JEE Main 2026 की पहली शिफ्ट में फिजिक्स और मैथ्स कठिन रहे, जबकि केमिस्ट्री आसान और स्कोरिंग साबित हुई। एक्सपर्ट्स के अनुसार पेपर मीडियम लेवल का था और कॉन्सेप्ट की समझ पर ज्यादा जोर दिया गया।
स्टूडेंट्स का फीडबैक: फिजिक्स-मैथ्स ने बढ़ाई परेशानी
JEE Main 2026 सेशन-1 की पहली शिफ्ट में शामिल हुए ज्यादातर छात्रों ने पेपर को कठिन बताया है। छात्रों का कहना है कि इस बार फिजिक्स और मैथ्स के सवाल सीधे न होकर कॉन्सेप्ट आधारित थे, जिनमें काफी सोच और समय लगा।
उम्मीदवार राहुल गुप्ता ने बताया कि फिजिक्स और मैथ्स दोनों ही सेक्शन काफी कठिन थे। वे आधे से भी कम सवाल हल कर पाए। उनके मुताबिक, दोनों सेक्शन JEE Advanced के स्तर जैसे महसूस हुए, जबकि केमिस्ट्री तुलनात्मक रूप से आसान थी और उसमें अच्छे अंक आने की उम्मीद है।
एक अन्य छात्र नमित सिंह ने कहा कि पेपर लंबा था और समय की कमी महसूस हुई। उन्होंने बताया कि केमिस्ट्री सेक्शन स्कोरिंग रहा, लेकिन फिजिक्स और मैथ्स के सवाल JEE Main के सामान्य स्तर से ज्यादा कठिन थे।
एक्सपर्ट एनालिसिस: गणित सबसे ज्यादा समय लेने वाला

शिक्षा विशेषज्ञों ने भी पहली शिफ्ट के पेपर को आसान नहीं माना है। शिक्षा नेशन के CEO और फाउंडर सौरभ कुमार के अनुसार, फिजिक्स सेक्शन में गहरी कॉन्सेप्चुअल समझ की जरूरत थी। सवाल लंबे थे और सीधे फार्मूला आधारित नहीं थे।
गणित को इस शिफ्ट का सबसे कठिन सेक्शन बताया गया। इसमें कैलकुलेशन ज्यादा थी और सवालों को हल करने में काफी समय लगा। यह सेक्शन छात्रों की प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स को अच्छे से परखता नजर आया।
केमिस्ट्री को एक्सपर्ट्स ने सबसे आसान और स्कोरिंग सेक्शन बताया। अधिकतर सवाल NCERT आधारित और मेमोरी-बेस्ड थे, जिन्हें कम समय में हल किया जा सकता था।
ओवरऑल डिफिकल्टी लेवल
ओसवाल बुक्स के CEO प्रशांत जैन के अनुसार, कुल मिलाकर पेपर का डिफिकल्टी लेवल मीडियम रहा। मैथ्स सबसे ज्यादा समय लेने वाला सेक्शन रहा, जबकि फिजिक्स में कॉन्सेप्ट और एप्लीकेशन पर फोकस था। केमिस्ट्री पूरी तरह NCERT पर आधारित रही, जिससे यह सबसे ज्यादा स्कोरिंग बन गई।
उन्होंने सलाह दी कि आने वाली शिफ्ट्स में बैठने वाले छात्र पिछले पेपर के एनालिसिस से घबराएं नहीं। शांत रहकर मुख्य कॉन्सेप्ट्स पर ध्यान दें, समय का सही मैनेजमेंट करें और ज्यादा सवाल करने के बजाय सही सवालों पर फोकस करें।










