Mathura Boat Accident: यमुना नदी में बड़ा हादसा, 7 श्रद्धालु अब भी लापता; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Yamuna River के मथुरा क्षेत्र में बड़ा नाव हादसा हुआ है, जिसमें 7 श्रद्धालु अब भी लापता बताए जा रहे हैं। घटना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और प्रशासन राहत-

उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद बचाव अभियान लगातार जारी है। Yamuna River में एक मोटरबोट के पलटने से कई श्रद्धालु पानी में गिर गए थे। इस हादसे में अब तक कई लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सात श्रद्धालु अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

मथुरा: Yamuna River में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां पैंटून पुल के पीपे से टकराकर एक मोटरबोट पलट गई। इस हादसे में सवार सात श्रद्धालुओं का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। घटना के बाद देर रात करीब एक बजे तक बचाव अभियान चलाया गया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद सुबह साढ़े पांच बजे से फिर से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

National Disaster Response Force (NDRF) और State Disaster Response Force (SDRF) के गोताखोर 20 मोटरबोट के साथ यमुना नदी में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं।

कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब पंजाब के लुधियाना से आए श्रद्धालुओं का एक समूह वृंदावन के केशीघाट से यमुना पार स्थित देवराहा बाबा की समाधि पर दर्शन के लिए जा रहा था। इस दौरान नदी पर बने पैंटून पुल (अस्थायी पुल) के पीपे से टकराने के कारण मोटरबोट अचानक असंतुलित होकर पलट गई।

बताया जा रहा है कि नाव में 37 से अधिक श्रद्धालु सवार थे। हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद स्थानीय गोताखोरों और बचाव दल ने 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।

बचाव अभियान में तेजी

Mathura Boat Accident: यमुना नदी में बड़ा हादसा, 7 श्रद्धालु अब भी लापता; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

घटना के बाद से ही National Disaster Response Force (NDRF) और State Disaster Response Force Uttar Pradesh (SDRF) की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। शुक्रवार रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा, जिसे बाद में कुछ समय के लिए रोका गया और फिर सुबह 5:30 बजे से दोबारा शुरू किया गया। इस दौरान 20 मोटरबोटों की मदद से नदी के लगभग 10 किलोमीटर क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

प्रशासन के अनुसार, पहले लापता लोगों की संख्या पांच बताई गई थी, लेकिन बाद में अन्य परिवारों के सामने आने के बाद यह संख्या बढ़कर सात हो गई है। कई परिवार अभी भी यमुना किनारे अपने परिजनों की तलाश में मौजूद हैं और उम्मीद लगाए बैठे हैं। रेस्क्यू टीमें लगातार नदी में गहराई तक तलाशी अभियान चला रही हैं, लेकिन तेज बहाव और कठिन परिस्थितियों के कारण राहत कार्य में चुनौतियां बनी हुई हैं।

मृतकों के शव पंजाब भेजे गए

हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के शवों को पोस्टमार्टम के बाद पंजाब भेज दिया गया है। सभी शव एंबुलेंस के जरिए उनके गृह राज्य रवाना किए गए।अधिकारियों के अनुसार, लुधियाना और जगराओं क्षेत्र के परिवारों तक शव अलग-अलग समय पर पहुंच रहे हैं। इस दुखद घटना ने पूरे इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है।

जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। CP Singh के निर्देश पर एडीएम वित्त को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही, एसपी देहात और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन को समन्वित कर रहे हैं।

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