जयपुर जिले की 18 नगरीय निकायों में पहले चरण का मतदान 87.06 प्रतिशत वोटिंग के साथ समाप्त हुआ। कालाडेरा में सबसे ज्यादा 89.91 प्रतिशत मतदान हुआ। कुछ बूथों पर ईवीएम खराबी से मतदान प्रभावित हुआ, जिसे बाद में बहाल किया गया।
जयपुर: राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान पूरा हो गया है। जयपुर जिले में पहले चरण के तहत 18 नगरीय निकायों में कुल 87.06 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। सबसे अधिक मतदान कालाडेरा नगर पालिका में 89.91 प्रतिशत रहा। मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी और चुनाव चिन्ह स्पष्ट दिखाई नहीं देने की शिकायतें सामने आईं, जिसके चलते कुछ समय के लिए मतदान प्रभावित हुआ। हालांकि, संबंधित अधिकारियों और तकनीकी टीमों की कार्रवाई के बाद अधिकांश स्थानों पर मतदान दोबारा शुरू करा दिया गया।
18 निकायों में बनाए गए थे 565 मतदान केंद्र
जयपुर जिले की 18 नगरीय निकायों में मतदान के लिए कुल 565 बूथ बनाए गए थे। इनमें से 152 बूथों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया था। प्रशासन की ओर से इन मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और मतदान व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे।
मतदान शुरू होने के बाद कुछ बूथों पर ईवीएम मशीनों में तकनीकी समस्याओं की सूचना मिली। प्रशासन और तकनीकी टीमों ने मौके पर पहुंचकर मशीनों की जांच की और आवश्यक कार्रवाई की। जहां तकनीकी समस्या के कारण मतदान रुका, वहां समस्या दूर होने के बाद वोटिंग फिर से शुरू कराई गई।
शाहपुरा में ईवीएम का बटन खराब, 25 मिनट मतदान रुका
शाहपुरा नगर परिषद के वार्ड नंबर 40 के बूथ संख्या 49 पर मतदान शुरू होने के कुछ ही समय बाद ईवीएम मशीन में एक बटन काम नहीं करने की शिकायत सामने आई। सुबह करीब 8 बजे मशीन में आई इस तकनीकी समस्या के बाद मतदान केंद्र के बाहर मतदाताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थिति की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने तकनीकी टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने मशीन की जांच कर उसे ठीक किया। इस दौरान करीब 25 मिनट तक मतदान बंद रहा। लगभग सुबह 8:25 बजे मशीन को ठीक करने के बाद मतदान दोबारा शुरू करा दिया गया।
इस घटना के कारण कुछ समय के लिए मतदान केंद्र पर असुविधा की स्थिति बनी, लेकिन तकनीकी समस्या दूर होने के बाद मतदान प्रक्रिया आगे बढ़ी।
चाकसू में चुनाव चिन्ह स्पष्ट नहीं दिखने पर हंगामा
चाकसू नगर पालिका के बूथ नंबर 18 पर ईवीएम में एक निर्दलीय प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह स्पष्ट दिखाई नहीं देने को लेकर विवाद हो गया। शिकायत सामने आने के बाद संबंधित प्रत्याशी और उसके समर्थकों ने मतदान केंद्र पर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया।
हंगामे की स्थिति को देखते हुए कुछ समय के लिए मतदान रोक दिया गया। घटना के कारण मतदान केंद्र पर मौजूद मतदाताओं और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों के बीच भी असमंजस की स्थिति बनी। प्रशासन ने मामले को संभालने की कोशिश की और मतदान प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
कानोता में तकनीकी खराबी के बाद नई मशीन मंगवाई
कानोता नगर पालिका के वार्ड 19 के मतदान केंद्र पर भी ईवीएम में तकनीकी खराबी सामने आई। मशीन में समस्या आने के बाद कुछ समय के लिए मतदान रोकना पड़ा।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नई मशीन मंगवाई। नई ईवीएम उपलब्ध होने के बाद मतदान प्रक्रिया दोबारा शुरू कराई गई। इस तरह तकनीकी समस्या के कारण मतदान में कुछ समय का व्यवधान आया, लेकिन बाद में वोटिंग फिर से शुरू हो गई।
