीजन 2,400 करोड़ का नुकसान

ललित मोदी ने IPl के मौजूदा फॉर्मेट पर आरोप लगाते हुए कहा कि कम मैचों के कारण BCCI और फ्रेंचाइजियों को हर सीजन करीब 2,400 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने मौजूदा टूर्नामेंट फॉर्मेट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि वर्तमान संरचना के कारण भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और फ्रेंचाइजियों को हर सीजन करीब 2,400 करोड़ रुपए का संभावित नुकसान हो रहा है।

स्पोर्ट्स न्यूज़: IPL पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि लीग को हर सीजन करीब 2,400 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। उनके मुताबिक, IPL की कमाई के आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए जाते हैं, जबकि असल में खर्च और ऑपरेशनल कॉस्ट बहुत ज्यादा है। ललित मोदी ने यह भी कहा कि फ्रेंचाइजी मॉडल और रेवेन्यू शेयरिंग सिस्टम में खामियां हैं, जिसकी वजह से यह घाटा हो रहा है।

हालांकि, BCCI या IPL से जुड़े अन्य अधिकारियों की तरफ से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि IPL का मौजूदा स्वरूप उस मूल अवधारणा से अलग है, जिसे उन्होंने शुरू किया था। उनके अनुसार, मैचों की कम संख्या इस नुकसान की सबसे बड़ी वजह है।

कम मैचों के कारण घट रही कमाई

ललित मोदी के मुताबिक, IPL की शुरुआत में हर टीम को एक-दूसरे के खिलाफ दो बार खेलने का प्लान था, जिसे “होम-एंड-अवे” फॉर्मेट कहा जाता है।

उन्होंने बताया कि जब 2022 में लीग में 10 टीमें शामिल हुईं, तो कुल 90 लीग मैच और 4 नॉकआउट मुकाबले होने चाहिए थे। लेकिन मौजूदा शेड्यूल में केवल 74 मैच रखे गए, जिससे संभावित रेवेन्यू में बड़ी कमी आई।

उनका कहना है कि हर मैच से होने वाली कमाई का 50% हिस्सा BCCI को और बाकी 50% फ्रेंचाइजियों में बांटा जाता है। ऐसे में लगभग 20 मैच कम होने से सभी टीमों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

ललित मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि IPL की असली वैल्यू उसके होम-एंड-अवे फॉर्मेट में छिपी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कैलेंडर में अधिक मैचों के लिए जगह नहीं थी, तो टीमों की संख्या बढ़ाने का फैसला क्यों लिया गया।
 
उनके अनुसार, इस बदलाव से लीग के मूल बिजनेस मॉडल पर असर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह संभव नहीं लगता कि सभी फ्रेंचाइजियों ने इस बदलाव को लेकर पूरी सहमति दी हो।

94 मैच होते तो बढ़ती कमाई

ललित मोदी के अनुसार, यदि IPL को पूर्ण होम-एंड-अवे फॉर्मेट में खेला जाए और कुल 94 मैच हों, तो मीडिया राइट्स से भारी अतिरिक्त कमाई संभव है।

उन्होंने अनुमान लगाया कि हर मैच की औसत कीमत लगभग 118 करोड़ रुपए हो सकती है। इस हिसाब से कुल 2,400 करोड़ रुपए का अतिरिक्त रेवेन्यू उत्पन्न हो सकता है।

इस अतिरिक्त कमाई में से लगभग 1,200 करोड़ रुपए फ्रेंचाइजियों को मिल सकते हैं, यानी प्रत्येक टीम को करीब 120 करोड़ रुपए का फायदा होता। इससे टीमों की वैल्यू और लीग की कुल आर्थिक ताकत दोनों बढ़तीं।

विवादों से घिरा रहा ललित मोदी का कार्यकाल

ललित मोदी IPL के संस्थापक और पहले कमिश्नर रहे हैं, लेकिन उनका कार्यकाल विवादों से घिरा रहा।

2010 में IPL के तीसरे सीजन के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने उन्हें पद से निलंबित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत छोड़ दिया और लंदन में रहने लगे।

उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग, खिलाड़ियों की नीलामी में अनियमितता और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन जैसे मामलों की जांच भी की गई है।

Leave a comment