मणिपुर में तनाव बढ़ा: प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प, आंसू गैस का इस्तेमाल

मणिपुर मे मशाल रैली रोकने पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों में झड़प हुई। आंसू गैस छोड़ी गई, कई घायल हुए। हालिया हिंसा मामले में 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

मणिपुर के इम्फाल में समेत कई इलाकों में मशाल रैली रोकने पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों में झड़प हुई। आंसू गैस छोड़ी गई, कई लोग घायल हुए। हालिया हिंसा मामले में 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

इम्फाल: पूर्वोत्तर भारत के Manipur में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। राज्य में जारी शटडाउन के बीच रविवार रात कई जिलों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प की घटनाएं सामने आईं। Imphal पूर्व के कोईरेंगेई, इंफाल पश्चिम के उरिपोक और कक्चिंग जिले में बड़ी संख्या में लोगों ने मशाल रैलियां निकालीं।

कक्चिंग में स्थिति सबसे अधिक गंभीर हो गई, जहां प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच सीधा टकराव हुआ। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस, स्मोक बम और स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल करना पड़ा।

पथराव और जवाबी कार्रवाई में कई घायल

प्रदर्शन के दौरान कुछ समूहों ने सुरक्षाबलों पर पथराव किया, जिसके बाद हालात और बिगड़ गए। झड़प में कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है।

राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए Rapid Action Force (RAF) को भी तैनात किया गया है, ताकि संवेदनशील क्षेत्रों में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।

बम विस्फोट की घटना के बाद भड़का आक्रोश

इन प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि 6 अप्रैल को हुई एक दर्दनाक घटना है, जिसमें ट्रोंग्लाओबी आवांग लेइकाई इलाके के एक घर में बम विस्फोट हुआ था। इस हादसे में दो बच्चों की मौत हो गई थी, जिसके बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है।

प्रदर्शनकारी इस घटना के दोषियों की गिरफ्तारी और न्याय की मांग कर रहे हैं। मशाल रैलियों को इसी विरोध का हिस्सा बताया जा रहा है।

पुलिस का दावा: रैलियों की आड़ में हिंसा

Shivkant Singh, जो इंफाल वेस्ट के पुलिस अधीक्षक हैं, ने कहा कि हाल के प्रदर्शनों में कुछ असामाजिक तत्व शामिल हो गए हैं, जो रैलियों की आड़ में सुरक्षाबलों पर हमला कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि हमलों में लोहे के प्रोजेक्टाइल, गुलेल, पत्थर और पेट्रोल बम का इस्तेमाल किया गया। कुछ प्रदर्शनकारियों के नशे में होने की भी पुष्टि हुई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हालिया हिंसा में 21 लोग गिरफ्तार

पुलिस ने 18 अप्रैल को इंफाल-जिरीबाम रोड पर पातसोई से सगोलबंद के बीच निकाली गई एक मशाल रैली के दौरान हुई हिंसा के मामले में 21 लोगों को गिरफ्तार किया है।

इस घटना में भीड़ द्वारा पथराव, पेट्रोल बम और गुलेल का इस्तेमाल किया गया था, जिससे कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। Central Reserve Police Force (CRPF) की 232वीं बटालियन के तीन जवान गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।

गिरफ्तार किए गए लोगों में सगोलबंद, तेरा, उरिपोक, ब्रह्मापुर, लांगथाबल और अन्य क्षेत्रों के निवासी शामिल हैं।

लगातार बंद से प्रभावित जनजीवन

राज्य में स्थिति को देखते हुए विभिन्न संगठनों ने बंद और शटडाउन का आह्वान किया है। Meira Paibi संगठन ने बम विस्फोट के आरोपियों की 25 अप्रैल तक गिरफ्तारी की मांग की है।

इसके अलावा, घाटी क्षेत्रों में पांच दिन का पूर्ण शटडाउन जारी है, जबकि नागा-बहुल इलाकों में अलग से तीन दिन का बंद बुलाया गया है। बाजार और व्यापारिक गतिविधियां ठप होने से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

सुरक्षा और शांति बहाली की चुनौती

मणिपुर में लगातार बढ़ते तनाव के बीच प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती शांति और कानून-व्यवस्था को बनाए रखना है। सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी कड़ी कर दी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में संवाद और विश्वास बहाली के प्रयास जरूरी होते हैं, ताकि हिंसा की घटनाओं को रोका जा सके और स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकें।

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