जैसलमेर के रीको शिल्पग्राम में बीड़ी पीते हुए सो रहे मजदूर की रजाई में चिंगारी से आग लग गई। आग और धुएं की चपेट में आने से मजदूर की मौत हो गई। पुलिस ने जांच कर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।
Rajasthan: हादसा जैसलमेर शहर के रीको शिल्पग्राम क्षेत्र में शनिवार रात हुआ। यहां एक निर्माणाधीन फैक्ट्री परिसर में मजदूरों के रहने के लिए कमरे बने हुए हैं। इन्हीं कमरों में आगरा निवासी दीवानाराम (46) भी सो रहा था।
कोतवाली थाना प्रभारी सुरजाराम जाखड़ ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि दीवानाराम रात में बीड़ी पीते हुए सो गया था। नींद के दौरान बीड़ी की चिंगारी उसकी रजाई पर गिर गई, जिससे धीरे-धीरे आग फैल गई।
धुएं से भर गया कमरा
आग लगने के बाद कमरे में धीरे-धीरे धुआं भरता चला गया। गहरी नींद में होने के कारण दीवानाराम को इसका अहसास नहीं हुआ। आग और धुएं की चपेट में आने से वह बाहर निकल नहीं सका।

पुलिस के अनुसार आग में झुलसने और दम घुटने से दीवानाराम की उसी कमरे में मौत हो गई। कमरे में रखा बिस्तर और कुछ अन्य सामान भी पूरी तरह जल गया।
सुबह साथियों ने देखा दिल दहला देने वाला दृश्य
रविवार सुबह जब दीवानाराम काफी देर तक काम पर नहीं पहुंचा, तो उसके साथी मजदूर उसे बुलाने उसके कमरे तक पहुंचे। दरवाजा खोलते ही कमरे से धुएं और जले हुए सामान की तेज बदबू आने लगी।
अंदर देखा तो दीवानाराम का शव जली हुई अवस्था में पड़ा था। यह दृश्य देखकर मजदूर घबरा गए और तुरंत ठेकेदार को सूचना दी। इसके बाद पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई।
पुलिस जांच
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने कमरे से जरूरी साक्ष्य जुटाए और शव को जवाहिर अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। पुलिस ने मृतक के भाई को घटना की जानकारी दे दी है, जो इसी क्षेत्र में मजदूरी करता है।
परिजनों के जैसलमेर पहुंचने के बाद सोमवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस ने फिलहाल मामले में कोई आपराधिक पहलू नहीं पाया है और इसे हादसा माना जा रहा है।











