पूर्व विश्व नंबर-4 जैक ड्रेपर ने सर्विंग आर्म में बोन ब्रूजिंग के कारण मौजूदा सीजन में नहीं खेलने का फैसला किया है। 24 वर्षीय ब्रिटिश खिलाड़ी अगले साल की शुरुआत में वापसी की तैयारी कर रहे हैं और फिलहाल रिकवरी पर ध्यान दे रहे हैं।
स्पोर्ट्स न्यूज़: पूर्व विश्व नंबर-4 टेनिस खिलाड़ी जैक ड्रेपर ने मौजूदा सीजन में दोबारा कोर्ट पर नहीं उतरने का फैसला किया है। 24 वर्षीय ब्रिटिश खिलाड़ी सर्विंग आर्म में बोन ब्रूजिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। ड्रेपर का लक्ष्य अगले साल की शुरुआत में टूर पर वापसी करना है। ड्रेपर ने सोशल मीडिया पर बताया कि वह फिलहाल आराम और रिकवरी पर ध्यान दे रहे हैं, ताकि जब दोबारा प्रतिस्पर्धी टेनिस में लौटें तो पूरी तरह फिट होकर खेल सकें। चोट के कारण उनका पिछले एक साल का कार्यक्रम भी काफी प्रभावित हुआ है।
चोट के कारण सीमित रहा सीजन
ड्रेपर ने पिछले साल विंबलडन के बाद से अब तक केवल नौ टूर्नामेंट खेले हैं। सर्विंग आर्म में बोन ब्रूजिंग की समस्या के कारण उन्हें लगातार शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने पिछले महीने मॉन्ट्रियल और सिनसिनाटी में वापसी की कोशिश की थी, लेकिन दोनों टूर्नामेंट में पहले दौर में हार गए। मॉन्ट्रियल में फ्रांस के टेरेंस एटमेन के खिलाफ हार के दौरान ड्रेपर भावुक भी नजर आए थे।
इसके बाद वह यूएस ओपन में हिस्सा नहीं ले सके। लगातार चोट और दर्द के बीच उन्होंने अब पूरे मौजूदा सीजन से हटने का निर्णय लिया है।
ड्रेपर ने कहा कि वह इस समय को खुद को रीसेट करने और ठीक होने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। उनका उद्देश्य कोर्ट पर लौटने से पहले यह सुनिश्चित करना है कि चोट उनकी क्षमता को प्रभावित न करे।
ड्रेपर बोले- पूरी तरह तैयार होकर लौटना चाहता हूं
ड्रेपर के मुताबिक, टेनिस उनके लिए उद्देश्य और जुनून दोनों है। इसलिए वह जल्दबाजी में वापसी करने के बजाय पूरी तरह तैयार होने के बाद प्रतिस्पर्धी टेनिस में लौटना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि कोर्ट पर दोबारा उतरते समय वह यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कोई भी शारीरिक परेशानी उन्हें अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने से न रोके।
पिछले साल ड्रेपर के करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहे थे। उन्होंने इंडियन वेल्स में अपना पहला ATP Masters 1000 खिताब जीता था। इसके बाद मैड्रिड में एक अन्य Masters 1000 टूर्नामेंट में उपविजेता रहे।
इन प्रदर्शन के बाद जून में ड्रेपर पहली बार विश्व रैंकिंग में नंबर-4 तक पहुंचे थे।
नंबर-4 से अब 155वीं रैंकिंग पर पहुंचे
चोट के कारण लंबे समय तक नियमित रूप से नहीं खेल पाने का असर उनकी रैंकिंग पर भी पड़ा है। ड्रेपर इस समय विश्व रैंकिंग में 155वें स्थान पर हैं।
जनवरी में वापसी करने पर उन्हें प्रोटेक्टेड रैंकिंग का लाभ नहीं मिलेगा। ATP नियमों के तहत खिलाड़ी को अपनी पिछली रैंकिंग सुरक्षित रखने के लिए छह महीने से अधिक समय तक टूर से बाहर रहना जरूरी होता है।
इसका मतलब है कि वापसी के बाद ड्रेपर को बड़े टूर्नामेंटों में सीधे प्रवेश के लिए वाइल्ड कार्ड हासिल करने या क्वालिफाइंग मुकाबलों से गुजरने की जरूरत पड़ सकती है।
ग्रैंड स्लैम और ATP टूर टूर्नामेंटों में उनकी एंट्री उनकी उस समय की रैंकिंग, वाइल्ड कार्ड और क्वालिफिकेशन के जरिए तय होगी।
हालांकि, ड्रेपर के लिए फिलहाल रैंकिंग से ज्यादा महत्वपूर्ण बिना दर्द के कोर्ट पर लौटना है। उनके सामने प्राथमिक लक्ष्य अपनी शारीरिक स्थिति को स्थिर करना और फिर धीरे-धीरे प्रतिस्पर्धी स्तर पर वापसी करना है।
चोट ने बदली करियर की रफ्तार
ड्रेपर ने कहा कि पिछले साल उनके करियर में चीजें तेजी से सही दिशा में आगे बढ़ रही थीं। लंबे समय की मेहनत और समर्पण का परिणाम उन्हें मिल रहा था और उन्हें अपने करियर का रास्ता स्पष्ट नजर आ रहा था।
