ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में उच्च स्तरीय शांति वार्ता शुरू हो गई है। बैठक से पहले ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने मिनाब में मारे गए 168 बच्चों की तस्वीरों और सामान के जरिए भावनात्मक संदेश दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। वार्ता को क्षेत्रीय तनाव कम करने की अहम कोशिश माना जा रहा है।
Iran-US Peace Talks 2026: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच उच्च स्तरीय शांति वार्ता शनिवार को शुरू हुई, जिसमें दोनों देशों के शीर्ष प्रतिनिधिमंडल शामिल हैं। ईरान की ओर से संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ और अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बातचीत की अगुवाई की। यह बैठक क्षेत्रीय तनाव कम करने और संघर्ष विराम की दिशा में अहम मानी जा रही है। वार्ता से पहले ईरान ने मिनाब में मारे गए 168 बच्चों से जुड़ा प्रतीकात्मक संदेश देकर वैश्विक ध्यान खींचा, जिससे चर्चा और तेज हो गई।
मिनाब 168 घटना और ईरान का भावनात्मक संदेश
ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अपने विमान की सीटों पर मिनाब में मारे गए 168 स्कूली बच्चों की तस्वीरें, उनके स्कूल बैग और जूते रखकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। इसे शांति वार्ता से पहले एक भावनात्मक संदेश के रूप में पेश किया गया, जिससे दुनिया भर में प्रतिक्रिया देखने को मिली।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे “मिनाब 168” नाम दिया। उन्होंने इसे उन बच्चों की याद बताया, जिनकी मौत के लिए ईरान अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराता है।
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इस्लामाबाद में हाई लेवल वार्ता और बढ़ते तनाव
इस बैठक में ईरान की ओर से मोहम्मद बागेर गालिबाफ और अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल हिस्सा ले रहा है। इसे हाल के वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठकों में से एक माना जा रहा है।
हालांकि वार्ता से पहले ही ईरान ने कुछ सख्त शर्तें रखी हैं, जिनमें क्षेत्रीय संघर्ष रोकना और संपत्तियों की रिहाई शामिल है। वहीं मध्य पूर्व में जारी तनाव इस बातचीत को और जटिल बना रहा है।









