IPS Success Story: कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ UPSC की तैयारी की, मेवात के मकसूद अहमद बने IPS अधिकारी

मकसूद अहमद ने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ UPSC की तैयारी की। पहले प्रयास में असफलता के बाद IRTS में चयन हुआ और लगातार प्रयास से 2016 बैच के IPS बने।

मेवात के मकसूद अहमद ने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी शुरू की। शुरुआती असफलता के बाद IRTS में चयन हुआ, लेकिन उन्होंने IPS बनने का लक्ष्य नहीं छोड़ा और 2016 बैच के हरियाणा कैडर के IPS अधिकारी बने।

IPS Success Story. मेवात से आने वाले मकसूद अहमद ने सामाजिक धारणाओं को चुनौती देते हुए कॉर्पोरेट करियर छोड़कर सिविल सेवा की राह चुनी। इंजीनियरिंग और MBA के बाद उन्होंने 2013 में UPSC की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचने के बावजूद चयन नहीं हुआ, लेकिन दूसरे प्रयास में IRTS मिलने के बाद भी उन्होंने IPS बनने का सपना जारी रखा।

मेवात की नकारात्मक छवि बदलने का संकल्प

मकसूद अहमद का IPS बनने का सफर सिर्फ एक प्रतियोगी परीक्षा में सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि अपने क्षेत्र को लेकर बनी सामाजिक धारणाओं को चुनौती देने की कहानी भी है। मेवात के बारे में समाज के एक हिस्से में लंबे समय से नकारात्मक सोच रही है।

IPS Success Story: कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ UPSC की तैयारी की, मेवात के मकसूद अहमद बने IPS अधिकारी

मकसूद ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि वह ऐसी धारणा को बदलना चाहते थे, जिसमें मेवात के युवाओं के भविष्य को सीमित नजरिए से देखा जाता था। इसी सोच ने उन्हें अपने करियर को नई दिशा देने के लिए प्रेरित किया।

Engineering के बाद CAT में 97 परसेंटाइल

मकसूद अहमद ने अपनी शुरुआती शिक्षा केंद्रीय विद्यालय से पूरी की। इसके बाद उन्होंने Electronics and Communication में Engineering की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के बाद उन्होंने CAT परीक्षा में 97 परसेंटाइल स्कोर किया और HR में MBA की पढ़ाई पूरी की।

MBA के बाद उन्होंने Corporate Sector में नौकरी शुरू की। हालांकि, नौकरी के दौरान उन्होंने Civil Services को अपने करियर का लक्ष्य बनाने का फैसला किया। समाज और देश के लिए काम करने की इच्छा के चलते उन्होंने 2013 में अपनी नौकरी छोड़ दी।

पहले प्रयास में असफलता, दूसरे में IRTS चयन

नौकरी छोड़ने के बाद UPSC की तैयारी शुरू करना आसान नहीं था। लंबे अंतराल के बाद पढ़ाई में लौटने के साथ उन्हें अपनी तैयारी की रणनीति भी नए सिरे से बनानी पड़ी। उन्होंने Coaching और Self-Study के बीच अंतर को समझते हुए अपनी तैयारी के तरीके में बदलाव किया।

पहले प्रयास में मकसूद Interview तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। इस असफलता के बाद उन्होंने खुद को संभाला और दोबारा तैयारी में जुट गए।

दूसरे प्रयास में उन्होंने बिना Coaching UPSC में सफलता हासिल की और उनका चयन Indian Railway Traffic Service (IRTS) के लिए हुआ। हालांकि, उनका लक्ष्य इससे आगे था और उन्होंने IPS बनने की कोशिश जारी रखी।

2016 बैच में बने हरियाणा कैडर के IPS

मकसूद अहमद ने इसके बाद एक और प्रयास किया और आखिरकार IPS बनने का अपना सपना पूरा किया। वह 2016 बैच के Haryana Cadre के IPS अधिकारी बने।

उनकी यात्रा यह दिखाती है कि किसी एक असफल प्रयास को अंतिम परिणाम मानने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना महत्वपूर्ण है। IRTS में चयन के बाद भी उन्होंने अपने अंतिम लक्ष्य को नहीं छोड़ा और लगातार प्रयास करते रहे।

मकसूद अहमद युवाओं को सलाह देते हैं कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में Optional Subject का चुनाव अपनी रुचि के आधार पर करना चाहिए। उनका मानना है कि जिस काम से व्यक्ति का लगाव होता है, उसमें बेहतर प्रदर्शन और बड़ी उपलब्धि हासिल करने की संभावना बढ़ती है।

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