चतरा-हजारीबाग रोड पर तेज रफ्तार कोयला लदा हाइवा डिवाइडर से टकराकर पलट गया। हादसे में राहगीर बाल-बाल बच गए। सड़क पर कोयला बिखरने से यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने लापरवाह चालकों पर सख्ती और विशेष चेकिंग अभियान चलाने की चेतावनी दी।
चतरा: झारखंड के चतरा जिले में सोमवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जब तेज रफ्तार से जा रहा कोयला लदा हाइवा ट्रक अनियंत्रित होकर पुल के डिवाइडर से टकरा गया और सड़क पर पलट गया। हादसा गिद्धौर थाना क्षेत्र के बांय मोड़ स्थित कर्माटांड़ पुल के पास हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई और कई लोग बाल-बाल बच गए।
तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हाइवा चट्टी बारियातु कोलियरी से कोयला लेकर हजारीबाग जिले के कटकमसांडी क्षेत्र की ओर जा रहा था। सुबह करीब साढ़े आठ बजे जब वाहन कर्माटांड़ पुल के पास पहुंचा, तब चालक ने नियंत्रण खो दिया।
तेज गति में चल रहे वाहन ने पहले पुल के कंक्रीट डिवाइडर को जोरदार टक्कर मारी और फिर सड़क पर पलट गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और कोयला सड़क पर फैल गया।
पुल से नीचे गिरता तो हो सकता था बड़ा हादसा
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हाइवा डिवाइडर तोड़कर पुल के नीचे गिर जाता, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। हादसे के समय पुल से कई वाहन और राहगीर गुजर रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ दोपहिया वाहन चालक ट्रक की चपेट में आने से कुछ सेकंड के अंतर से बच गए। लोगों ने इसे “मौत को बेहद करीब से देखने” जैसा अनुभव बताया।
सड़क पर बिखरा कोयला, यातायात बाधित
हादसे के बाद ट्रक में लदा कोयला सड़क पर बिखर गया, जिससे दोनों दिशाओं में यातायात प्रभावित हो गया। कुछ समय के लिए सड़क पर लंबा जाम लग गया और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया। बाद में क्रेन की मदद से पलटे हुए हाइवा को हटाया गया और सड़क को साफ कराया गया।

चालक को आई मामूली चोटें
दुर्घटना में ट्रक चालक को हल्की चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उसे वाहन से बाहर निकाला गया। बाद में प्राथमिक उपचार के लिए उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, चालक की हालत फिलहाल स्थिर है और मामले की जांच जारी है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही गिद्धौर थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वाहन ओवरलोड था या नहीं और चालक ने सुरक्षा नियमों का पालन किया था या नहीं।
बढ़ते सड़क हादसों पर प्रशासन की चिंता
चतरा और आसपास के इलाकों में कोयला परिवहन करने वाले भारी वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्थानीय लोग लंबे समय से आरोप लगाते रहे हैं कि कई हाइवा ट्रक तेज गति और लापरवाही से चलाए जाते हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा बना रहता है।
इस ताजा घटना के बाद प्रशासन ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं।
विशेष चेकिंग अभियान चलाने की घोषणा
गिद्धौर थाना प्रभारी ने कहा कि अब क्षेत्र में विशेष वाहन जांच अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में नियम तोड़ने वालों को चेतावनी दी जाएगी, लेकिन इसके बाद भी यदि लापरवाही जारी रही तो संबंधित वाहन जब्त किए जाएंगे और चालक तथा मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों में बढ़ा डर
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि कोयला ढोने वाले भारी वाहन अक्सर तेज गति में चलते हैं और कई बार सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हैं।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भारी वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं और संवेदनशील इलाकों में नियमित निगरानी की जाए।
कोयला परिवहन और सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
झारखंड के कोयला खनन क्षेत्रों में भारी वाहनों की आवाजाही आम बात है। लेकिन लगातार हो रहे हादसों ने सड़क सुरक्षा और ट्रांसपोर्ट नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कोयला परिवहन के दौरान वाहन फिटनेस, चालक प्रशिक्षण और गति नियंत्रण पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।











