इजराइल के दक्षिण लेबनान में हमले, 4 की मौत और 20 घायल; युद्धविराम के बीच तनाव बढ़ा

दक्षिणी लेबनान में रविवार को इजराइली हवाई हमलों में चार लोगों की मौत और 20 लोग घायल हुए। इजराइल ने हिजबुल्लाह के दो ड्रोन भेजने को कार्रवाई की वजह बताया।

दक्षिणी लेबनान में रविवार को इजराइली हवाई हमलों में चार लोगों की मौत और 20 लोग घायल हुए। इजराइल ने हिजबुल्लाह के दो ड्रोन भेजने को कार्रवाई की वजह बताया। हमले ऐसे समय हुए हैं, जब युद्धविराम और तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं।

बेरूत: इजराइल और लेबनान के बीच जारी युद्धविराम और तनाव कम करने की कोशिशों के बीच दक्षिणी लेबनान में रविवार को इजराइली हवाई हमलों की खबर सामने आई है। लेबनानी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हुई और 20 अन्य घायल हुए हैं। हमले दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में किए गए, जिससे युद्धविराम की स्थिति पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के अनुसार, हमले तड़के शुरू हुए और नबातियेह, अरब सलीम, नबातियेह अल-फौका और कफर रेमान समेत कई इलाकों को निशाना बनाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, अरब सलीम में एक इमारत को खाली करने का आदेश दिए जाने के बाद वहां हमला हुआ, जिसमें दो महिलाओं की मौत हुई और छह लोग घायल हुए।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने नबातियेह अल-फौका में हुए एक अलग हमले में दो लोगों की मौत की जानकारी दी है। नबातियेह शहर में हुए एक हमले में एक ऐतिहासिक इमारत भी नष्ट हो गई, जबकि आसपास की अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा है।

कई इलाकों में हवाई हमले

रविवार को हुए हमलों का असर दक्षिणी लेबनान के कई क्षेत्रों में देखा गया। अरब सलीम में इजराइली बलों की ओर से एक इमारत को खाली करने का आदेश जारी किए जाने के बाद वहां हमला हुआ।

लेबनानी अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में दो महिलाओं की जान गई और छह लोग घायल हुए। इसके अलावा नबातियेह अल-फौका में हुए अलग हमले में दो लोगों की मौत की सूचना दी गई।

नबातियेह शहर में एक ऐतिहासिक इमारत हमले में तबाह हो गई। आसपास मौजूद कई अन्य संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा। कफर रेमान में हुए हमले में शहर के पूर्व मेयर का घर नष्ट होने की जानकारी दी गई है।

इन घटनाओं के बाद दक्षिणी लेबनान में रहने वाले लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

इजराइल ने हमलों की वजह बताई

इजराइल ने इन हवाई हमलों को हिजबुल्लाह की ओर से दक्षिणी लेबनान में इजराइली बलों की दिशा में दो ड्रोन भेजे जाने की प्रतिक्रिया बताया है।

इजराइल ने हिजबुल्लाह की इस कार्रवाई को युद्धविराम की 'स्पष्ट और गंभीर उल्लंघन' बताया। इजराइली पक्ष का कहना है कि ड्रोन गतिविधि के जवाब में हमले किए गए।

इस तरह दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। जहां लेबनान लगातार इजराइली सैन्य कार्रवाई और हमलों की शिकायत कर रहा है, वहीं इजराइल अपनी कार्रवाई को हिजबुल्लाह की गतिविधियों की प्रतिक्रिया के तौर पर पेश कर रहा है।

मार्च से 4,300 से ज्यादा मौतों का लेबनान का दावा

लेबनानी अधिकारियों के अनुसार, मार्च से अब तक इजराइली हमलों में 4,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह वह अवधि है जब व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष के बीच हिजबुल्लाह ने इजराइल के खिलाफ हमला शुरू किया था।

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, यह घटनाक्रम उस व्यापक अमेरिका-इजराइल और ईरान संघर्ष की पृष्ठभूमि में हुआ, जिसने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाया था।

लेबनान में इजराइली सैन्य बल अब भी एक ऐसे सुरक्षा क्षेत्र के भीतर सक्रिय हैं, जिसे इजराइल ने स्वयं घोषित किया है। यह क्षेत्र लेबनानी सीमा के अंदर करीब 10 किलोमीटर तक फैला हुआ बताया गया है।

इस सैन्य मौजूदगी को लेकर लेबनान लगातार चिंता जताता रहा है और दक्षिणी इलाकों में सैन्य गतिविधियों को अपनी संप्रभुता के लिए चुनौती के रूप में देखता है।

