झुंझुनूं में काटली नदी से 70 अवैध अतिक्रमण हटे, नदी की धारा बहाल

झुंझुनूं में काटली नदी को अतिक्रमण मुक्त किया गया। प्रशासन ने बागोली, काटलीपुरा और भड़ौंदा कलां में 70 अवैध कब्जे हटाकर नदी की प्राकृतिक धारा बहाल की। अभियान

झुंझुनूं में प्रशासन ने काटली नदी के बहाव क्षेत्र से 70 अवैध अतिक्रमण हटाए। भड़ौंदा कलां में सबसे अधिक कब्जे तोड़े गए। ग्रामीणों के सहयोग से अभियान शांतिपूर्ण रहा और नदी की प्राकृतिक धारा बहाल करने में मदद मिली।

Jhunjhunu: इस कार्रवाई के दौरान झुंझुनूं और उदयपुरवाटी तहसीलों के बागोली, काटलीपुरा और भड़ौंदा कलां गांवों में नदी के बहाव क्षेत्र में किए गए 70 अतिक्रमण हटाए गए। झुंझुनूं क्षेत्र के भड़ौंदा कलां गांव में सबसे अधिक 36 अवैध अतिक्रमण हटाए गए।

झुंझुनूं तहसीलदार महेंद्र मूंड ने बताया कि इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बगड़ थानाधिकारी हरजिंदर सिंह, नायब तहसीलदार अभिषेक मीणा सहित राजस्व विभाग और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।

उदयपुरवाटी क्षेत्र में कार्रवाई के बारे में तहसीलदार झुंडाराम कुड़ी ने कहा कि काटलीपुरा और बागोली गांवों में कुल 34 अतिक्रमण चिह्नित किए गए थे। इनमें से 20 अतिक्रमण खेती-बाड़ी की भूमि पर थे और 14 अतिक्रमण आवासीय व व्यवसायिक प्रकृति के थे।

ग्रामीणों के सहयोग से शांतिपूर्ण अभियान

तहसीलदार कुड़ी ने बताया कि सभी अतिक्रमणकारियों को पहले ही 10 दिन पहले नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद, कार्रवाई से दो दिन पहले प्रशासन ने सभी अतिक्रमणकारियों से समझाइश करवा कर अतिक्रमण स्थल खाली करवाया।

इस पहल के चलते ग्रामीण प्रशासन के सहयोग में आगे आए। उन्होंने अभियान को सफल बनाने में पूरा सहयोग किया। इसके कारण यह कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई और किसी भी तरह का विरोध नहीं हुआ।

नदी का संरक्षण सुनिश्चित

काटली नदी झुंझुनूं जिले के लिए जीवनदायिनी मानी जाती है। कई वर्षों से इस नदी के बहाव क्षेत्र में लोग अवैध निर्माण कर रहे थे। इससे नदी का प्राकृतिक मार्ग बाधित हो रहा था और बाढ़ जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ रहा था।

जिला प्रशासन ने अब इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाए। इस अभियान के माध्यम से नदी के बहाव क्षेत्र को साफ कर नदी की प्राकृतिक धारा को बहाल किया गया। इससे पर्यावरण और क्षेत्रवासियों दोनों को लाभ होगा।

अतिक्रमण हटाने से बाढ़ का खतरा कम

विशेषज्ञों का कहना है कि नदी के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने से जलजमाव, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं का खतरा कम होता है। प्रशासन की यह पहल लंबे समय से समस्या बने अवैध कब्जों को खत्म करने और नदी संरक्षण की दिशा में अहम कदम है।

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