लेकिन जटिल चोट ने उनकी प्रगति को प्रभावित किया। इसके बाद उन्होंने कोर्ट पर पहले जैसी स्थिति में लौटने की लगातार कोशिश की।
ड्रेपर के अनुसार, चोट, दर्द और लगातार बदलावों से निपटने के अनुभव ने उन्हें जीवन के कई पहलुओं में मजबूत बनाया है। हालांकि, इस पूरे दौर ने उन्हें काफी थकान भी महसूस कराई।
यह बयान बताता है कि उनकी मौजूदा प्राथमिकता केवल जल्द से जल्द प्रतियोगिता में लौटना नहीं, बल्कि लंबे समय तक खेलने के लिए बेहतर शारीरिक स्थिति हासिल करना है।
दोस्तों के साथ छुट्टी लेकर लिया मानसिक ब्रेक
पिछले कुछ हफ्तों में ड्रेपर ने दोस्तों के साथ छुट्टी बिताई। इस दौरान उन्होंने टेनिस से मानसिक दूरी बनाने और रिकवरी पर ध्यान देने की कोशिश की।
उनकी टीम अब चोट के मुख्य कारणों को समझने और सर्विंग आर्म पर पड़ रहे दबाव को कम करने के तरीकों पर काम कर रही है। आने वाले कुछ हफ्तों में वह धीरे-धीरे ट्रेनिंग शुरू कर सकते हैं।
उनकी वापसी का कार्यक्रम अभी अंतिम रूप से तय नहीं किया गया है। टीम इस बात का आकलन करेगी कि चोट किस गति से ठीक हो रही है और किस स्तर का अभ्यास उनके लिए सुरक्षित रहेगा।
रैकेट और सर्व में भी बदलाव
ड्रेपर की टीम ने उनकी खेल तकनीक और उपकरणों में भी कुछ बदलाव शुरू किए हैं। पहले वह पॉलिएस्टर स्ट्रिंग्स का इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब वह नेचुरल गट स्ट्रिंग्स के साथ प्रयोग कर रहे हैं।
नेचुरल गट स्ट्रिंग्स का इस्तेमाल करने का उद्देश्य उनके हाथ और बांह पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है। इसके साथ ही उन्होंने हल्के रैकेट का इस्तेमाल भी शुरू किया है।
सर्विस तकनीक में भी बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि सर्व करते समय उनकी बांह पर पड़ने वाला भार कम किया जा सके। उनकी टीम डाइट की भी समीक्षा कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रिकवरी से जुड़ा कोई अन्य कारक उनकी चोट में योगदान तो नहीं दे रहा।
एंडी मरे कोचिंग टीम का हिस्सा रहेंगे
पूर्व ब्रिटिश ग्रैंड स्लैम चैंपियन एंडी मरे अभी भी ड्रेपर की कोचिंग टीम का हिस्सा हैं। हालांकि, मरे पूरे साल लगातार उनके साथ टूर पर नहीं रहेंगे और सीमित संख्या में हफ्तों तक ही टीम के साथ यात्रा करेंगे।
ड्रेपर को हाल के महीनों में LTA कोच जेम्स ट्रॉटमैन और एलेक्स लिस्की से भी मदद मिली है। ट्रॉटमैन पहले उस समय ड्रेपर के साथ पूर्णकालिक रूप से काम कर चुके हैं, जब वह विश्व के शीर्ष पांच खिलाड़ियों में पहुंचे थे।
ड्रेपर के टूर पर लौटने के बाद मरे के साथ काम करने के लिए एक स्थायी कोच की जरूरत पड़ सकती है। उनकी टीम कोचिंग व्यवस्था और ट्रेनिंग कार्यक्रम को उनकी शारीरिक स्थिति के अनुसार तय करेगी।
वापसी के बाद कार्यक्रम पर रहेगा विशेष ध्यान
ड्रेपर की वापसी के बाद उनका टूर्नामेंट कार्यक्रम भी सावधानी से तैयार किया जाएगा। इसका एक कारण यह है कि जनवरी तक उनकी बोन ब्रूजिंग पूरी तरह ठीक हो पाएगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
इसके अलावा आधुनिक टेनिस के लंबे और व्यस्त कार्यक्रम का खिलाड़ियों के शरीर पर पड़ने वाला असर भी चर्चा का विषय रहा है। शीर्ष स्तर के खिलाड़ियों के लिए लगातार टूर्नामेंट, यात्रा और उच्च-तीव्रता वाले मुकाबले शारीरिक चुनौती पेश करते हैं।
ऐसे में ड्रेपर की टीम उनकी वापसी के बाद टूर्नामेंटों की संख्या, अभ्यास की तीव्रता और यात्रा कार्यक्रम को उनकी रिकवरी के अनुरूप रखने पर ध्यान देगी।
फिलहाल ड्रेपर ने मौजूदा सीजन को खत्म मानते हुए अगले साल की शुरुआत में वापसी का लक्ष्य रखा है। उनका अगला चरण चोट से उबरने, धीरे-धीरे ट्रेनिंग शुरू करने और प्रतिस्पर्धी टेनिस के लिए खुद को तैयार करने का होगा।











