वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और व्यापारिक चुनौतियों के बीच भारत के एक्सपोर्ट सेक्टर के लिए अच्छी खबर सामने आई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच भारत के मर्चेंडाइज यानी माल निर्यात में 15 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बिजनेस न्यूज़: वैश्विक अर्थव्यवस्था में जारी अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़ी चुनौतियों के बीच भारत के निर्यात क्षेत्र से सकारात्मक संकेत मिले हैं। चालू वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती पांच महीनों में देश के वस्तु निर्यात में 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर व्यापारिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद भारत का एक्सपोर्ट सेक्टर मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है।
पीयूष गोयल ने यह जानकारी ब्रिक्स महिला व्यापार गठबंधन के महिला-नेतृत्व विकास शिखर सम्मेलन के दौरान दी। उन्होंने बताया कि अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच भारत के मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट में 15 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। अगस्त महीने के निर्यात और आयात के आधिकारिक आंकड़े वाणिज्य मंत्रालय द्वारा 15 सितंबर को जारी किए जाने हैं।
अप्रैल-जुलाई में भी निर्यात ने दिखाई मजबूती
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच भारत का माल निर्यात 17.04 प्रतिशत बढ़कर 173.78 अरब डॉलर पहुंच गया था। इस दौरान देश के आयात में भी वृद्धि दर्ज की गई और यह 19.27 प्रतिशत बढ़कर 292.38 अरब डॉलर रहा। निर्यात में वृद्धि ऐसे समय में सामने आई है जब कई प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में मांग, व्यापार लागत और आर्थिक विकास को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे माहौल में भारतीय निर्यातकों का प्रदर्शन देश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
BRICS देशों के साथ व्यापार बढ़ाने की रणनीति
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वाणिज्य मंत्री ने BRICS देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को और विस्तार देने की जरूरत पर जोर दिया। उनके अनुसार, समूह के सदस्य देशों के बीच व्यापार बढ़ाने की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं। इसके लिए छोटे कारोबारों और महिला उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना महत्वपूर्ण होगा। गोयल ने कहा कि किसी भी कारोबारी के लिए वैश्विक बाजार में प्रवेश करने के लिए कुछ बुनियादी जरूरतें महत्वपूर्ण होती हैं। इनमें कारोबार के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता, संभावित खरीदारों तक पहुंच, नए बाजारों की जानकारी और स्थिर एवं स्पष्ट व्यापार नियम शामिल हैं।
महिला उद्यमियों के लिए आसान हो अंतरराष्ट्रीय कारोबार
शिखर सम्मेलन में महिला कारोबारियों को वैश्विक व्यापार से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया। गोयल ने BRICS देशों से महिला उद्यमियों के लिए बेहतर वित्तीय सुविधाएं, नए बाजार और अनुकूल कारोबारी वातावरण तैयार करने की अपील की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों, प्रदर्शनियों और बिजनेस फोरम में महिला कारोबारी प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी बढ़ाने का सुझाव दिया।
इससे महिला-नेतृत्व वाले छोटे और मध्यम व्यवसायों को विदेशी खरीदारों और नए व्यापारिक साझेदारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। भारत ने BRICS देशों के बीच डिजिटल व्यापार व्यवस्था को मजबूत करने की संभावनाओं पर भी जोर दिया है। गोयल के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक ट्रेड डॉक्यूमेंट, ई-इनवॉइस और ई-कस्टम्स जैसी व्यवस्थाओं के लिए साझा या बेहतर तरीके से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए जा सकते हैं।
ऐसी प्रणालियों से सीमा पार व्यापार में दस्तावेजी प्रक्रिया आसान होने, समय कम होने और कारोबार की लागत घटने की संभावना है। छोटे कारोबारों के लिए यह विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में प्रशासनिक प्रक्रियाएं अक्सर बड़ी चुनौती बनती हैं।








