भारत के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने दिल्ली कैपिटल्स का असिस्टेंट और बैटिंग कोच बनने के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के साथ काम करने को लेकर उत्साह जताया है।
Yuvraj Singh Delhi Capitals Coach: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2027 से पहले नई भूमिका में नजर आएंगे। युवराज दिल्ली कैपिटल्स के असिस्टेंट और बैटिंग कोच के रूप में टीम से जुड़ गए हैं। इस नई जिम्मेदारी को लेकर उन्होंने अपनी खुशी जाहिर की है। युवराज का लक्ष्य दिल्ली कैपिटल्स को पहली बार आईपीएल चैंपियन बनाने में योगदान देना है। इसके लिए वह खिलाड़ियों की तकनीक सुधारने, दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने और टीम के भीतर आत्मविश्वास बढ़ाने पर ध्यान देना चाहते हैं।
दिल्ली कैपिटल्स ने अब तक आईपीएल का खिताब नहीं जीता है। ऐसे में युवराज की नियुक्ति को टीम के लिए अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। आगामी सीजन में वह पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के साथ काम करेंगे, जिन्हें मुख्य कोच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दिल्ली कैपिटल्स से जुड़कर उत्साहित हैं युवराज सिंह
दिल्ली कैपिटल्स के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान युवराज सिंह ने टीम के साथ अपनी नई पारी को लेकर उत्साह जताया। उन्होंने बताया कि वह पिछले तीन से चार वर्षों से खिलाड़ियों के साथ काम करके खुद को कोचिंग की भूमिका के लिए तैयार कर रहे थे। युवराज ने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर खिलाड़ियों के साथ काम करने और पूरी टीम के साथ जुड़ने का अनुभव अलग होता है। अब उन्हें अपने अनुभव का इस्तेमाल टीम के सामूहिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए करने का अवसर मिलेगा।
हालांकि, युवराज ने इससे पहले किसी आईपीएल टीम के आधिकारिक कोच के तौर पर काम नहीं किया है, लेकिन वह कई खिलाड़ियों के साथ व्यक्तिगत रूप से काम कर चुके हैं। इनमें अभिषेक शर्मा, प्रभसिमरन सिंह और संजू सैमसन जैसे नाम शामिल हैं। ऐसे अनुभव से उन्हें खिलाड़ियों की जरूरतों को समझने और उनकी बल्लेबाजी में सुधार करने में मदद मिल सकती है।
सौरव गांगुली के साथ काम करने को लेकर उत्साहित
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युवराज सिंह के लिए दिल्ली कैपिटल्स में काम करने का एक खास पहलू सौरव गांगुली के साथ फिर से जुड़ना भी है। गांगुली की कप्तानी में युवराज ने भारतीय टीम के लिए क्रिकेट खेला था। अब दोनों एक बार फिर टीम को बेहतर बनाने के उद्देश्य से साथ काम करेंगे, हालांकि इस बार उनकी भूमिकाएं अलग होंगी।
युवराज ने गांगुली की नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि उनसे सबसे बड़ी सीख टीम का सकारात्मक माहौल तैयार करना रही है। युवराज के मुताबिक, जब उन्होंने भारतीय टीम के लिए खेलना शुरू किया था, तब गांगुली ने खिलाड़ियों का समर्थन किया और उन्हें यह विश्वास दिलाया कि भारतीय टीम विदेशी परिस्थितियों में भी जीत सकती है।
युवराज ने गांगुली को अपना मेंटोर बताते हुए उनके साथ विचार साझा करने और मिलकर काम करने को लेकर उत्साह व्यक्त किया। उनके अनुसार, मजबूत टीम संस्कृति किसी भी टीम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
दिल्ली कैपिटल्स को पहला आईपीएल खिताब दिलाना लक्ष्य
दिल्ली कैपिटल्स उन फ्रेंचाइजी में शामिल है, जो अब तक आईपीएल ट्रॉफी नहीं जीत सकी हैं। टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2020 में रहा था, जब उसने फाइनल तक का सफर तय किया, लेकिन खिताबी मुकाबले में मुंबई इंडियंस से हार गई थी। अब युवराज सिंह की कोशिश टीम को इस अधूरे लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद करना है। वह चाहते हैं कि खिलाड़ी मैदान पर बेहतर क्रिकेट खेलें, मुश्किल परिस्थितियों में संयम बनाए रखें और एक-दूसरे पर भरोसा करें।
युवराज ने टीम से जुड़ने के अपने इरादे को स्पष्ट करते हुए कहा कि वह इस फ्रेंचाइजी के लिए पूरी मेहनत और समर्पण के साथ काम करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों के सहयोग से दिल्ली कैपिटल्स को आगे बढ़ाने में सफलता मिलेगी।