इन 18 निकायों में हुआ मतदान
जयपुर जिले में पहले चरण के दौरान जिन 18 नगरीय निकायों में मतदान हुआ, उनमें दो नगर परिषद और 16 नगर पालिकाएं शामिल हैं।
नगर परिषद
- चौंमू
- शाहपुरा
- नगर पालिका
- मनोहरपुर
- फुलेरा
- सांभर
- नारायणा
- किशनगढ़-रेनवाल
- दूदू
- चाकसू
- फागी
- जोबनेर
- खेजरोली
- जमवारामगढ़
- वाटिका
- कानोता
- बस्सी
- बगरू
- कालाडेरा
इन सभी निकाय क्षेत्रों में मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब उम्मीदवारों और समर्थकों की नजर मतगणना पर है।
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14 सितंबर को होगी मतगणना
पहले चरण का मतदान पूरा होने के बाद अब इन निकाय चुनावों के परिणाम का इंतजार है। 14 सितंबर को मतगणना की जाएगी। इसके लिए संबंधित निकाय क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर काउंटिंग सेंटर निर्धारित किए गए हैं।
मतदान समाप्त होने के बाद पोलिंग पार्टियां ईवीएम मशीनों को जमा कराने के लिए जयपुर शहर स्थित भवानी निकेतन नहीं जाएंगी। इसके बजाय संबंधित पोलिंग टीमें निर्धारित काउंटिंग सेंटरों पर पहुंचकर मशीनें जमा कराएंगी।
ईवीएम को संबंधित स्थानों पर सुरक्षित रखने और मतगणना के दिन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनकी गिनती कराने की व्यवस्था की गई है।
मतदान के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित
मतदाताओं को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अवसर देने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदान वाले 18 नगरीय निकाय क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था।
यह अवकाश सरकारी संस्थानों के साथ-साथ निजी संस्थानों के लिए भी लागू किया गया, ताकि संबंधित क्षेत्रों में रहने वाले मतदाता अपने काम से समय निकालकर मतदान केंद्र तक पहुंच सकें।
प्रशासन की ओर से सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का उद्देश्य मतदान में अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना था।
87.06 प्रतिशत मतदान से बढ़ी चुनावी दिलचस्पी
जयपुर जिले की 18 नगरीय निकायों में 87.06 प्रतिशत मतदान दर्ज होना पहले चरण की चुनावी प्रक्रिया में मतदाताओं की बड़ी भागीदारी को दर्शाता है। कालाडेरा में 89.91 प्रतिशत मतदान के साथ सबसे अधिक वोटिंग हुई।
हालांकि मतदान के दौरान शाहपुरा, चाकसू और कानोता में ईवीएम से जुड़ी अलग-अलग समस्याएं सामने आईं। शाहपुरा में मशीन का बटन काम नहीं करने, चाकसू में निर्दलीय प्रत्याशी का चुनाव चिन्ह स्पष्ट नहीं दिखने और कानोता में तकनीकी खराबी के कारण मतदान कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ।
इन घटनाओं के बावजूद प्रशासन ने तकनीकी टीमों की मदद से समस्याओं को दूर किया और मतदान प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
अब उम्मीदवारों को 14 सितंबर का इंतजार
पहले चरण की वोटिंग खत्म होने के साथ ही अब चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवारों की नजर 14 सितंबर की मतगणना पर है। ईवीएम मशीनों को निर्धारित काउंटिंग सेंटरों पर जमा कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मतदान प्रतिशत सामने आने के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि मतदाताओं का समर्थन किस उम्मीदवार और किस राजनीतिक समीकरण के पक्ष में गया है। मतगणना के बाद ही जयपुर जिले की इन 18 नगरीय निकायों में चुनावी तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।जयपुर जिले की 18 नगरीय निकायों में पहले चरण की वोटिंग में 87.06% मतदान हुआ। कालाडेरा में सबसे ज्यादा 89.91% वोटिंग हुई, 14 सितंबर को होगी मतगणना।