युद्धविराम के बावजूद जारी हैं हमले

हाल के महीनों में इजराइल और लेबनान के बीच संघर्ष की तीव्रता में कुछ कमी आई है। जून में अमेरिका और ईरान के बीच बनी समझ के बाद क्षेत्र में हमलों में कमी आने की बात कही गई थी।

इसके बाद इजराइल और लेबनान के बीच एक रूपरेखा समझौता भी हुआ। इसके बावजूद बेरूत की ओर से दक्षिणी लेबनान में इजराइली हवाई हमलों, तोपखाने की गोलीबारी और इमारतों को गिराए जाने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।

रविवार के हमले इसी संवेदनशील स्थिति के बीच हुए हैं। इससे युद्धविराम व्यवस्था की स्थिरता और दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा स्थिति को लेकर नई चिंता पैदा हुई है।

इजराइल सैनिकों को सीमा के और करीब ले जाने पर विचार कर रहा

इस बीच, रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इजराइल अपने सैनिकों को लेबनान की सीमा के और करीब ले जाने पर विचार कर रहा है।

अगर ऐसा कदम उठाया जाता है, तो इससे दक्षिणी लेबनान में पहले से मौजूद तनाव और बढ़ सकता है। क्षेत्र में इजराइली सैनिकों की मौजूदगी और हिजबुल्लाह की गतिविधियों के बीच किसी भी तरह की सैन्य हलचल से युद्धविराम पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

हालांकि, सैनिकों की तैनाती में किसी संभावित बदलाव को लेकर उपलब्ध जानकारी को रिपोर्ट के तौर पर ही देखा जा रहा है।

लेबनान के प्रधानमंत्री ने कतर से की बातचीत

तनाव के बीच लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल थानी के साथ बातचीत की।

कतर दक्षिणी लेबनान में बढ़ते तनाव को कम करने के प्रयासों में भूमिका निभा रहा है। दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच बातचीत ऐसे समय में हुई, जब क्षेत्र में संघर्ष को रोकने और मौजूदा युद्धविराम व्यवस्था को बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं।

कतर की ओर से तनाव कम करने और संबंधित पक्षों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। क्षेत्रीय कूटनीति के स्तर पर यह प्रयास इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि लेबनान में जमीनी हालात और इजराइल की सैन्य कार्रवाई के बीच किसी स्थायी समाधान तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

दक्षिणी लेबनान में नागरिकों की चिंता बढ़ी

लगातार हमलों के कारण दक्षिणी लेबनान के नागरिकों की सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है। कई इलाकों में आवासीय और ऐतिहासिक इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।

अरब सलीम में दो महिलाओं की मौत और छह लोगों के घायल होने की घटना ने एक बार फिर नागरिकों पर पड़ने वाले संघर्ष के प्रभाव को सामने ला दिया है। नबातियेह में ऐतिहासिक इमारत के नष्ट होने की सूचना भी क्षेत्र की विरासत पर पड़ रहे असर को दर्शाती है।

कफर रेमान में पूर्व मेयर के घर के नष्ट होने की जानकारी भी सामने आई है। इन घटनाओं के बीच दक्षिणी लेबनान के निवासियों के लिए सुरक्षा और सामान्य जीवन की बहाली बड़ी चुनौती बनी हुई है।

युद्धविराम की स्थिरता पर बढ़ा दबाव

इजराइल और लेबनान के बीच मौजूदा स्थिति यह दिखाती है कि सैन्य गतिविधियों में कमी के बावजूद संघर्ष पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। हिजबुल्लाह की ओर से ड्रोन गतिविधि के आरोप और उसके जवाब में इजराइली हमले तनाव को फिर बढ़ा रहे हैं।

इजराइल अपनी कार्रवाई को सुरक्षा और हिजबुल्लाह की गतिविधियों की प्रतिक्रिया के रूप में देखता है, जबकि लेबनानी अधिकारी इजराइली हमलों को युद्धविराम के बावजूद जारी सैन्य कार्रवाई के तौर पर देख रहे हैं।

दक्षिणी लेबनान में रविवार के हमले ऐसे समय हुए हैं, जब क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम करने के प्रयास चल रहे हैं। लेबनान और कतर के बीच बातचीत तथा संभावित सैन्य तैनाती में बदलाव की खबरें आने वाले दिनों में क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति के लिए महत्वपूर्ण हो सकती हैं।

फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती युद्धविराम को कायम रखना, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और इजराइल तथा हिजबुल्लाह के बीच दोबारा व्यापक संघर्ष की स्थिति बनने से रोकना है।

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