Asian Games 2026: भारत को लगा बड़ा झटका, डोपिंग टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए पहलवान दीपक बाहर

Asian Games 2026 से पहले भारत को बड़ा झटका लगा है। ग्रीको-रोमन पहलवान दीपक डोप टेस्ट में क्लोमीफीन पाए जाने के बाद एशियन गेम्स टीम से बाहर हो गए हैं।

एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय कुश्ती को बड़ा झटका लगा है। ग्रीको-रोमन पहलवान दीपक डोप टेस्ट में प्रतिबंधित पदार्थ क्लोमीफीन की मौजूदगी पाए जाने के बाद भारतीय टीम से बाहर हो गए हैं।

Asian Games 2026: जापान में 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों से पहले भारतीय दल को बड़ा झटका लगा है। ग्रीको-रोमन कुश्ती के भारतीय पहलवान दीपक को डोपिंग टेस्ट में प्रतिबंधित पदार्थ पाए जाने के बाद एशियाई खेलों से बाहर कर दिया गया है। दीपक हाल के महीनों में अपने प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे थे और उन्हें पदक के संभावित दावेदारों में माना जा रहा था।

यह मामला भारतीय कुश्ती के लिए भी चिंता बढ़ाने वाला है, क्योंकि एशियाई खेलों से पहले डोपिंग के कारण बाहर होने वाले दीपक अकेले पहलवान नहीं हैं। इससे पहले मुकुल दहिया और दीपांशु भी इसी तरह के मामलों के चलते प्रतियोगिता से बाहर हो चुके हैं।

यूरिन सैंपल में मिला क्लोमिफीन

National Anti-Doping Agency (NADA) की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, चयन ट्रायल के दौरान दीपक के यूरिन सैंपल की जांच में क्लोमिफीन (Clomiphene) पाया गया। यह पदार्थ World Anti-Doping Agency (WADA) की प्रतिबंधित सूची में S4 यानी Hormone and Metabolic Modulators श्रेणी के अंतर्गत आता है।

NADA के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत 23 जुलाई को हुई, जब दीपक के सैंपल में असामान्य विश्लेषणात्मक परिणाम सामने आया। इसके बाद मामले की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई और 17 अगस्त को पहलवान का इंटरव्यू भी लिया गया। क्लोमिफीन का इस्तेमाल चिकित्सकीय परिस्थितियों में पुरुषों और महिलाओं दोनों में प्रजनन संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए किया जा सकता है। हालांकि, खेलों में इसका इस्तेमाल प्रतिबंधित पदार्थों की सूची के अंतर्गत आता है।

हालिया प्रदर्शन के दम पर बनाई थी टीम में जगह

Asian Games 2026: भारत को लगा बड़ा झटका, डोपिंग टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए पहलवान दीपक बाहर

दीपक ने पिछले कुछ समय में अच्छा प्रदर्शन किया था, जिसके आधार पर उन्हें एशियाई खेलों के भारतीय दल में शामिल किया गया। वह भारतीय डाक सेवा से जुड़े हुए हैं और विभाग की ओर से एशियाई खेलों के लिए चुने जाने वाले पहले पहलवान बताए जा रहे हैं। ऐसे में उनके लिए यह मामला व्यक्तिगत और खेल करियर दोनों लिहाज से बड़ा झटका माना जा रहा है। एशियाई खेलों जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतने का मौका मिलने से पहले ही उनका अभियान समाप्त हो गया है।

फिलहाल सस्पेंड नहीं हैं दीपक

इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार दीपक को फिलहाल निलंबित नहीं किया गया है। इसका अर्थ है कि मौजूदा स्थिति में उन्हें अन्य प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की अनुमति हो सकती है। हालांकि, यदि आगे की एंटी-डोपिंग प्रक्रिया में वह नियमों के उल्लंघन के दोषी पाए जाते हैं, तो उन पर अलग से प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

नियमों के तहत दोष साबित होने की स्थिति में उनके 31 मई 2026 को लिए गए सैंपल की तारीख से संबंधित प्रतियोगिताओं के परिणामों पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में मामले का अंतिम परिणाम आगे होने वाली प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

सप्लीमेंट्स को लेकर भी उठे सवाल

NADA के नोटिस में यह भी कहा गया है कि डोपिंग कंट्रोल फॉर्म भरते समय दीपक ने किसी प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन की जानकारी नहीं दी थी। बाद में उन्होंने कुछ सप्लीमेंट्स के इस्तेमाल का हवाला दिया, लेकिन कथित तौर पर उन सप्लीमेंट्स की खरीद से संबंधित बिल या रसीद जैसे दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके।

एंटी-डोपिंग मामलों में खिलाड़ियों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सप्लीमेंट्स को लेकर विशेष सावधानी जरूरी होती है, क्योंकि कुछ उत्पादों में ऐसे घटक मौजूद हो सकते हैं जो प्रतिबंधित सूची में शामिल हों। खिलाड़ियों की जिम्मेदारी होती है कि वे किसी भी दवा या सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले उसके घटकों और संभावित एंटी-डोपिंग जोखिम की जानकारी हासिल करें।

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