अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अमेरिका-ईरान संघर्ष को युद्ध नहीं बताया। उनके बयान के बीच ईरान ने कुवैत स्थित अमेरिकी बेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। कुवैत ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने इन हमलों को रोक दिया।
वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव को लेकर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसे युद्ध मानने से इनकार किया है। वेंस का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया है और ईरान ने कुवैत स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाते हुए रातभर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
वेंस ने कहा कि मौजूदा स्थिति को वे युद्ध के रूप में वर्गीकृत नहीं करेंगे। उनके मुताबिक, अमेरिका की ओर से प्रमुख सैन्य अभियान सीमित अवधि तक चला है, हालांकि अलग-अलग स्थानों पर संघर्ष फिर भड़कता रहा है। दूसरी ओर, ईरान के हमलों और रणनीतिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर उसके नियंत्रण ने क्षेत्रीय तनाव को गंभीर बनाए रखा है।
जेडी वेंस ने संघर्ष को युद्ध मानने से किया इनकार
व्हाइट हाउस की ब्रीफिंग में जेडी वेंस से पूछा गया कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों तक खत्म हो जाएगा। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि वह इसे युद्ध नहीं कहेंगे और फिलहाल कोई सक्रिय गोलीबारी नहीं हो रही है।
वेंस ने हालांकि यह भी स्वीकार किया कि कुछ स्थानों पर संघर्ष फिर भड़का है। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू किए जाने के बाद प्रमुख सैन्य अभियान करीब छह सप्ताह तक चला।
उन्होंने यह भी कहा कि संघर्ष कब समाप्त होगा, इसका जवाब उनके पास नहीं है। वेंस के मुताबिक, यदि सवाल यह है कि ईरान कब जहाजों पर गोलीबारी करना बंद करेगा, तो इस सवाल का जवाब ईरान से ही पूछा जाना चाहिए।
ईरान का कुवैत स्थित अमेरिकी बेस पर हमला
वेंस के बयान के बीच ईरान ने रातभर कुवैत में स्थित एक अमेरिकी बेस को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया। यह हमला पिछले एक महीने से अधिक समय में संघर्ष के सबसे बड़े सैन्य उभार के बाद हुआ।
कुवैत की सेना ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने मिसाइलों और ड्रोन को रोक दिया। इसके बाद स्थिति में अपेक्षाकृत कमी आती दिखाई दी और दोनों पक्षों की ओर से किसी अन्य बड़े हमले की सूचना सामने नहीं आई।
हालांकि, कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हमला इस बात का संकेत है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। हाल के सप्ताहों में अपेक्षाकृत शांति के बाद रविवार को स्थानीय समय के अनुसार अमेरिकी हमलों के साथ नए सिरे से संघर्ष शुरू हुआ था।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बना दबाव
अमेरिका-ईरान तनाव का एक प्रमुख केंद्र रणनीतिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना हुआ है। ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अपना दबाव बनाए हुए है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए यह क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या जहाजों की आवाजाही में बाधा का असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहता। इसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकता है।
![]()
इसी वजह से क्षेत्र में किसी भी नए सैन्य घटनाक्रम पर अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ-साथ दुनिया के अन्य देश भी करीबी नजर रख रहे हैं।
शादी समारोह पर हमले की भी जांच
जेडी वेंस ने दक्षिणी ईरान में एक शादी समारोह पर हुए कथित हमले का भी उल्लेख किया। रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना में पांच लोगों की मौत हुई है। वेंस ने कहा कि अमेरिका इस हमले की जांच कर रहा है।
हालांकि, उन्होंने ईरानी मीडिया में इस घटना को लेकर किए गए दावों पर संदेह जताया। इस प्रकार, अमेरिकी प्रशासन ने घटना की स्वतंत्र जांच किए जाने की बात कही है, जबकि मृतकों की संख्या और हमले की परिस्थितियों से संबंधित दावों को लेकर अभी स्पष्टता आवश्यक है।
इस मामले में अमेरिका की जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
ट्रंप प्रशासन संघर्ष से बाहर निकलने की कोशिश में
वेंस का बयान ऐसे समय आया है जब संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के लिए लंबे समय से चल रहे इस संघर्ष को सीमित करने की कोशिश कर रहे हैं।
संघर्ष ने अमेरिकी प्रशासन के सामने सैन्य और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर चुनौती पैदा की है। एक ओर अमेरिका ईरान की सैन्य गतिविधियों और समुद्री क्षेत्र में उसके कदमों पर दबाव बनाए रखना चाहता है, वहीं दूसरी ओर लंबे समय तक चलने वाले सैन्य टकराव से पैदा होने वाले क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभावों को भी सीमित करना उसके लिए महत्वपूर्ण है।
वेंस के बयान से यह संकेत मिलता है कि अमेरिकी प्रशासन मौजूदा स्थिति को पूर्ण युद्ध के बजाय सीमित सैन्य टकराव के रूप में पेश करना चाहता है। हालांकि, ईरान की ओर से लगातार जारी सैन्य गतिविधियां स्थिति को पूरी तरह सामान्य होने से रोक रही हैं।
संघर्ष की अवधि और आगे की स्थिति पर अनिश्चितता
वेंस ने संघर्ष की समाप्ति के लिए कोई निश्चित समयसीमा देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इस सवाल का जवाब ईरान की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है जब हालिया घटनाक्रम ने यह दिखाया है कि कुछ सप्ताह की शांति के बाद भी क्षेत्र में अचानक सैन्य टकराव फिर शुरू हो सकता है। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की ओर से कुवैत स्थित अमेरिकी बेस पर मिसाइल और ड्रोन हमला इसका ताजा उदाहरण है।
फिलहाल कुवैत की वायु रक्षा द्वारा हमलों को रोकने के बाद बड़े स्तर पर नए हमलों की सूचना नहीं है। इसके बावजूद अमेरिका-ईरान तनाव खत्म होने के संकेत स्पष्ट नहीं हैं।
वैश्विक प्रभाव पर बनी रहेगी नजर
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष का अगला चरण केवल दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित नहीं करेगा, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर भी असर डाल सकता है। विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजारों पर दबाव की आशंका बनी हुई है।
ऐसे में अमेरिकी प्रशासन की अगली रणनीति, ईरान की सैन्य प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय सहयोगियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। जेडी वेंस ने संघर्ष को युद्ध नहीं बताया है, लेकिन जमीन और समुद्र पर जारी सैन्य गतिविधियां यह बताती हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।









