लग्जरी छोड़ ‘देसी अंदाज़’: JDU विधायक बैलगाड़ी पर सवार, 10KM तक दूल्हे संग निकली अनोखी बारात

JDU विधायक ने लग्जरी गाड़ी छोड़ बैलगाड़ी से 10KM तक बारात में सफर किया। बेगूसराय से समस्तीपुर तक निकली अनोखी देसी बारात।
लग्जरी छोड़ ‘देसी अंदाज़’: JDU विधायक बैलगाड़ी पर सवार, 10KM तक दूल्हे संग निकली अनोखी बारात
Photo Credit / Attribution: Google

पटना-बिहार में एक अनोखी और दिलचस्प बारात ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया, जब एक जेडीयू विधायक ने लग्जरी गाड़ियों को छोड़कर पारंपरिक अंदाज में बैलगाड़ी की सवारी की। यह अनोखी ‘देसी बारात’ बेगूसराय से समस्तीपुर तक निकाली गई, जिसने हर किसी को आकर्षित कर लिया।

जानकारी के अनुसार, विधायक खुद बैलगाड़ी पर सवार होकर दूल्हे के साथ बारात में शामिल हुए और करीब 10 किलोमीटर तक इसी पारंपरिक सवारी से सफर किया। इस दौरान पूरे रास्ते बारातियों ने नाच-गाना किया और उत्साह का माहौल बना रहा।

बारात का यह देसी अंदाज लोगों को खूब पसंद आया। रास्ते में जहां-जहां से यह बारात गुजरी, वहां लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीण इलाकों में इस तरह की पारंपरिक बारात ने पुराने समय की यादें ताजा कर दीं, जब बैलगाड़ी ही मुख्य परिवहन का साधन हुआ करती थी।

दूल्हे को सजी-धजी बैलगाड़ी पर बैठाया गया था, जिसे फूलों और रंग-बिरंगे कपड़ों से सजाया गया था। बारात में शामिल लोग ढोल-नगाड़ों की धुन पर जमकर थिरकते नजर आए। पूरा माहौल एक उत्सव की तरह दिखाई दे रहा था।

विधायक के इस कदम को लोग परंपरा और सादगी से जुड़ा एक सकारात्मक संदेश मान रहे हैं। उनका कहना है कि आधुनिकता के दौर में भी अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखना बेहद जरूरी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की बारात आज के समय में कम ही देखने को मिलती है, इसलिए यह आयोजन खास बन गया। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इस बारात को देखने के लिए उत्साहित नजर आए।

इस अनोखी बारात ने यह साबित कर दिया कि भले ही समय बदल गया हो, लेकिन ग्रामीण संस्कृति और परंपराओं की जड़ें आज भी मजबूत हैं।

कुल मिलाकर, बेगूसराय से समस्तीपुर तक निकली यह ‘देसी बारात’ सिर्फ एक शादी समारोह नहीं, बल्कि संस्कृति, सादगी और परंपरा का जीवंत उदाहरण बन गई, जिसने हर किसी के चेहरे पर मुस्कान ला दी।

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